रिन्यूएबल, सिविल और ट्रांसमिशन बिजनेस से मिला ₹1050 करोड़ का ऑर्डर, लंबे दबाव के बाद KEC International के शेयरों में रिकवरी
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की एक बड़ी कंपनी से जुड़ा ताजा अपडेट शेयर बाजार में चर्चा का विषय बना हुआ है. ऑर्डर फ्लो, कानूनी मोर्चे पर राहत और शेयर की हालिया चाल ने निवेशकों का ध्यान इस स्टॉक पर फिर से खींचा है.
शेयर बाजार में गुरुवार को KEC International के शेयरों में हल्की रिकवरी देखने को मिली. लंबे समय से दबाव में रहे इस इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक को उस वक्त सहारा मिला, जब कंपनी ने अलग–अलग कारोबार से जुड़े करीब 1,050 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर मिलने की जानकारी दी. ऑर्डर फ्लो और कोर्ट से मिली राहत ने मिलकर निवेशकों के सेंटीमेंट को कुछ हद तक संभालने का काम किया.
नए ऑर्डर से आई राहत
KEC International Ltd. ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि उसे विभिन्न बिजनेस सेगमेंट में कुल Rs 1,050 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं. रिन्यूएबल्स बिजनेस में कंपनी को साउथ इंडिया में एक नामी प्राइवेट डेवलपर से 100 मेगावाट से ज्यादा के विंड पावर प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है. यह ऑर्डर बैलेंस ऑफ प्लांट पैकेज से जुड़ा हुआ है, जो कंपनी के ग्रीन एनर्जी पोर्टफोलियो को मजबूत करता है.
सिविल और ट्रांसमिशन बिजनेस में भी कामयाबी
सिविल बिजनेस में KEC को वेस्टर्न इंडिया में एक मौजूदा क्लाइंट से बिल्डिंग्स और फैक्ट्री से जुड़े डाउनस्ट्रीम प्रोजेक्ट का ऑर्डर मिला है. इसके अलावा ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन बिजनेस में कंपनी ने अमेरिका में टावर, हार्डवेयर और पोल्स की सप्लाई के ऑर्डर हासिल किए हैं.
कंपनी के केबल्स और कंडक्टर्स बिजनेस को भी भारत और विदेशी बाजारों में अलग–अलग तरह के केबल और कंडक्टर सप्लाई के ऑर्डर मिले हैं, जिससे इस सेगमेंट में भी ऑर्डर बुक को सपोर्ट मिला है.
कोर्ट से मिली बड़ी राहत
पिछले महीने Power Grid Corporation of India Ltd. द्वारा लगाए गए बैन के मामले में कंपनी को बड़ी राहत मिली है. दिल्ली हाई कोर्ट ने Power Grid के उस आदेश को फिलहाल निलंबित कर दिया है, जिसमें KEC को नौ महीने तक बोली प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था. कोर्ट के इस फैसले से कंपनी को चल रही और नई टेंडर प्रक्रियाओं में हिस्सा लेने की अनुमति मिल गई है.
कंपनी ने साफ किया है कि इस पूरे मामले का मौजूदा प्रोजेक्ट्स के एग्जीक्यूशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और न ही इसके वित्तीय हालात पर कोई बड़ा प्रभाव पड़ने की आशंका है.
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शेयर की चाल और तकनीकी स्थिति
गुरुवार को शेयर शुरुआती नुकसान से उबरते हुए Rs 743.90 तक गया, जो 24 दिसंबर के बाद का उच्च स्तर है. बाद में मुनाफावसूली के चलते यह सीमित बढ़त के साथ Rs 738 के आसपास ट्रेड करता दिखा. बीते 12 महीनों में शेयर करीब 38.5% गिर चुका है. तकनीकी तौर पर RSI 73.58 के स्तर पर है, जो ओवरबॉट जोन की ओर इशारा करता है.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
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