अमित शाह ने लॉन्च किया भारत टैक्सी, ड्राइवरों को होगा सीधा मुनाफा; Uber, Ola और Rapido को मिलेगी चुनौती
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी लॉन्च कर देश के पहले सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है. भारत टैक्सी की शुरुआत दिल्ली-एनसीआर और गुजरात से हुई है और तीन वर्षों में इसे पूरे देश में विस्तार देने का लक्ष्य है. यह प्लेटफॉर्म जीरो-कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग मॉडल पर काम करेगा, जिससे ड्राइवरों को सीधा मुनाफा मिलेगा.
Bharat Taxi launch: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 फरवरी 2026 को देश के पहले सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म Bharat Taxi का औपचारिक शुभारंभ कर दिया है. नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सहकारिता राज्य मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. दो महीने के सफल पायलट प्रोजेक्ट के बाद शुरू हुई भारत टैक्सी को सरकार की सहकारिता आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
तीन साल में देशभर में विस्तार का लक्ष्य
लॉन्च के मौके पर अमित शाह ने कहा कि आने वाले तीन वर्षों में भारत टैक्सी को पूरे देश में लागू किया जाएगा. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “कश्मीर से कन्याकुमारी और द्वारका से कामाख्या तक भारत टैक्सी की सर्विस उपलब्ध होंगी.” मंत्री के अनुसार, यह प्लेटफॉर्म सिर्फ एक ट्रांसपोर्ट सर्विस नहीं है, बल्कि ड्राइवरों को सशक्त बनाने वाला एक आर्थिक मॉडल है, जिसमें मुनाफे का सीधा बंटवारा ड्राइवरों के साथ किया जाएगा.
दिल्ली-एनसीआर और गुजरात से हुई शुरुआत
भारत टैक्सी की शुरुआत फिलहाल दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में की गई है. सरकार की योजना है कि अगले दो वर्षों के भीतर इसे सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विस्तार दिया जाए. इस प्लेटफॉर्म के जरिए यात्री कार, तीन-पहिया और दो-पहिया वाहनों की बुकिंग कर सकेंगे. खास बात यह है कि यह सर्विस जीरो-कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग मॉडल पर आधारित है, जिससे यात्रियों को पारदर्शी किराया मिलेगा और ड्राइवरों को उनकी मेहनत का पूरा लाभ मिलेगा.
निजी कंपनियों को मिलेगी सीधी चुनौती
फिलहाल भारत का राइड-हेलिंग बाजार Uber, Ola और Rapido जैसी निजी कंपनियों के नियंत्रण में है. भारत टैक्सी को एक स्वदेशी और ड्राइवर-ओन्ड विकल्प के तौर पर उतारा गया है, जो विदेशी निवेश आधारित प्लेटफॉर्म्स को सीधी चुनौती देगा. यह प्लेटफॉर्म Multi-State Cooperative Societies Act 2002 के तहत पंजीकृत है और इसकी स्थापना 6 जून 2025 को की गई थी.
आंकड़े बताते हैं मजबूत शुरुआत
सहकारिता मंत्रालय के अनुसार, भारत टैक्सी दुनिया का पहला और सबसे बड़ा सहकारिता आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफॉर्म है. पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत 2 दिसंबर 2025 को हुई थी. तब से अब तक तीन लाख से ज्यादा ड्राइवर इससे जुड़ चुके हैं, जबकि एक लाख से अधिक यूजर्स ने पंजीकरण कराया है. दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में रोजाना 10,000 से ज्यादा राइड्स पूरी की जा रही हैं. अब तक करीब 10 करोड़ रुपये की राशि सीधे ड्राइवरों को वितरित की जा चुकी है.
ड्राइवरों की सामाजिक सुरक्षा पर खास जोर
भारत टैक्सी अपने ड्राइवरों को ‘सारथी’ के रूप में पहचान देती है और उनकी सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता देती है. प्लेटफॉर्म के तहत स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा, रिटायरमेंट सेविंग्स और एक समर्पित सपोर्ट सिस्टम उपलब्ध कराया जा रहा है. दिल्ली में फिलहाल सात स्थानों पर सपोर्ट सेंटर्स संचालित किए जा रहे हैं, जहां ड्राइवरों को तकनीकी और प्रशासनिक सहायता दी जाती है.
यह भी पढ़ें: कार लोन चुका दिया फिर भी RC में बैंक का नाम? Parivahan Portal से अब ऑनलाइन हटाएं हाइपोथिकेशन; ये है पूरी प्रक्रिया




