ग्रीन कार्ड धारकों पर ट्रंप के डिप्टी की चेतावनी, जानिए 28 लाख भारतीयों पर क्या होगा असर
ग्रीन कार्ड को अमेरिका की नागरिकता हासिल करने के लिए एक गेटवे के रूप में देखा जाता है, लेकिन अमेरिकी उपराष्ट्रपति के हालिया बयान ने भारत सहित दुनिया भर के अप्रवासियों की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिका में करीब 28 लाख भारतीय ऐसे हैं, जिनके पास ग्रीन कार्ड है. ट्रंप सरकार की वापसी के बाद से प्रवासियों के प्रति उनका रुख और सख्त हो गया है.
JD Vance on green card: अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस की ग्रीन कार्ड पर टिप्पणी ने भारत सहित दुनिया भर के अप्रवासियों की चिंताओं को बढ़ा दिया है. उनके इस बयान ने एक नई बहस छेड़ दी है. अमेरिका में रहने वाले प्रवासियों की चिंता ट्रंप के सत्ता में आने के बाद से बढ़ी थी, और अब उपराष्ट्रपति वेंस के बयान ने इसे और गहरा कर दिया है. अमेरिका में भारतीय दूसरा सबसे बड़ा अप्रवासी समुदाय हैं, जिनमें लाखों के पास ग्रीन कार्ड है. ऐसे में यह स्वाभाविक है कि उनके बयान से भारतीय समुदाय चिंतित हो.
ग्रीन कार्ड का मतलब अमेरिका में स्थायी निवास का अधिकार नहीं
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने गुरुवार को कहा कि ग्रीन कार्ड अप्रवासियों को संयुक्त राज्य अमेरिका में स्थायी रूप से रहने का अधिकार नहीं देता. फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में वेंस ने कहा कि ग्रीन कार्ड धारकों के पास अमेरिका में हमेशा के लिए रहने का अधिकार नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिकी नागरिकों और ग्रीन कार्ड धारकों के अधिकारों में अंतर है.
वेंस ने इस मुद्दे को सिर्फ “स्वतंत्र अभिव्यक्ति” तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जोड़ा. उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिकों को यह तय करने का अधिकार है कि उनके राष्ट्रीय समुदाय में किसे शामिल किया जाए. ग्रीन कार्ड के संदर्भ में उन्होंने कहा कि यह विदेशी नागरिकों को अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति देता है, लेकिन यह जीवनभर के लिए रहने की गारंटी नहीं देता.
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि अमेरिकी विदेश सचिव और राष्ट्रपति तय करें कि किसी व्यक्ति को अमेरिका में नहीं रहना चाहिए, तो उसे वहां रहने का कानूनी अधिकार नहीं होगा. वेंस की यह टिप्पणी कोलंबिया यूनिवर्सिटी के ग्रीन कार्ड धारक छात्र महमूद खलील की गिरफ्तारी के संदर्भ में आई.
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28 लाख भारतीयों के पास ग्रीन कार्ड
उपराष्ट्रपति के इस बयान से दुनिया भर के अप्रवासी समुदाय, खासकर भारतीयों के लिए चिंता बढ़ गई है. अमेरिका में करीब 28 लाख भारतीय ऐसे हैं, जिनके पास ग्रीन कार्ड है. यह कार्ड विदेशी नागरिकों को अमेरिका में रहने और काम करने की अनुमति देता है, साथ ही इसे अमेरिकी नागरिकता की ओर पहला कदम माना जाता है. इसके आधार पर लोग वहां की नागरिकता के लिए आवेदन करते हैं.
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