बजट में सरकार का एक फैसला… और BSE-Groww-Angel One 17% तक टूटे, आगे भी राहत की उम्मीद नहीं?

जैसे ही फ्यूचर्स और ऑप्शंस कारोबार पर टैक्स बढ़ाने की घोषणा हुई, वैसे ही निवेशकों में चिंता फैल गई. डर यह था कि अगर ट्रेडिंग महंगी हो गई तो बाजार में लेनदेन कम हो सकता है. इसी आशंका के चलते BSE, Angel one, Groww जैसे प्लेटफॉर्म और ब्रोकरेज कंपनियों के शेयर अचानक टूटने लगे.

BSE-Groww-Angel One Image Credit: Money9 live

BSE-Groww-Angel One: बजट के दिन शेयर बाजार में सिर्फ कुछ कंपनियां ही नहीं, बल्कि पूरे सेक्टर की किस्मत बदलती दिखी. इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के एक ऐलान ने कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में भारी हलचल मचा दी. जैसे ही फ्यूचर्स और ऑप्शंस कारोबार पर टैक्स बढ़ाने की घोषणा हुई, वैसे ही निवेशकों में चिंता फैल गई. डर यह था कि अगर ट्रेडिंग महंगी हो गई तो बाजार में लेनदेन कम हो सकता है. इसी आशंका के चलते BSE, Angel one, Groww जैसे प्लेटफॉर्म और ब्रोकरेज कंपनियों के शेयर अचानक टूटने लगे. कुछ ही घंटों में दो अंकों की गिरावट देखने को मिली और पूरा सेक्टर दबाव में आ गया. निवेशकों के लिए यह झटका अचानक था और बाजार की दिशा पर नए सवाल खड़े हो गए.

STT बढ़ते ही शेयरों में बिकवाली

सरकार ने इक्विटी डेरिवेटिव सेगमेंट में सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT बढ़ाने का प्रस्ताव रखा. फ्यूचर्स पर यह टैक्स 0.02 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत कर दिया गया. वहीं ऑप्शंस पर इसे 0.01 प्रतिशत से बढ़ाकर 0.15 प्रतिशत करने की बात कही गई. यानी दोनों पर 50 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई. इस ऐलान के बाद कैपिटल मार्केट से जुड़ी कंपनियों के शेयर तेजी से गिरने लगे. BSE के शेयर करीब 15 प्रतिशत टूट गए. IIFL कैपिटल सर्विसेज में लगभग 17.5 प्रतिशत की गिरावट आई. हाल ही में लिस्ट हुई ग्रो के शेयर 14 प्रतिशत नीचे चले गए. Angel one में भी करीब 13 प्रतिशत की कमजोरी दिखी.

कंपनी का नामगिरावट का प्रतिशत (लगभग)
BSE (Bombay Stock Exchange)15%
IIFL Capital Services17.5%
Groww (हाल ही में लिस्टेड)14%
Angel One13%

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बाजार के बड़े इंडेक्स भी फिसले

इस फैसले का असर सिर्फ इन कंपनियों तक सीमित नहीं रहा. पूरे शेयर बाजार पर दबाव दिखा. BSE सेंसेक्स और निफ्टी 50 जैसे बड़े इंडेक्स भी करीब 2.9 प्रतिशत तक गिर गए. इससे साफ हो गया कि निवेशकों ने बजट के इस कदम को लेकर फिलहाल सावधानी बरतनी शुरू कर दी है. फ्यूचर्स और ऑप्शंस पर STT में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से ट्रेडिंग की लागत बढ़ जाएगी. इससे ट्रेडर, हेजिंग करने वाले निवेशक और आर्बिट्राज करने वाले लोग कम सक्रिय हो सकते हैं. उनका मानना है कि सरकार का मकसद शायद वॉल्यूम को थोड़ा कंट्रोल करना है, न कि सिर्फ टैक्स से ज्यादा कमाई करना.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.