Budget 2026: क्या हुआ सस्ता-महंगा? मिडिल क्लास से लेकर ट्रेडर्स पर ऐसे पड़ेगा असर; जानें अपना नया बजट

केंद्रीय बजट 2026-27 में सरकार ने एक तरफ विदेश यात्रा, शिक्षा, हेल्थकेयर और ग्रीन एनर्जी जैसे सेक्टर्स को राहत दी है, तो दूसरी तरफ F&O ट्रेडिंग और टैक्स कंप्लायंस को लेकर सख्ती बढ़ाई है. जानिए बजट 2026 में आम आदमी, निवेशकों और कारोबारियों के लिए क्या बदला और इसका सीधा असर आपकी जेब पर कैसे पड़ेगा.

क्या सस्ता-महंगा? Image Credit: @Money9live

Budget 26 Chepaer and Costlier List: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश कर दिया है और इसके साथ ही आम लोगों और कारोबार से जुड़े वर्गों की नजर इस बात पर टिक गई है कि इस बजट में क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा. पिछले साल के बजट में सरकार ने तेज आर्थिक विकास, समावेशी ग्रोथ, इंडस्ट्री को सपोर्ट और मिडिल क्लास की खर्च करने की क्षमता बढ़ाने को प्राथमिकता बताया था. इसी दिशा में बजट 2026 में भी कई ड्यूटी कटौती और टैक्स में बदलाव किए गए हैं. यह बजट ऐसे समय में आया है, जब आर्थिक सुस्ती को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं. FY27 के लिए भारत की GDP ग्रोथ 6.8 फीसदी से 7.2 फीसदी के बीच रहने का अनुमान है. ऐसे में सरकार ने कुछ सेक्टर्स को राहत दी है, तो कुछ मामलों में सख्ती भी दिखाई है.

बजट 2026 में क्या हुआ सस्ता?

बजट 2026 में सरकार ने कई अहम वस्तुओं और सेवाओं पर टैक्स और कस्टम ड्यूटी घटाई है, जिससे उपभोक्ताओं, एक्सपोर्टर्स और रणनीतिक क्षेत्रों को राहत मिलने की उम्मीद है.

  • विदेश यात्रा पैकेज- अब ओवरसीज टूर पैकेज पर टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (TCS) को घटाकर सिर्फ 2 फीसदी कर दिया गया है. पहले यह 5 फीसदी से लेकर 20 फीसदी तक लगता था. इससे विदेश घूमने वालों को सीधा फायदा मिलेगा.
  • विदेश में पढ़ाई- लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत शिक्षा से जुड़े खर्चों पर लगने वाला TDS कम कर दिया गया है, जिससे विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और उनके परिवारों को राहत मिलेगी.
  • शराब से जुड़ा स्क्रैप और कुछ खनिज- अल्कोहॉलिक लिकर स्क्रैप और कुछ मिनरल्स पर कस्टम ड्यूटी 5 फीसदी से घटाकर 2 फीसदी कर दी गई है.
  • जूते के अपर एक्सपोर्ट- जूते के अपर बनाने के लिए आयात होने वाले कच्चे माल को अब एक्सपोर्ट प्रोडक्शन के लिए ड्यूटी-फ्री कर दिया गया है, जिससे फुटवियर एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा.

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एनर्जी ट्रांजिशन और रिन्यूएबल सेक्टर- ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले किए गए हैं:

  • एनर्जी ट्रांजिशन से जुड़े इक्विपमेंट पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) पूरी तरह हटाई गई
  • सोलर ग्लास बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर BCD माफ
  • क्रिटिकल मिनरल्स के लिए कैपिटल गुड्स पर BCD छूट
  • एविएशन सेक्टर को राहत- नागरिक विमानों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स और पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है.
  • घरेलू उपयोग के सामान- पर्सनल यूज के लिए आयात होने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दी गई है.
  • स्वास्थ्य और दवाइयां- रेयर बीमारियों और कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाओं पर अब कोई बेसिक कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी, जिससे इलाज की लागत कम होने की उम्मीद है.
  • मछुआरों और न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स को राहत- भारतीय जल क्षेत्र में मछुआरों द्वारा पकड़ी गई मछलियों पर BCD खत्म कर दी गई है. वहीं, न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए आयात होने वाले सामान पर भी कस्टम ड्यूटी माफ कर दी गई है.

बजट 2026 में क्या हुआ महंगा?

जहां कई सेक्टर्स को राहत मिली है, वहीं कुछ मामलों में सरकार ने सख्ती भी दिखाई है.

  • इनकम टैक्स में गलत जानकारी पर सख्त कार्रवाई- अगर कोई टैक्सपेयर इनकम टैक्स में गलत जानकारी देता है, तो अब उस पर टैक्स अमाउंट के बराबर यानी 100 फीसदी तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
  • चल संपत्ति की जानकारी छुपाने पर पेनल्टी- अब चल संपत्तियों यानी मूवेबल एसेट्स की जानकारी छुपाने पर भी पेनल्टी लगेगी.
  • शेयर बाजार में F&O ट्रेडिंग महंगी- फ्यूचर्स और ऑप्शंस में ट्रेड करने वालों के लिए बुरी खबर है. स्टॉक ऑप्शंस और फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया गया है. इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ेगी और एक्टिव ट्रेडर्स पर सीधा असर पड़ेगा.

कुल मिलाकर बजट का असर

बजट 2026 में सरकार ने एक तरफ मिडिल क्लास, हेल्थकेयर, ग्रीन एनर्जी और एक्सपोर्ट सेक्टर्स को राहत देने की कोशिश की है, वहीं टैक्स कंप्लायंस और फाइनेंशियल डिसिप्लिन को मजबूत करने के लिए कुछ फैसले सख्त भी रखे हैं. अब आने वाले महीनों में यह साफ होगा कि इन उपायों से खपत, निवेश और आर्थिक ग्रोथ को कितनी मजबूती मिलती है.