अप्रैल-जनवरी में यूरिया-DAP का आयात 63 फीसदी बढ़ा, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सरकार ने सुनिश्चित की सप्लाई

28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया युद्ध ने वैश्विक उर्वरक सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. हालांकि, आयात में हुई इस भारी बढ़ोतरी का ज्यादातर हिस्सा संघर्ष शुरू होने से पहले का है. DAP का आयात इसी अवधि में 4.30 मिलियन टन से बढ़कर 9.03 मिलियन टन हो गया.

सुनिश्चित कर दी गई है यूरिया और DAP खाद की सप्लाई. Image Credit:

सरकार ने शुक्रवार को कहा कि पूरे देश के किसानों के लिए यूरिया और DAP खाद की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित कर दी गई है. मौजूदा वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी के दौरान, इन दो मुख्य पोषक तत्वों का आयात 63 फीसदी बढ़ गया है. यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि 28 फरवरी को शुरू हुए पश्चिम एशिया युद्ध ने वैश्विक उर्वरक सप्लाई चेन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं. हालांकि, आयात में हुई इस भारी बढ़ोतरी का ज्यादातर हिस्सा संघर्ष शुरू होने से पहले का है.

यूरिया और DAP का आयात

उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के अप्रैल-जनवरी महीने में यूरिया और डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) का कुल आयात बढ़कर 14.94 मिलियन टन हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 9.17 मिलियन टन था.

उर्वरक मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के अप्रैल-जनवरी के दौरान यूरिया और डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) का कुल आयात पिछले साल की इसी अवधि के 9.17 मिलियन टन से बढ़कर 14.94 मिलियन टन हो गया. इस अवधि के दौरान यूरिया का इंपोर्ट 83.3 फीसदी बढ़कर 8.93 मिलियन टन हो गया, जबकि एक साल पहले यह 4.87 मिलियन टन था.

यूरिया और DAP का सबसे अधिक इस्तेमाल

DAP का आयात इसी अवधि में 4.30 मिलियन टन से बढ़कर 9.03 मिलियन टन हो गया. भारत में यूरिया और DAP, ये दो उर्वरक सबसे ज्यादा इस्तेमाल होते हैं. हालांकि, यूरिया और DAP का घरेलू उत्पादन अप्रैल-जनवरी 2025-26 के दौरान पिछले साल की इसी अवधि के 29.27 मिलियन टन के मुकाबले थोड़ा कम, यानी 28.49 मिलियन टन रहा.

यूरिया और DAP की बिक्री बढ़ी

इस दौरान यूरिया और DAP की कुल बिक्री थोड़ी बढ़कर 43.61 मिलियन टन से 44.39 मिलियन टन हो गई. अप्रैल-जनवरी 2025-26 के दौरान नैनो यूरिया और नैनो DAP की बिक्री क्रमशः 18.25 मिलियन बोतलें और 14.93 मिलियन बोतलें (500 ml के बराबर) रही. यूरिया एक भारी सब्सिडी वाला उर्वरक है, जिसकी अधिकतम खुदरा कीमत 2018 से 242 रुपये प्रति 45 किलोग्राम बैग (नीम कोटिंग शुल्क और लागू टैक्स को छोड़कर) पर अपरिवर्तित रखी गई है.

नहीं बढ़ेंगी कीमतें

उर्वरक राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने इस हफ्ते संसद में अपने लिखित जवाब में कहा, ‘यूरिया की कीमत बढ़ाने का कोई प्रस्ताव नहीं है.’ सरकार ने कहा कि उर्वरकों की मांग और घरेलू उत्पादन के बीच के अंतर को आयात के ज़रिए काफी पहले ही पूरा कर लिया जाता है, ताकि पूरे देश में इनकी पर्याप्त और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके.

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