बजट में रेलवे को 2.93 लाख करोड़ का आवंटन, फिर भी धड़ाम ये रेलवे शेयर, 6% तक टूटे, जानें क्यों छाई निराशा
यूनियन बजट 2026–27 के बाद रेलवे शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और बाजार बंद होने पर अधिकतर रेलवे स्टॉक लाल निशान में बंद हुए. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऐलान के बावजूद बड़े कैपेक्स सरप्राइज और नई ट्रेनों की घोषणा न होने से IRFC, RITES, RailTel, Jupiter Wagons जैसे शेयर 3% से 6% तक टूट गए.
यूनियन बजट 2026-27 के बाद रेलवे सेक्टर के शेयरों में मिला-जुला असर देखने को मिला जहां 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऐलान से कुछ रेलवे और टेक्नोलॉजी से जुड़े शेयरों में शुरुआती तेजी आई. वहीं बड़े कैपेक्स सरप्राइज और नई ट्रेनों के ऐलान की कमी से कई रेलवे PSU शेयर दबाव में आ गए. वित्त वर्ष 2027 के लिए रेल मंत्रालय को 2.93 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. आइये जानते हैं किन रेलवे शेयरों में गिरावट आई.
ये रेलवे स्टॉक हुए धड़ाम
बजट के दिन रविवार को हुए स्पेशल ट्रेडिंग सेशन में रेलवे लिंक्ड स्टॉक्स पर निवेशकों की खास नजर रही. शुरूआती कारोबार के दौरान Quadrant Future Tek, Jupiter Wagons, IRFC और RITES जैसे रेलवे स्टॉक्स में हल्की तेजी रही. हालांकि, बजट के बाद जब निवेशकों ने डिटेल्स पर गौर किया तो कई रेलवे शेयरों में बिकवाली हावी हो गई.
- Quadrant Future Tek का शेयर करीब -5.64 % और वैगन मैन्युफैक्चरिंग कंपनी Jupiter Wagons का शेयर -6.46 % की गिरावट पर बंद हुए. वहीं, IRCTC का शेयर -3.09 % टूटकर बंद हुआ.
- रेलवे PSU शेयरों में IRFC करीब 5.30 %, RITES लगभग -4.34 %* और RailTel करीब -6.24 % टूटकर बंद हुए.
रेल मंत्रालय को कितना मिला बजट
वित्त वर्ष 2026-2027 के लिए रेल मंत्रालय को 2.93 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है जो मौजूदा वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 10% ज्यादा है. नई रेलवे लाइनों, रोलिंग स्टॉक, सिग्नलिंग, टेलीकॉम और रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन के लिए बजट में बढ़ोतरी की गई है लेकिन यह बढ़ोतरी बाजार की उम्मीदों के आसपास ही रही.
निराशा की वजह क्या रही
बजट भाषण में फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का जिक्र जरूर किया, लेकिन नई ट्रेनों या वंदे भारत ट्रेनों को लेकर कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ. इसी वजह से निवेशकों को कोई बड़ा पॉजिटिव ट्रिगर नहीं मिला और मुनाफावसूली देखने को मिली.
शेयरों में गिरावट के अन्य कारण
केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे डेरिवेटिव निवेशकों की लागत बढ़ गई है. फ्यूचर्स पर STT को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है, जबकि ऑप्शंस पर भी टैक्स बढ़ाने का प्रस्ताव है. इस फैसले के बाद बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली.
डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.
Latest Stories
DELHI BUDGET 2026: रेखा गुप्ता ने पेश किया ₹103700 करोड़ का बजट, इन लोगों को फ्री में मिलेगी साइकिल
यूपी ने 9.13 लाख करोड़ का बजट किया पेश, जानें महिलाओं और युवाओं को क्या मिला
टैक्स नोटिस से परेशान लोगों के लिए बड़ी राहत, बजट 2026 में क्या बदला और कैसे मिलेगा फायदा
