कार स्टीयरिंग भारी हुआ तो सिर्फ तेल मत डालिए, एक गलती बन सकती है हादसे की वजह; ऐसे चेक करें पूरा सिस्टम
कार चलाते समय स्टीयरिंग का अचानक भारी होना सिर्फ तेल की कमी नहीं, बल्कि पूरे स्टीयरिंग सिस्टम की खराबी का संकेत हो सकता है. स्टीयरिंग व्हील, स्टीयरिंग कॉलम और पावर स्टीयरिंग पंप जैसे कई अहम पार्ट्स मिलकर इस सिस्टम को बनाते हैं. इनमें से किसी एक हिस्से की अनदेखी कार की हैंडलिंग और सुरक्षा दोनों को खतरे में डाल सकती है.
Car steering problem: अक्सर कार चलाते समय अगर स्टीयरिंग अचानक भारी लगने लगे, तो लोग गैराज में जाकर यही कहते हैं, “बस थोड़ा सा तेल डाल दो” या “ये छोटा सा पार्ट बदल दो, सब ठीक हो जाएगा.” लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा गहरी और गंभीर है. कार का स्टीयरिंग सिस्टम एक जटिल मैकेनिकल व्यवस्था है, जो कई छोटे-बड़े पार्ट्स से मिलकर बनती है. इनमें से किसी एक हिस्से की अनदेखी न केवल आपके पैसे बर्बाद कर सकती है, बल्कि आपकी और आपके परिवार की सुरक्षा पर भी सीधा असर डाल सकती है.
स्टीयरिंग सिस्टम का काम सिर्फ गाड़ी को बाएं-दाएं मोड़ना ही नहीं है, बल्कि तेज रफ्तार, खराब सड़क और अचानक ब्रेक की स्थिति में गाड़ी को संतुलित रखना भी होता है. ऐसे में अगर कोई मैकेनिक बिना पूरी जांच किए केवल एक पार्ट बदल देता है, तो समस्या कुछ समय के लिए छुप तो सकती है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं होती.
स्टीयरिंग व्हील से पहियों तक का सफर
आपके हाथ में दिखने वाला गोल स्टीयरिंग व्हील दरअसल पूरे सिस्टम का सिर्फ पहला हिस्सा होता है. इसके नीचे स्टीयरिंग कॉलम होता है, जो स्टीयरिंग व्हील को नीचे लगे मैकेनिज्म से जोड़ता है. इसी कॉलम में इग्निशन लॉक और कई सेफ्टी फीचर्स भी लगे होते हैं. इसके बाद यूनिवर्सल जॉइंट आता है, जो अलग-अलग एंगल पर स्टीयरिंग को मुड़ने की आजादी देता है, खासकर तब जब सड़क ऊबड़-खाबड़ हो.
इसके बाद सिस्टम का सबसे अहम हिस्सा होता है स्टीयरिंग गियरबॉक्स या रैक एंड पिनियन. यही वह हिस्सा है, जो आपके गोल घुमाने की ताकत को सीधे पहियों की बाएं-दाएं मूवमेंट में बदलता है. अगर यहां जरा-सी भी खराबी आ जाए, तो स्टीयरिंग भारी, ढीला या झटकेदार हो सकता है.
छोटे पार्ट, बड़ी भूमिका
रैक एंड पिनियन से टाई रॉड एंड्स जुड़े होते हैं, जो सीधे पहियों से कनेक्शन बनाते हैं. अगर आपकी गाड़ी चलते समय लहराने लगे या स्टीयरिंग में ढीलापन महसूस हो, तो अक्सर वजह यहीं मिलती है. इसके अलावा स्टीयरिंग नक्ल वह हिस्सा होता है, जिस पर पहिया टिका होता है और जो स्टीयरिंग के साथ मुड़ता है. इसकी खराबी से गाड़ी का अलाइनमेंट बिगड़ सकता है.
हाइड्रोलिक सिस्टम वाली कारों में पावर स्टीयरिंग पंप और स्टीयरिंग होज की भूमिका बेहद अहम होती है. पंप फ्लूइड के दबाव से स्टीयरिंग को हल्का बनाता है, जबकि होज उस फ्लूइड को एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक पहुंचाती हैं. अगर होज में लीकेज हो जाए या पंप कमजोर पड़ जाए, तो स्टीयरिंग अचानक भारी हो सकता है.
क्या करें कार मालिक
अगर स्टीयरिंग भारी लगे, तो सिर्फ तेल डलवाकर संतुष्ट न हों. पूरी स्टीयरिंग असेंबली की जांच कराएं, टेस्ट ड्राइव लें और जरूरत पड़ने पर अलाइनमेंट व बैलेंसिंग भी जरूर कराएं. याद रखें, स्टीयरिंग सिस्टम में की गई लापरवाही सीधे दुर्घटना का कारण बन सकती है. सही जानकारी और सही जांच ही आपकी कार को सुरक्षित और आपकी ड्राइव को आरामदायक बना सकती है.
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