Union Budget
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई सुधार और विकास योजनाएं गिनाईं, मगर वेतन आयोग पर कोई सीधी बात नहीं की गई. इससे कर्मचारियों में निराशा भी दिखी और असमंजस भी. अब सवाल यही है कि 8वां वेतन आयोग आखिर कब लागू होगा और बजट के आंकड़े इसके बारे में क्या संकेत देते हैं.
इस बार क्रिप्टो निवेशकों के लिए सरकार ने साफ और सख्त संदेश दिया है. अगर किसी ने अपने क्रिप्टो एसेट्स की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी, तो अब उस पर रोजाना जुर्माना लगेगा. इतना ही नहीं, अगर कोई गलत जानकारी देता है या गलती सुधारता नहीं है, तो उस पर अलग से भारी पेनल्टी चुकानी होगी.
केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने कैंसर मरीजों को बड़ी राहत देते हुए 17 जरूरी और महंगी कैंसर दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है. इससे इंपोर्टेड एडवांस कैंसर दवाएं सस्ती होंगी, इलाज का खर्च घटेगा और मरीजों को आधुनिक ट्रीटमेंट तक बेहतर पहुंच मिलेगी.
बजट 2026 में सरकार ने F&O ट्रेडिंग पर STT बढ़ाने का ऐलान किया जिससे बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली. सरकार का कहना है कि इसका मकसद सट्टेबाजी पर लगाम लगाना है. STT से कमाई बढ़ने की उम्मीद है. आइये जानते हैं कि सरकार की STT से कितनी कमाई होती है.
बजट 2026 में सरकार ने सड़क और हाईवे विकास को मजबूत आधार देने पर जोर दिया है. NHAI को वित्त वर्ष 2027 के लिए 1.87 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. नए राष्ट्रीय राजमार्ग, एक्सप्रेसवे और ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर काम होगा. साथ ही पुराने हाईवे की मरम्मत और देखरेख के लिए भी बजट बढ़ाया गया है.
यूनियन बजट 2026–27 के बाद रेलवे शेयरों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला और बाजार बंद होने पर अधिकतर रेलवे स्टॉक लाल निशान में बंद हुए. हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के ऐलान के बावजूद बड़े कैपेक्स सरप्राइज और नई ट्रेनों की घोषणा न होने से IRFC, RITES, RailTel, Jupiter Wagons जैसे शेयर 3% से 6% तक टूट गए.
केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने रक्षा बजट को 15.5% बढ़ाकर ₹7.84 लाख करोड़ कर दिया है. यह बढ़ोतरी मौजूदा भू-राजनीतिक हालात और भारत की रणनीतिक जरूरतों को दिखाती है. बजट में आधुनिकीकरण के लिए ₹2.19 लाख करोड़ और पेंशन के लिए ₹1.71 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं.
बजट 2026 में रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा से बाजार में तुरंत हलचल दिखी. GMDC और NMDC जैसे शेयरों में तेजी आई. सीधे तौर पर रेयर अर्थ से जुड़ी कंपनियां ज्यादा फायदा उठा सकती हैं. बजट के बाद आई यह तेजी शुरुआती प्रतिक्रिया मानी जा रही है. असली फायदा इस बात पर निर्भर करेगा कि रेयर अर्थ प्रोजेक्ट कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं और प्रोडक्शन कब शुरू होता है.
बजट 2026 में आम आदमी को राहत देने वाले कई बड़े ऐलान किए गए हैं. किसानों की आय बढ़ाने, MSMEs को फंडिंग, शिक्षा और हेल्थकेयर में निवेश, रोजगार के नए मौके, टूरिज्म और ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने पर फोकस रखा गया है. इन कदमों से इनकम बढ़ने, खर्च घटने और रोजमर्रा की जिंदगी आसान होने की उम्मीद है.
जैसे ही फ्यूचर्स और ऑप्शंस कारोबार पर टैक्स बढ़ाने की घोषणा हुई, वैसे ही निवेशकों में चिंता फैल गई. डर यह था कि अगर ट्रेडिंग महंगी हो गई तो बाजार में लेनदेन कम हो सकता है. इसी आशंका के चलते BSE, Angel one, Groww जैसे प्लेटफॉर्म और ब्रोकरेज कंपनियों के शेयर अचानक टूटने लगे.
फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर STT को 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया है. इस फैसले का सीधा असर डेरिवेटिव सेगमेंट में ट्रेडिंग कॉस्ट पर पड़ने वाला है. 03:21 बजे तक सेंसेक्स 1500 अंकों की गिरावट के साथ 80,681 वहीं, निफ्टी 501 अंकों से ज्यादा की गिरावट के साथ 24,798 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था. आइए जानते हैं कि बजट से किन सेक्टर के शेयरों में रैली देखने को मिली.
सरकार इस बजट में आम लोगों की खरीदारी बढ़ाने और रोजगार पैदा करने के उपाय भी कर सकती है. जानकारों का कहना है कि सरकार खर्च और बचत दोनों के बीच बैलेंस बनाए रखने की कोशिश करेगी. घरेलू मांग मजबूत करने और देश के भीतर प्रोडक्शन बढ़ाने पर खास ध्यान दिया जा सकता है.
Union Budget Session 2026 Parliament Live: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में आम बजट 2026-27 पेश कर रही हैं. उन्होंने 7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाए जाने, बैंकिंग पर एक हाई-लेवल कमेटी बनाने आदि की बात कही. इस LIVE ब्लॉग में बजट से जुड़े हर अपडेट, एक्सपर्ट राय और बाजार की प्रतिक्रिया पल-पल मिलती रहेगी.
आज यानी 1 फरवरी को Budget 2026-27 पेश किया जाएगा. केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट पेश करेंगी. इस बजट से महंगाई, रोजगार, निवेश और ग्रोथ की दिशा तय होगी. सरकार से टैक्स राहत, कैपेक्स बढ़ोतरी और सेक्टर-विशेष सपोर्ट की उम्मीद है. किसान, युवा, महिलाएं और मध्यम वर्ग के साथ डिफेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर, ग्रीन एनर्जी, MSME और ऑटो सेक्टर के लिए बजट में नई घोषणाएं हो सकती हैं.
1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किया जाएगा. केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोय पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री ने पिछले वर्षों में लगातार उत्कृष्ट बजट पेश किए हैं और यह उनका नौवां बजट होगा.
केंद्रीय बजट 2026-27 से पहले चांदी निवेशकों और इंडस्ट्री दोनों के फोकस में है. रिकॉर्ड ऊंचाई से आई गिरावट, इंपोर्ट ड्यूटी में संभावित बदलाव, ग्रीन एनर्जी और EV सेक्टर की बढ़ती मांग के बीच बजट के फैसले चांदी की कीमतों और खपत की दिशा तय कर सकते हैं.
जब हम बजट से जुड़ी खबरें पढ़ते हैं, तो अक्सर अटक जाते हैं, क्योंकि उसमें ऐसे कठिन और भारी शब्द होते हैं जो रोजमर्रा की बातचीत में इस्तेमाल नहीं होते. लेकिन अगर इन शब्दों का मतलब ठीक से समझ आ जाए, तो पूरा बजट अपने-आप आसान लगने लगता है. इसलिए बजट 2026 से पहले चलिए, इन्हीं जरूरी शब्दों को बिल्कुल सरल और आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं.
ब्रोकिंग रिसर्च के एनालिस्ट ने बजट के दिन CANFINHOME, CENTURYPLY और DATAPATTNS के शेयरों को खरीदने की सलाह दी है. टेक्निकल चार्ट्स पर ये शेयर मजबूत दिख रहे हैं. तय स्टॉप लॉस और टारगेट के साथ बजट के दिन इन शेयरों पर सीमित जोखिम में दांव लगाया जा सकता है.
Budget 2026 को लेकर बाजार और निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं, जहां सरकार से ग्रोथ, कैपेक्स और फाइनेंशियल डिसिप्लिन के संतुलन की उम्मीद की जा रही है. Union Budget 2026 में इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, EV, बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर फोकस में रह सकते हैं. रेलवे, रोड्स और अर्बन प्रोजेक्ट्स पर एलोकेशन बढ़ने की संभावना है, जबकि मेक इन इंडिया और पीएलआई से एक्सपोर्ट को सपोर्ट मिल सकता है.
केंद्रीय बजट 2026-27 से ठीक पहले शेयर बाजार में मुनाफावसूली देखने को मिली. 101 कारोबारी सत्रों की लगातार खरीदारी के बाद DIIs ने पहली बार बिकवाली की, जिससे Sensex और Nifty दबाव में आ गए. मेटल और IT शेयरों में कमजोरी रही, जबकि FIIs की खरीदारी ने बाजार को आंशिक सहारा दिया.
