शुरू हो गई Bharat Taxi, चार्ट में देखें Rapido-Ola-Uber से सस्ती या महंगी; जानें कब मिलता है असली फायदा

भारत के राइड-हेलिंग बाजार में 1 जनवरी 2026 से एक नया खिलाड़ी भारत टैक्सी शामिल हो गया है. कोऑपरेटिव मॉडल पर चलने वाली यह सेवा Rapido, Ola और Uber को सीधी चुनौती दे रही है. बढ़ती प्रतिस्पर्धा से किराए कम होने की उम्मीद है. जानिए चारों प्लेटफॉर्म में कौन सा विकल्प आपकी जेब पर सबसे हल्का पड़ता है.

Rapido-Ola-Uber-Bharat Taxi Image Credit: @AI/Money9live

Rapido-Ola-Uber-Bharat Taxi: राइड हेलिंग मार्केट में 1 जनवरी 2026 से कोआपरेटिव मॉडल पर चलने वाली कंपनी भारत टैक्सी की शुरुआत हो गई है. अब कस्टमर के पास Rapido, Ola, Uber के अलावा Bharat Taxi भी एक विकल्प है. इस लॉन्चिंग से मार्केट में प्रतियोगिता बढ़ेगा. बढ़ती प्रतियोगिता से भविष्य में कस्टमर को कम किराया देना पड़ सकता है. इस रिपोर्ट में आप जानेंगे कि Rapido, Ola, Uber और Bharat Taxi में आपके लिए कौन सा विकल्प किफायती है.

Rapido, Ola, Uber और Bharat Taxi में सस्ता कौन?

इन चार विकल्पों में ग्राहक के लिए किफायती ऑप्शन कौन है? इसे एक उदाहरण से समझते हैं. एक व्यक्ति नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरता है और उसे वसंत कुंज जाना है. अब उसके पास चार विकल्प मौजूद हैं. इनमें से किसी एक को वह चुन सकता है.

केस 1 – उस व्यक्ति ने Rapido बुक किया

अगर वह बाइक की सवारी करना चाहता है तो उसे किराए के रूप में 160 रुपये देने होंगे. ऑटो से सफर करने पर किराया बढ़कर 223 रुपये हो जाएगा. कैब इकॉनमी में ट्रैवल करने पर उसे 299 रुपये का भुगतान करना होगा. कैब प्रीमियम में उसे 400 रुपये देने होंगे. अगर उसने कैब XL बुक किया तो उसकी जेब पर 542 रुपये का बोझ जाएगा.

केस 2 – उस व्यक्ति ने Uber बुक किया

अगर वह बाइक की सवारी करना चाहता है तो उसे किराए के रूप में 143 रुपये देने होंगे. यानी यह Rapido से 17 रुपये कम है. ऑटो से सफर करने पर किराया बढ़कर 268 रुपये हो जाएगा. कैब इकॉनमी में ट्रैवल करने पर उसे 298 रुपये का भुगतान करना होगा. कैब प्रीमियम में उसे 382 रुपये देने होंगे. अगर उसने कैब XL बुक किया तो उसकी जेब पर 556 रुपये का बोझ जाएगा.

केस 3 – उस व्यक्ति ने Ola बुक किया

अगर वह बाइक की सवारी करना चाहता है तो उसे किराए के रूप में 217 रुपये देने होंगे. यानी यह Rapido और Uber से बहुत महंगा है. ऑटो से सफर करने पर किराया बढ़कर 288 रुपये हो जाएगा. कैब इकॉनमी में ट्रैवल करने पर उसे 344 रुपये तक का भुगतान करना होगा. कैब प्रीमियम में उसे 413 रुपये देने होंगे. अगर उसने कैब XL बुक किया तो उसकी जेब पर 413 रुपये का बोझ जाएगा.

केस 4 – उस व्यक्ति ने Bharat Taxi बुक किया

अगर वह बाइक की सवारी करना चाहता है तो उसे किराए के रूप में 152 रुपये देने होंगे. ऑटो से सफर करने पर किराया बढ़कर 320 रुपये हो जाएगा. कैब इकॉनमी में ट्रैवल करने पर उसे 339 रुपये तक का भुगतान करना होगा. कैब प्रीमियम में उसे 378 रुपये देने होंगे. अगर उसने कैब XL बुक किया तो उसकी जेब पर 664 रुपये का बोझ जाएगा.

पीक आवर में ओला-उबर से 30% तक सस्ती

केंद्र सरकार की सहकारी सर्विस भारत टैक्सी अपने पायलट प्रोजेक्ट में ही ओला-उबर पर भारी पड़ रही है. टैक्सी पीक आवर में अपनी प्राइवेट प्रतिद्वंद्वियों से 25 से 30 फीसदी तक सस्ती पड़ रही है. इसका ट्रायल डेढ़ महीने पहले गुजरात और दिल्ली में शुरू हुआ था. दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीक आवर यानी सुबह 9 बजे, शाम 7 बजे और रात 10 बजे रियल टाइम में भारत टैक्सी और ओला-उबर के रेट में 100 रुपये से ज्यादा का अंतर होता है.

कोआपरेटिव मॉडल से चलेगा भारत टैक्सी

भारत टैक्सी को सहकार टैक्सी कोआपरेटिव लिमिटेड चलाएगी, जो एमएससीएस एक्ट 2002 के तहत पंजीकृत मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी है. खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म में सरकार की कोई हिस्सेदारी नहीं है. यह दुनिया का पहला नेशनल मोबिलिटी कोआपरेटिव है, जो पूरी तरह ड्राइवरों द्वारा संचालित है. संस्था में अभी तक दिल्ली और सौराष्ट्र क्षेत्र के 51 हजार से अधिक ड्राइवर सदस्य के रूप में जुड़ चुके हैं. ड्राइवरों को बोर्ड में प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सालाना डिविडेंड भी मिलेगा.

ड्राइवर को मिलेगा 100% किराया

इस नए मॉडल में ड्राइवर अपनी कमाई का पूरा 100% हिस्सा अपने पास रख सकेंगे. निजी राइड-हेलिंग कंपनियों की तरह कोई भारी कमीशन नहीं काटा जाएगा. साथ ही, ड्राइवरों को कोआपरेटिव के मुनाफे में भी हिस्सा मिलेगा, जिससे उनकी आय और मजबूत होगी. इसी मॉडल के कारण ड्राइवरों में यह ऐप तेजी से लोकप्रिय हो रहा है. यह कदम ड्राइवरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल माना जा रहा है.