बजट में 8th Pay Commission पर झोल, इंतजार होगा लंबा, जानें वित्त मंत्री ने कैसे फेरा उम्मीदों पर पानी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई सुधार और विकास योजनाएं गिनाईं, मगर वेतन आयोग पर कोई सीधी बात नहीं की गई. इससे कर्मचारियों में निराशा भी दिखी और असमंजस भी. अब सवाल यही है कि 8वां वेतन आयोग आखिर कब लागू होगा और बजट के आंकड़े इसके बारे में क्या संकेत देते हैं.
8th Pay Commission: बजट 2026-27 को लेकर हर वर्ग की अपनी उम्मीदें थीं. नौकरीपेशा लोग टैक्स राहत चाहते थे. कारोबारी वर्ग को अमेरिकी टैरिफ जैसे मुद्दों से राहत की उम्मीद थी. वहीं लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी घोषणा का इंतजार कर रहे थे. सोशल मीडिया से लेकर दफ्तरों तक इसी पर चर्चा थी कि क्या इस बार सैलरी बढ़ोतरी का रास्ता साफ होगा. लेकिन बजट पेश होने के बाद तस्वीर थोड़ी अलग नजर आई.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई सुधार और विकास योजनाएं गिनाईं, मगर वेतन आयोग पर कोई सीधी बात नहीं की गई. इससे कर्मचारियों में निराशा भी दिखी और असमंजस भी. अब सवाल यही है कि 8वां वेतन आयोग आखिर कब लागू होगा और बजट के आंकड़े इसके बारे में क्या संकेत देते हैं.
बजट में 8वें वेतन आयोग पर क्या कहा गया
बजट भाषण में 8वें वेतन आयोग के लिए कोई अलग फंड या तारीख नहीं बताई गई. सरकार ने यह साफ नहीं किया कि इस वित्त वर्ष में सैलरी बढ़ेगी या नहीं. इससे संकेत मिलता है कि सरकार आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. 8वां वेतन आयोग पहले ही बनाया जा चुका है. इसे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों की सैलरी, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करनी है. लेकिन जब तक इसकी सिफारिशें सामने नहीं आतीं, तब तक सरकार कोई बड़ा फैसला लेने से बच रही है.
आंकड़े क्या करते हैं इशारा
सरकार ने इस साल Establishment expenses के लिए करीब ₹8.24 लाख करोड़ का खर्च तय किया है. पिछले साल यह राशि ₹7.82 लाख करोड़ थी. यानी बढ़ोतरी मामूली है. जानकारों का कहना है कि यह रकम नई भर्तियों और महंगाई भत्ते में चली जाएगी. इससे साफ है कि इसमें 8वें वेतन आयोग की सैलरी बढ़ोतरी का पैसा शामिल नहीं है. इसी वजह से इस वित्त वर्ष में बड़े वेतन संशोधन की उम्मीद कम मानी जा रही है.
कई मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय मिला है. ऐसे में उसकी सिफारिशें अभी तैयार नहीं हैं. जब तक रिपोर्ट नहीं आती, सरकार बजट में इसके लिए पैसा नहीं रख सकती. यही कारण है कि बजट 2026–27 में सैलरी या पेंशन बढ़ाने का ऐलान नहीं किया गया.
| साल | खर्च का प्रकार | अमाउंट |
|---|---|---|
| 2024–25 | वास्तविक खर्च | ₹8,29,423 करोड़ |
| 2025–26 | बजट अनुमान | ₹8,68,096 करोड़ |
| 2025–26 | संशोधित अनुमान | ₹7,82,701 करोड़ |
| 2026–27 | बजट अनुमान | ₹8,24,114 करोड़ |
अभी करना होगा लंबा इंतजार
अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो अलग-अलग स्तर के पेंशनर्स को अच्छी बढ़ोतरी मिल सकती है. जिनकी मौजूदा बेसिक पेंशन 9000 रुपये है, उनकी पेंशन फिटमेंट फैक्टर 2 होने पर 18000 रुपये तक जा सकती है, 2.57 होने पर करीब 23130 रुपये और 2.86 लागू होने पर लगभग 25740 रुपये तक पहुंच सकती है.
मिड-लेवल पेंशनर्स, जिनकी अभी पेंशन 22450 रुपये है, उन्हें फिटमेंट फैक्टर 2 पर करीब 45000 रुपये, 2.57 पर 57000 रुपये से ज्यादा और 2.86 पर लगभग 64000 रुपये मिलने की संभावना बनती है. हालांकि बजट और सरकारी संकेतों को देखते हुए फिलहाल इन संभावित बढ़ोतरी पर डाउट बना हुआ है और जल्द लागू होने की उम्मीद कम नजर आ रही है.
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