मारुति सुजुकी ने 5 स्टार्टअप के साथ की पार्टनरशिप, नई तकनीक से बनेगी स्मार्ट और सुरक्षित गाड़ियां

मारुति सुजुकी अब नई तकनीक पर तेजी से काम कर रही है. कंपनी ने पांच शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है. ताकि अलग अलग कामों के लिए नए टेक सॉल्यूशन तैयार किए जा सकें. दिल्ली में जारी बयान में कंपनी ने कहा कि यह कदम उसके बिजनेस को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है.

मारुति सुजुकी Image Credit: Getty image

Maruti Suzuki: देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी अब नई तकनीक पर तेजी से काम कर रही है. कंपनी ने पांच शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को अपने साथ जोड़ा है. ताकि अलग अलग कामों के लिए नए टेक सॉल्यूशन तैयार किए जा सकें. कंपनी ने कहा कि यह कदम उसके बिजनेस को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है. इससे फैक्ट्रियों में काम करने का तरीका सुधरेगा. गाड़ियों की क्वालिटी बेहतर होगी. कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ेगी और ग्राहकों को भी पहले से बेहतर अनुभव मिलेगा.

पांच स्टार्टअप्स चुने गए

मारुति सुजुकी ने जिन 5 स्टार्टअप्स को चुना है. उनके नाम AugurAI, Aatral, Zen Mobility, Indus Vision, और Proxgy हैं. इन स्टार्टअप्स को कंपनी के इनक्यूबेशन प्रोग्राम के चौथे बैच से चुना गया है. यह कार्यक्रम IIM बैंगलोर के स्टार्टअप सेंटर के साथ मिलकर चलाया जाता है.

कंपनी के मुताबिक ये स्टार्टअप्स मिलकर अलग अलग सेक्टर में तकनीकी समाधान तैयार करेंगे. इनमें फैक्ट्री में गाड़ियों के निर्माण को ज्यादा सटीक बनाना, काम के दौरान सुरक्षा बढ़ाना, क्वालिटी कंट्रोल सुधारना और ग्राहकों के लिए बेहतर सेवाएं देना शामिल है. इसके अलावा आफ्टरमार्केट पार्ट्स की डिलीवरी को ज्यादा टिकाऊ बनाने और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर तरीकों पर भी काम किया जाएगा.

CEO ने क्या कहा

PTI के हवाले से मारुति सुजुकी के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हिसाशी ताकेउची ने कहा कि आज का कारोबारी माहौल तेजी से बदल रहा है. ग्राहकों की पसंद, नए नियम और अलग अलग देशों में निर्यात जैसी चुनौतियां बढ़ रही हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में तकनीक कंपनी के लिए रणनीतिक हथियार बन चुकी है. नई तरह की स्मार्ट तकनीक को अपनाना जरूरी है ताकि लंबे समय तक आगे बढ़ा जा सके.

कर्मचारियों की सुरक्षा और सटीक निर्माण पर जोर

ताकेउची ने बताया कि चुने गए स्टार्टअप्स की मदद से फैक्ट्रियों में और ज्यादा सटीक निर्माण किया जा सकेगा. कर्मचारियों की सुरक्षा को मजबूत किया जाएगा और लास्ट माइल डिलीवरी के लिए टिकाऊ मोबिलिटी पर काम होगा. मारुति का कहना है कि इस पहल से भविष्य में ज्यादा सुरक्षित, स्मार्ट और आधुनिक गाड़ियां बनाने में मदद मिलेगी और कंपनी तकनीक के मामले में आगे बनी रहेगी.

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