Car Sales, UPI, Fuel to GST आंकड़े दिखा रहे इकॉनमी की तस्वीर, क्या बदलेगी आपकी तकदीर?
देश की अर्थव्यवस्था की मौजूदा स्थिति को समझने के लिए कार बिक्री, जीएसटी कलेक्शन, ईंधन खपत और यूपीआई जैसे आंकड़े अहम संकेत देते हैं. बीते साल कार बिक्री सालाना आधार पर करीब 6 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 4.5 मिलियन यूनिट पर पहुंच गई. टैक्स रेशनलाइजेशन और रेपो रेट में कटौती से लोगों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ी, जिसका असर ऑटो सेक्टर में साफ दिखा. दिसंबर में जीएसटी कलेक्शन 1.75 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 6.1 प्रतिशत ज्यादा है. यह बढ़ोतरी आयात से होने वाली मजबूत कमाई और घरेलू आर्थिक गतिविधियों में स्थिरता का संकेत देती है.
ईंधन की खपत भी आर्थिक रफ्तार को दर्शाती है. पेट्रोल की मांग 6.7 प्रतिशत, डीजल की मांग 5 प्रतिशत और एलपीजी की खपत 12.7 प्रतिशत सालाना बढ़ी. वहीं दिसंबर 2025 में यूपीआई ट्रांजैक्शन करीब 21.6 अरब तक पहुंच गए, जो अब तक का सबसे ऊंचा मासिक स्तर है. ये सभी आंकड़े बताते हैं कि खपत, डिजिटल भुगतान और टैक्स कलेक्शन में मजबूती से इकॉनमी का आधार फिलहाल मजबूत बना हुआ है.
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