पॉपलर या यूकेलिप्टस? 5000 लगाकर 5 साल में मिलेंगे 24 लाख, जानें 100 पेड़ों का पूरा कैलकुलेशन, समझें पूरा बाजार
पॉपलर एक तेजी से बढ़ने वाला पेड़ है, जो 5 से 6 साल में अच्छी कमाई का मौका देता है और इसकी मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी लगातार बढ़ रही है. यही वजह है कि किसान अब एग्रोफॉरेस्ट्री की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. अगर 100 पेड़ों की तुलना करें तो पॉपलर भले ही थोड़ा महंगा लगता है, लेकिन कम समय में ज्यादा रिटर्न देता है. वहीं यूकेलिप्टस में लागत कम होती है, लेकिन कमाई और समय दोनों ज्यादा लगते हैं.

Poplar vs Eucalyptus: अगर आप खेती के साथ ऐसा बिजनेस करना चाहते हैं जिसमें कम लागत हो, कम मेहनत हो और कम समय में अच्छा मुनाफा मिले, तो पॉपलर की खेती आपके लिए शानदार ऑप्शन हो सकती है. आजकल किसान सिर्फ पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि पेड़ों की खेती यानी एग्रोफॉरेस्ट्री की तरफ तेजी से बढ़ रहे हैं. इसी कड़ी में पॉपलर (Poplar) एक ऐसा पेड़ है, जो 5 से 6 साल में ही मोटी कमाई करवा सकता है और इसकी मांग देश ही नहीं, विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है. साथ ही यह भी जानते हैं कि अगर हमने 100 पेड़ यूकेलिप्टस और 100 पेड़ पॉपलर का लगाते हैं तो दोनों में कौन ज्यादा कमाई देगा.
किन कामों में आता है पॉपलर का पेड़
पॉपलर का इस्तेमाल कई इंडस्ट्री में होता है, इसलिए इसकी डिमांड हमेशा बनी रहती है. इसे पेपर बनाने में, हल्की प्लाईवुड, चॉप स्टिक्स, बॉक्सेस, माचिस आदि बनाने के लिए किया जाता है.
भारत में कहां होती है इसकी खेती
पॉपलर एक पर्णपाती पेड़ है और यह सैलिकेसी (Salicaceae) परिवार से संबंधित है. अच्छी जलवायु परिस्थितियों में, ये सबसे तेजी से बढ़ने वाले पेड़ होते हैं. भारत में, यह पौधा 5 से 7 सालों में 85 फीट या उससे अधिक ऊँचाई तक बढ़ सकता है. भारत में पॉपलर का उत्पादन करने वाले प्रमुख राज्य हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल हैं.
100 पेड़ों में खर्च: पॉपलर vs यूकेलिप्टस
पंजाब एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, लुधियाना की रिपोर्ट (2023-24) के अनुसार खेत के किनारे 100 पेड़ लगाने का खर्च इस तरह आता है.
| खर्च का प्रकार | पॉपलर (₹) | कुल खर्च का % | यूकेलिप्टस (₹) | कुल खर्च का % |
|---|---|---|---|---|
| पौधे (Sapling) | 2725 | 49.78% | 2200 | 60.46% |
| रोपाई | 1540 | 28.13% | 930 | 25.56% |
| खाद/उर्वरक | 511 | 9.34% | 206 | 5.66% |
| सुरक्षा (दवाई) | 429 | 7.84% | 252 | 6.92% |
| ट्रांसपोर्ट | 269 | 4.91% | 51 | 1.4% |
| कुल खर्च | 5474 | 100% | 3639 | 100% |
100 पेड़ों पर कमाई: पॉपलर vs यूकेलिप्टस
पॉपलर के पेड़ से कमाई
मार्केट रेट: ₹800 से ₹2000 प्रति क्विंटल तक
आमतौर पर एक पॉपलर पेड़ 5 से 6 साल में लगभग 8 से 12 क्विंटल लकड़ी दे सकता है (औसत मानकर समझते हैं).
100 पेड़ों का हिसाब
- 1 पेड़ = 8 से 12 क्विंटल
- 100 पेड़ = 800 से 1200 क्विंटल
अब कमाई निकालते हैं, ऐसे में न्यूनतम कमाई (₹800 रेट पर): 800 क्विंटल × ₹800 = ₹6,40,000
वहीं अधिकतम कमाई (₹2000 रेट पर): 1200 क्विंटल × ₹2000 = ₹24,00,000
यूकेलिप्टस (Eucalyptus) के पेड़ से कमाई
मार्केट रेट: ₹500 से ₹1000 प्रति क्विंटल ( करीब)
एक यूकेलिप्टस पेड़ औसतन 6 से 10 क्विंटल लकड़ी देता है (सामान्य अनुमान)
100 पेड़ों का पूरा हिसाब
1 पेड़ = 6 से 10 क्विंटल
तो, 100 पेड़ = 600 से 1000 क्विंटल
कमाई का कैलकुलेशन
न्यूनतम कमाई (₹500 रेट पर)
600 क्विंटल × ₹500 = ₹3,00,000
अधिकतम कमाई (₹1000 रेट पर)
1000 क्विंटल × ₹1000 = ₹10,00,000
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