महाराष्ट्र ने किसानों को दिया बड़ा तोहफा, 2 लाख रुपये तक लोन पर नहीं लगेगी स्टांप ड्यूटी; इतनी होगी बचत
महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2 लाख रुपये तक के कृषि और फसल लोन पर स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी है. इस फैसले से किसानों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय बोझ कम होगा और लोन प्रक्रिया अधिक सरल बनेगी. पहले हर 1 लाख रुपये के लोन पर 0.3 फीसदी स्टांप ड्यूटी देनी पड़ती थी.
Maharashtra farm loan: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के हित में एक बड़ा और अहम फैसला लिया है. राज्य में अब 2 लाख रुपये तक के कृषि और फसल लोन से जुड़े दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी पूरी तरह माफ कर दी गई है. इस फैसले का मकसद किसानों पर पड़ने वाले अतिरिक्त वित्तीय बोझ को कम करना और लोन प्रक्रिया को अधिक सरल तथा डिजिटल फ्रेंडली बनाना है. सरकार का मानना है कि इस कदम से छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें समय पर लोन हासिल करने में आसानी होगी.
छोटे किसानों की मदद
इस फैसले की जानकारी राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने दी. उन्होंने बताया कि सरकार के संज्ञान में यह बात आई थी कि किसान जब भी कृषि या फसल लोन लेने जाते हैं, तो उन्हें स्टांप ड्यूटी के रूप में अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ती है. यह रकम भले ही अलग-अलग मामलों में छोटी दिखाई देती हो, लेकिन छोटे किसानों के लिए यह एक अतिरिक्त आर्थिक दबाव बन जाती है.
उन्होंने कहा कि देवेंद्र फडणवीस के निर्देश पर राजस्व कानूनों और नियमों को सरल और अधिक किसान-अनुकूल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है. इसी प्रक्रिया के तहत यह निर्णय लिया गया है, ताकि लोन लेते समय किसानों को अनावश्यक खर्च न उठाना पड़े.
कब से लागू हुआ फैसला
राज्य के राजस्व और वन विभाग ने इस संबंध में 1 जनवरी 2026 को आधिकारिक राजपत्र अधिसूचना जारी की है. अधिसूचना के अनुसार, स्टांप ड्यूटी माफी का यह प्रावधान उसी दिन से प्रभावी हो गया है. यानी 1 जनवरी 2026 के बाद लिए गए पात्र कृषि लोन पर यह छूट सीधे लागू होगी.
किन दस्तावेजों पर मिलेगी छूट
सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, 2 लाख रुपये तक के लोन से जुड़े सभी जरूरी कानूनी दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी नहीं लगेगी. इनमें शामिल हैं-
- टाइटल डीड्स
- डिपॉजिट से जुड़े दस्तावेज
- मॉर्गेज और प्लेज पेपर्स
- गारंटी लेटर्स
- मॉर्गेज डीड्स
- लोन एग्रीमेंट्स
पहले इन सभी दस्तावेजों पर स्टांप ड्यूटी लगती थी, जिससे लोन की कुल लागत बढ़ जाती थी.
पहले कितना खर्च करना पड़ता था
इससे पहले फसल लोन पर हर 1 लाख रुपये के लोन पर करीब 0.3 फीसदी की दर से स्टांप ड्यूटी वसूली जाती थी. इस हिसाब से 2 लाख रुपये के लोन पर किसान को लगभग 600 रुपये स्टांप ड्यूटी के रूप में चुकाने पड़ते थे. अब पूरी छूट मिलने से यह खर्च सीधे तौर पर बच जाएगा.
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