चीन को ट्रंप की 50% टैरिफ की धमकी, कहां तेहरान की मदद की तो पड़ेगा भारी; ईरान को भी धमकाया

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है कि अगर वह ईरान को सैन्य मदद देता है तो अमेरिका 50 फीसदी तक टैरिफ लगा सकता है. यह बयान पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच आया है. साथ ही अमेरिका ने होरमुज स्ट्रेट में नौसेना तैनात करने का फैसला लिया है. ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चेतावनी दी है. Image Credit: @AI

US China Tension: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और चीन के रिश्तों पर भी असर दिखने लगा है. डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह ईरान को सैन्य मदद देता है तो उस पर भारी टैरिफ लगाया जाएगा. यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में बातचीत खत्म हुई है और कोई समझौता नहीं हो पाया है. इस पूरे घटनाक्रम से ग्लोबल मार्केट और ट्रेड पर बड़ा असर पड़ सकता है.

50 फीसदी टैरिफ की चेतावनी

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अगर चीन ईरान को हथियार या सैन्य सहायता देता है तो अमेरिका उसके सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगा सकता है. उन्होंने इसे बहुत बड़ा कदम बताया है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि चीन ऐसा नहीं करेगा. लेकिन अगर ऐसा हुआ तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा.

ईरान को लेकर ट्रंप का सख्त रुख

ट्रंप ने ईरान को लेकर भी सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका एक दिन में ईरान के एनर्जी स्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा सकता है. यह बयान साफ करता है कि अमेरिका इस मुद्दे पर कोई नरमी नहीं दिखाना चाहता. ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर पहले से ही विवाद चल रहा है. ऐसे में यह बयान हालात को और तनावपूर्ण बना सकता है.

होरमुज स्ट्रेट पर बढ़ा तनाव

अमेरिका ने होरमुज जलडमरूमध्य में अपनी नौसेना को सक्रिय करने का फैसला लिया है. ट्रंप ने आदेश दिया है कि इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर नजर रखी जाए. यह क्षेत्र दुनिया के लिए तेल और गैस सप्लाई का अहम मार्ग है. यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर वैश्विक बाजार पर पड़ सकता है. इस कदम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है.

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ग्लोबल ट्रेड और मार्केट पर असर

इस पूरे घटनाक्रम का असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ सकता है. तेल की सप्लाई प्रभावित होने से कीमतों में उछाल आ सकता है. साथ ही अमेरिका और चीन के बीच व्यापार तनाव बढ़ने की संभावना है. निवेशकों के लिए यह स्थिति चिंता का कारण बन सकती है.

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