Budget 2026: नई सड़कें, बेहतर हाईवे; अब आपकी यात्रा होगी तेज और सुरक्षित, NHAI को मिला बड़ा फंड

बजट 2026 में सरकार ने सड़क और हाईवे विकास को मजबूत आधार देने पर जोर दिया है. NHAI को वित्त वर्ष 2027 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. नए राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर काम होगा. साथ ही पुराने हाईवे की मरम्मत और देखरेख के लिए भी बजट बढ़ाया गया है.

NHAI को वित्त वर्ष 2027 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. Image Credit: money9live

Budget 2026: केंद्र सरकार ने बजट 2026 में सड़कों और हाईवे के विकास को प्राथमिकता दी है. राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को वित्त वर्ष 2027 के लिए बड़ा बजट दिया गया है. इस फंड से नए हाईवे, एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर तैयार किए जाएंगे. सरकार का लक्ष्य देश में बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित यात्रा को बढ़ावा देना है. साथ ही पुराने हाईवे की देखरेख पर भी खास ध्यान दिया गया है. पिछले कुछ वर्षों में सड़कों का जाल तेजी से फैला है. बजट में इसका साफ असर देखने को मिलता है.

NHAI को मिला रिकॉर्ड बजट

वित्त वर्ष 2027 के लिए NHAI को 1.87 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. यह राशि राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और नए एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर के विकास में खर्च होगी. इस बजट में सरकारी फंड के साथ टोल बेस्ड इनकम का भी उपयोग किया जाएगा. हाईवे मोनेटाइजेशन से भी संसाधन जुटाए जाएंगे. सरकार का मकसद तेज और आधुनिक सड़क नेटवर्क तैयार करना है. इससे आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.

रोड प्रोजेक्ट्स के लिए बढ़ा आवंटन

सड़कों से जुडे़ कार्यों के लिए बजट बढ़ाकर 1.22 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है. पिछले वर्ष यह राशि 1.16 लाख करोड़ रुपये थी. इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के साथ सीमा सड़कें भी शामिल हैं. लॉजिस्टिक पार्क और रोपवे प्रोजेक्ट्स पर भी खर्च किया जाएगा. अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर है. इससे ग्रामीण और दूरदराज इलाकों को फायदा मिलेगा.

हाईवे मेंटेनेंस पर सरकार का जोर

सरकार ने मौजूदा हाईवे की देखरेख के लिए भी बजट बढ़ाया है. केंद्रीय सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत 5020 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं. यह राशि पिछले साल की तुलना में अधिक है. हाईवे की गुणवत्ता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है. बेहतर मेंटेनेंस से सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है. साथ ही हाईवे की उम्र भी बढे़गी.

10 साल में तेजी से बढ़ा नेटवर्क

पिछले एक दशक में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय का खर्च करीब 6 गुना बढ़ा है. इस निवेश से राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क में करीब 60 फीसदी की वृद्धि हुई है. देश में अब हाईवे नेटवर्क 1.46 लाख किलोमीटर से अधिक हो चुका है. यह विकास देश की आर्थिक मजबूती का संकेत है. बेहतर सड़कें व्यापार और उद्योग को गति देती हैं.

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सेफ्टी और क्वालिटी पर ध्यान

हाल के बजटों में सिर्फ नई सड़कों पर ही नहीं बल्कि सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है. सड़क की क्वालिटी सुधारने के लिए मानकों को सख्त किया गया है. मेंटेनेंस को प्राथमिकता देने से यात्रा अधिक सुरक्षित होगी. सरकार का लक्ष्य लंबी अवधि तक टिकाऊ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है. आने वाले वर्षों में इसका असर साफ दिखाई देगा.