खरीफ के लिए पर्याप्त खाद लेकिन रबी में बढ़ सकती है परेशानी, जारी रहेगी किसानों को सप्लाई, जानें डिटेल
भारत में अभी फर्टिलाइजर की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और किसानों को तुरंत किसी कमी की चिंता करने की जरूरत नहीं है. खरीफ सीजन के लिए यूरिया और अन्य फर्टिलाइजर का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. हालांकि अगर पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष लंबे समय तक जारी रहता है तो भविष्य में सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है.
Fertiliser Supply: देश में इस समय फर्टिलाइजर की उपलब्धता को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है. देश में अभी यूरिया और अन्य फर्टिलाइजर की पर्याप्त मात्रा मौजूद है. हालांकि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अगर लंबे समय तक जारी रहता है तो भविष्य में दिक्कत आ सकती है. फर्टिलाइजर बनाने वाली कंपनी FACT ने कहा है कि फिलहाल खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. कंपनी का कहना है कि आने वाले समय में सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है. सरकार और कंपनियां मिलकर स्थिति पर नजर रख रही हैं.
फर्टिलाइजर सप्लाई पर असर
फर्टिलाइजर और केमिकल कंपनी FACT के अनुसार पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अगर लंबा खिंचता है तो सप्लाई पर असर पड़ सकता है. भारत कई जरूरी कच्चे माल के लिए इसी क्षेत्र पर निर्भर है. अगर समुद्री रास्तों में रुकावट आती है तो कच्चा माल समय पर नहीं पहुंच पाएगा. इससे फर्टिलाइजर के उत्पादन पर असर पड़ सकता है. फिलहाल स्थिति सामान्य बताई जा रही है. लेकिन लंबे समय तक तनाव रहने पर चिंता बढ़ सकती है.
खरीफ सीजन के लिए पर्याप्त यूरिया स्टॉक
पीटीआई के रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के MD एस सक्थिमणि ने कहा कि अभी देश में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है. खरीफ सीजन के लिए किसानों को किसी तरह की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों तक फर्टिलाइजर की सप्लाई सामान्य रहेगी. सरकार ने भी जरूरी स्टॉक पहले से जमा कर रखा है. इसलिए फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है. किसान अपनी खेती की तैयारी सामान्य तरीके से कर सकते हैं.
रबी सीजन में आ सकती है परेशानी
अधिकारियों के अनुसार अगर संघर्ष छह महीने तक जारी रहता है तो अगली फसल पर असर पड़ सकता है. खास तौर पर रबी सीजन में फर्टिलाइजर की मांग ज्यादा होती है. अगर कच्चे माल की सप्लाई में देरी होती है तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है. इससे बाजार में कमी की स्थिति बन सकती है. इसलिए सरकार और कंपनियां पहले से तैयारी कर रही हैं. जरूरत पड़ने पर आयात भी बढ़ाया जा सकता है.
विदेशों से आता है जरूरी कच्चा माल
देश में फर्टिलाइजर बनाने के लिए कई जरूरी कच्चे माल विदेशों से आते हैं. इनमें रॉक फास्फेट और फास्फोरिक एसिड शामिल हैं. इनका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया और मध्य पूर्व से आता है. इसके अलावा गैस की सप्लाई भी कुछ देशों से होती है. कंपनी के अनुसार फिलहाल गैस सप्लाई में कोई बड़ी समस्या नहीं है. फिर भी अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
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किसानों की जरूरत पूरी करने का भरोसा
FACT के अधिकारियों ने कहा कि किसानों को फर्टिलाइजर की कमी नहीं होने दी जाएगी. कंपनी का लक्ष्य किसानों तक समय पर सप्लाई पहुंचाना है. फिलहाल कंपनी के पास करीब 1.4 लाख मीट्रिक टन फर्टिलाइजर का स्टॉक है. मार्च और अप्रैल के बीच लगभग 1.5 लाख मीट्रिक टन फर्टिलाइजर का उत्पादन करने की योजना है. कंपनी का लक्ष्य 2026 के खरीफ सीजन तक लगभग 5.5 लाख मीट्रिक टन फर्टिलाइजर तैयार करना है. जरूरत पड़ने पर आयात भी किया जाएगा.
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