ग्रीनलैंड पर दावोस में ट्रंप बोले- हम बर्फ का टुकड़ा चाहते हैं, ‘आप हां कहेंगे तो आभारी रहेंगे… ना पर हमें ये याद रहेगा’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में कहा कि देश अमेरिकी प्रस्तावों पर हां या ना कह सकते हैं, लेकिन चेतावनी दी कि वॉशिंगटन उनके जवाब को याद रखेगा. भाषण की शुरुआत एक ताने से करते हुए उन्होंने कहा कि वह खूबसूरत दावोस में आकर खुश हैं. जहां इतने सारे बिजनेस लीडर, इतने सारे दोस्त और कुछ दुश्मन हैं.
स्विट्जरलैंड के दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में एक बहुप्रतीक्षित भाषण देते हुए, जब दुनिया ‘अमेरिका फर्स्ट’ की बयानबाजी और ग्रीनलैंड पर अपनी बात पर अड़े रहने की एक और खुराक के लिए तैयार थी, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को निराश नहीं किया. ग्रीनलैंड को ‘हमारा इलाका’ बताते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका उस देश को चाहता है, लेकिन उसे हासिल करने के लिए ताकत का इस्तेमाल नहीं करेगा. साथ ही, उन्होंने एक छिपी हुई धमकी भी दी. उन्होंने कहा, ‘आप हां कह सकते हैं और हम बहुत आभारी होंगे, या आप ना कह सकते हैं और हमें यह याद रहेगा.’
‘बर्फ का एक टुकड़ा’
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में कहा कि देश अमेरिकी प्रस्तावों पर हां या ना कह सकते हैं, लेकिन चेतावनी दी कि वॉशिंगटन उनके जवाब को याद रखेगा. उन्होंने ग्रीनलैंड खरीदने के लिए तुरंत बातचीत शुरू करने की अपनी बात दोहराई, और कहा कि अमेरिका अपनी सुरक्षा के लिए ‘बर्फ का एक टुकड़ा’ चाहता है.
ट्रंप ने ग्रीनलैंड को एक छोटी सी मांग बताया, इसे ‘बर्फ का एक टुकड़ा’ कहा, और साथ ही अमेरिकी सुरक्षा हितों के लिए इसके महत्व पर भी जोर दिया.
तरक्की की तारीफ
भाषण की शुरुआत एक ताने से करते हुए उन्होंने कहा कि वह खूबसूरत दावोस में आकर खुश हैं. जहां इतने सारे बिजनेस लीडर, इतने सारे दोस्त और कुछ दुश्मन हैं. ट्रंप को अपने शासन में अमेरिका में हुई तरक्की की तारीफ करने और यूरोप की आलोचना करने में ज्यादा समय नहीं लगा और उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वह ‘सही दिशा’ में नहीं जा रहा है.
ग्रीनलैंड की रक्षा सिर्फ अमेरिका कर सकता है
ग्रीनलैंड की बात करें, जिसकी वजह से अमेरिका और यूरोपियन यूनियन के बीच दरार पड़ गई है, तो ट्रंप ने उस देश को टबर्फ का एक बड़ा, खूबसूरत टुकड़ा’ कहा. यह दोहराते हुए कि अमेरिका के अलावा कोई भी ग्रीनलैंड की रक्षा नहीं कर सकता, उन्होंने कहा कि दूसरे विश्व युद्ध के बाद इसे डेनमार्क को वापस देना उस देश की बेवकूफी थी, जिसके बदले में उसे सिर्फ एहसानफरामोशी मिली. क्या आप चाहेंगे कि मैं ग्रीनलैंड के बारे में कुछ शब्द कहूं? उन्होंने मजाक में कहा. मैं इसे अपनी स्पीच से हटाने वाला था, लेकिन मुझे लगता है कि मेरी बहुत बुरी तरह आलोचना होती.
ट्रंप की टिप्पणियों ने एक बार फिर ग्रीनलैंड के जियो-पॉलिटिकल महत्व की ओर अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचा है, खासकर आर्कटिक सुरक्षा और ग्लोबल पावर कॉम्पिटिशन के संदर्भ में.
नाटो नेताओं ने चेतावनी दी है कि ट्रंप की ग्रीनलैंड रणनीति गठबंधन को उलट सकती है, जबकि डेनमार्क और ग्रीनलैंड के नेताओं ने 57,000 लोगों वाले इस रणनीतिक द्वीप क्षेत्र पर अमेरिका की अधिक मौजूदगी के लिए कई तरह के तरीके बताए हैं.
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