ट्रंप का भारत को लेकर एक और बयान, कहा- ईरान से नहीं, वेनेजुएला से तेल खरीदेगा इंडिया
ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. हालांकि फिलहाल भारत ईरान से बहुत कम मात्रा में तेल मंगाता है, क्योंकि अमेरिका के प्रतिबंधों के चलते ऐसा करना मुश्किल हो गया है. कभी ईरान भारत का बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता हुआ करता था, लेकिन बीते वर्षों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है.
Trump on India:अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और भारत की energy policy को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. ट्रंप ने दावा किया है कि भारत अब ईरान की जगह वेनेजुएला से तेल खरीदेगा. हालांकि फिलहाल भारत ईरान से बहुत कम मात्रा में तेल मंगाता है, क्योंकि अमेरिका के प्रतिबंधों के चलते ऐसा करना मुश्किल हो गया है. कभी ईरान भारत का बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता हुआ करता था, लेकिन बीते सालों में तस्वीर पूरी तरह बदल गई है. अब रूस भारत के लिए बड़ा सप्लायर बन चुका है, जबकि अमेरिका वेनेजुएला के तेल को लेकर नई रणनीति अपनाता दिख रहा है.
ट्रंप का दावा और अमेरिका की योजना
रॉयटर्स के मुताबिक यह बयान उस समय आया जब अमेरिका ने भारत को संकेत दिया कि वह रूस से तेल की खरीद कम करने के लिए वेनेजुएला से आयात फिर से शुरू करने पर विचार कर रहा है. ट्रंप ने कहा कि भारत वेनेजुएला से तेल खरीदेगा और चीन भी अमेरिका के साथ ऐसा समझौता कर सकता है. उन्होंने यह बात वॉशिंगटन से फ्लोरिडा जाते समय एयर फोर्स वन विमान में पत्रकारों से कही. हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि ऐसा समझौता कब और कैसे होगा.
ईरान से भारत का तेल आयात कैसे घटा
कभी ईरान भारत के टॉप तेल सप्लायर्स में शामिल था. साल 2007-08 में भारत के कुल कच्चे तेल आयात का करीब 13 प्रतिशत ईरान से आता था. 2018-19 में भारत ने ईरान से लगभग 12.3 अरब डॉलर का तेल खरीदा था, जो कुल आयात का करीब 9 फीसदी था. लेकिन अमेरिका के प्रतिबंध दोबारा लगने के बाद भारत को ईरान से तेल कम करना पड़ा. 2019-20 में यह घटकर करीब 987 मिलियन डॉलर रह गया. 2020-21 में यह और गिरकर सिर्फ 12.5 मिलियन डॉलर हो गया. 2024-25 तक यह आंकड़ा सिर्फ 70 मिलियन डॉलर के आसपास रह गया, जो भारत की कुल जरूरत का बहुत छोटा हिस्सा है.
रूस बना भारत का बड़ा सप्लायर
ईरान से तेल घटने के बाद भारत ने रूस से खरीद बढ़ाई. 2006-07 में रूस से भारत का तेल आयात बहुत कम था, लेकिन 2024-25 तक यह करीब 30 फीसदी तक पहुंच गया. इसी दौरान चीन ईरान से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वाला देश बन गया. अमेरिका खुद भी वेनेजुएला से ज्यादा तेल मंगा रहा है. ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार इस महीने 18 जहाज वेनेजुएला का कच्चा तेल लेकर अमेरिका के टेक्सास, लुइसियाना और मिसिसिपी की रिफाइनरियों की ओर जा रहे हैं. जब सारी खेप पहुंच जाएगी तो अमेरिका का आयात करीब 2 लाख 75 हजार बैरल प्रतिदिन तक हो सकता है, जो एक महीने पहले के मुकाबले दोगुना से भी ज्यादा है.
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