सरकार इस बार भी सड़क, रेलवे, शहरों के विकास और दूसरी बुनियादी प्रोजेक्ट पर ज्यादा खर्च करेगी. इसका मकसद आर्थिक रफ्तार तेज करना, नौकरियां पैदा करना और Global uncertainties से देश की अर्थव्यवस्था को बचाना है. पिछले साल सरकार ने इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए रिकॉर्ड रकम रखी थी और अब एक्सपर्ट मान रहे हैं कि इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है.
Budget 2026 के दिन बाजारों में इतिहास बनने जा रहा है. दूसरी बार केंद्रीय बजट रविवार को पेश होगा और इसी के साथ MCX अपने 23 साल के इतिहास में पहली बार रविवार को ट्रेडिंग करेगा. NSE, BSE और NCDEX भी खुले रहेंगे, जबकि सोना-चांदी की कीमतों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी. जानें क्या होगी टाइमिंग.
बजट 2026-27 से पहले निफ्टी सीमित दायरे में कंसोलिडेशन में है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक 24,900–25,000 मजबूत सपोर्ट और 25,500 अहम रेजिस्टेंस है. बजट डे पर ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन से बाजार की अगली दिशा तय होगी. आइये जानते हैं कि एक्सपर्ट्स के क्या रणनीति अपनाने की सलाह दी है.
बजट के बाद एक महीने में Auto सेक्टर ने सिर्फ 15 में से 6 बार पॉजिटिव क्लोज दिया है, जिसमें औसतन करीब 5.32 प्रतिशत की तेजी रही है. वहीं 9 बार इसमें औसतन करीब 6.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. तीन महीने में Auto सेक्टर ने सिर्फ 5 बार बढ़त दिखाई है, जहां औसतन करीब 13.67 प्रतिशत का रिटर्न मिला है.
सरकार ने रेल यात्रा को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं. लेकिन आम यात्री की सबसे बड़ी परेशानी आज भी जस की तस है. कन्फर्म टिकट मिलना. खासकर तुरंत यात्रा करनी हो तो ऑन-डिमांड टिकट मिलना अब भी मुश्किल बना हुआ है.
Aam Budget 2026-27: दुनिया के कई हिस्सों में जारी युद्ध और बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के बीच भारत के डिफेंस बजट को लेकर बड़ी उम्मीदें हैं. एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार रक्षा बजट ऑल टाइम हाई स्तर पर पहुंच सकता है. सरकार का फोकस केवल बजट बढ़ाने पर नहीं बल्कि हाई टेक युद्ध प्रणाली, ड्रोन, एयर डिफेंस, मिसाइल सिस्टम और आधुनिक तकनीक पर निवेश बढ़ाने पर रहेगा.
शेयर का 52 हफ्ते का हाई 501.55 रुपये और लो 295.25 रुपये रहा है. मंगलवार को शेयर करीब 1.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 327.75 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखा. बीते एक हफ्ते में शेयर करीब 2.33 प्रतिशत चढ़ा है. वहीं पिछले तीन महीनों में इसमें हल्की कमजोरी रही है और साल भर में शेयर करीब 18 प्रतिशत टूट चुका है.
केंद्र सरकार घरेलू लेवल पर परमाणु उपकरण बनाने को बढ़ावा देना चाहती है. इसी दिशा में आगामी केंद्रीय बजट 2026 में एक नई और खास योजना लाने पर विचार चल रहा है. इस योजना के तहत देश की कंपनियों को रिएक्टर और उससे जुड़े अहम पुर्जे बनाने के लिए आर्थिक मदद दी जा सकती है.
बजट वीक से पहले Nifty ने 200-DMA समेत अहम सपोर्ट तोड़ दिए हैं जिससे बाजार में कमजोरी और वोलैटिलिटी बढ़ गई है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ट्रेंड निगेटिव बना हुआ है और 24,900 के नीचे फिसलने पर 24,600–24,500 तक और गिरावट का खतरा है.
केंद्रीय बजट 2026 वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे संसद में पेश किया जाएगा. यह पहली बार होगा जब यूनियन बजट रविवार के दिन आएगा. बजट सत्र, इकोनॉमिक सर्वे, हलवा सेरेमनी और मोदी सरकार 3.0 के दूसरे फुल बजट से जुड़ी सभी अहम जानकारियां यहां पढ़ें.