क्या होता है अजोला, खिलाते ही पशु कैसे देने लगते हैं ज्यादा दूध, घर में इस तरह करें इसकी खेती?
अजोला खिलाने से पशु पहले के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत तक ज्यादा दूध देने लगते हैं. साथ ही सस्ता होने के चलते अन्य चारे के तुलना में आप एक साल के अंदर 30 हजार रुपये तक बचा सकते हैं. ऐसे में अजोला की खेती पशुओं के साथ-साथ किसानों के लिए भी लाभदायक है.
देश में पशुपालन धीरे-धीरे बिजनेस का रूप ले रहा है. गांव से लेकर शहरों तक में लोग बड़े स्तर पर पशुपालन कर रहे हैं. इससे उन्हें बंपर कमाई हो रही है. लेकिन तेजी से चारे की बढ़ती कीमतों ने पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है. महंगाई की वजह से बहुत से किसान अपने दुधारू मवेशियों को हरा चारा नहीं खिला पा रहे हैं. लेकिन अब ऐसे किसानों की चिंता करने की जरूरत नहीं है. अब वे घर पर ही कम खर्चे में अजोला की खेती कर सकते हैं. इसे खिलानों से पशु ज्यादा दूध देने लगते हैं, क्योंकि इसमें कई सारे मिनिरल्स और पोषक तत्व पाए जाते हैं.
क्या होता है अजोला
अजोला एक तरह की जलीय फर्न की प्रजाति है. यह तालाबों या ठहरे हुए पानी की सतह पर पनपता है. लेकिन यह पशुओं के लिए बहुत ही फायदेमंद है. अगर किसान इसकी खेती करते हैं, तो पशुओं के लिए कम लागत में हरे चारे की व्यवस्था हो जाएगी. साथ पशुओं को पोषण से भरपूर आहार भी मिल जाएगा. एक्सपर्ट के मुताबिक, अजोला में 25-35 प्रतिशत पाच्य प्रोटीन मौजूद होता है. यही वजह है कि दुधारू पशुओं के लिए अजोला को प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत माना गया है. साथ ही इसमें बीटा कैरोटीन, विटामिन बी12, कैल्शियम, पोटेशियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे खनिज भी पाए जाते हैं. किसान इसे तालाब में पूरे साल उगा सकते हैं. इस फीड सप्लीमेंट को तैयार करने में लागत भी बहुत कम आती है.
इस तरह करें अजोला की खेती
अगर किसान चाहें, तो घर पर भी अजोला उगा सकते हैं. इसके लिए उन्हें सबसे पहले एक समतल जमीन को चुनना होगा. इसके बाद 10 फीट x 5 फीट का एक चौकोर क्षेत्र बनाएं और उसकी तीन फिट तक खुदाई कर दें. फिर इसके ऊपर 150 GSM मोटाई की प्लास्टिक शीट बिछाएं, ताकि उसमें पानी भरा जा सके. फिर उसमें मिट्टी और पोषक मिलाकर भर दें. इसके बाद बेड में मिट्टी और 50-60 ग्राम अजोफर्ट मिलाएं, जिससे अजोला को आवश्यक पोषण मिल सके. अब किसान 1-1.5 किलो अजोला मदर कल्चर को पानी की सतह पर डाल कर उसे फैला दें. साथ ही आप बीच-बीच में पानी का छिड़काव भी करते रहें. महज सात दिनों में ही अजोला बेड तैयार हो जाएगा. फिर आप रोज 1 से 1.5 किलो तक अजोला निकाल सकते हैं.
बढ़ जाती है दूध देने की क्षमता
खास बात यह है कि अजोला खिलाने से पशु पहले के मुकाबले 15 से 20 प्रतिशत तक ज्यादा दूध देने लगते हैं. साथ ही सस्ता होने के चलते अन्य चारे के तुलना में आप एक साल के अंदर 30 हजार रुपये तक बचा सकते हैं. ऐसे में अजोला की खेती पशुओं के साथ-साथ किसानों के लिए भी लाभदायक है. वहीं, अजोला के प्रोपर विकास के लिए किसानों को अजोला बेड पर रोज 1 किलो गोबर, 5 लीटर पानी और 50 ग्राम अजोफर्ट का घोल डालना चाहिए. फिर हर 3-4 दिन में साफ पानी डालें. इससे उसका विकास तेजी से होता है. 4 महीने पर बेड की सफाई भी करनी चाहिए. अगर किसान चाहें, तो अजोला को पशुओं के साथ-साथ मुर्गी और बत्तखों को भी खिला सकते हैं. इसके सेवन करने से पशुओं में रोग से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है.
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