Budget 2026: बजट में सीफूड और लेदर से जुड़े कारोबारियों के लिए खुशखबरी, बढ़ी ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की सीमा
अमेरिका में बढ़े टैरिफ के झटके के बीच केंद्र सरकार ने सीफूड, लेदर और टेक्सटाइल सेक्टर को राहत देने के लिए बड़े फैसले लिए हैं. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 में इन श्रम-प्रधान उद्योगों के लिए ड्यूटी में छूट और समयसीमा बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे निर्यातकों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
सरकार ने निर्यातकों को राहत देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. बजट में ऐसे प्रस्ताव किए गए हैं, जिनसे समुद्री उत्पादों और लेदर सेक्टर से जुड़े निर्यातकों की लागत घटेगी और वैश्विक बाजार में उनकी कंपटीशन बढ़ेगी. खासतौर पर ऐसे समय में, जब इन सेक्टरों को अमेरिका जैसे बड़े बाजार में कड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार ने प्रोसेस्ड सीफूड प्रोडक्ट्स के निर्यात में इस्तेमाल होने वाले कुछ इनपुट्स पर ड्यूटी-फ्री इंपोर्ट की सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है. अभी तक यह सीमा पिछले साल के निर्यात कारोबार के एफओबी वैल्यू का एक प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर तीन प्रतिशत किया जाएगा. इसका सीधा फायदा उन निर्यातकों को मिलेगा, जिनकी लागत कच्चे माल के आयात पर ज्यादा निर्भर है.
बजट भाषण में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी ऐलान किया कि लेदर या सिंथेटिक फुटवियर के निर्यात पर मिलने वाली ड्यूटी-फ्री इनपुट्स की सुविधा अब शू अपर के निर्यात पर भी लागू की जाएगी. इससे फुटवियर इंडस्ट्री की वैल्यू चेन को मजबूती मिलेगी और छोटे-बड़े सभी निर्यातकों को फायदा होगा.
बढ़ी इंटोर्ट की समय-सीमा
इसके अलावा, सरकार ने लेदर या टेक्सटाइल गारमेंट्स, लेदर या सिंथेटिक फुटवियर और दूसरे लेदर प्रोडक्ट्स के निर्यातकों के लिए लास्ट प्रोडक्ट के निर्यात की समय-सीमा भी बढ़ा दी है. पहले जहां छह महीने में निर्यात करना जरूरी था, अब यह अवधि एक साल कर दी गई है. इससे निर्यातकों को ऑर्डर पूरा करने और लॉजिस्टिक्स की बेहतर योजना बनाने में सहूलियत मिलेगी.
AI टूल से देश का बजट खुद बनाएं. तय करें किस सेक्टर में कितना होगा खर्च. बेहतर भविष्य के लिए यहां क्लिक करें.
क्या होगा फायदा ?
ये घोषणाएं ऐसे समय में अहम मानी जा रही हैं, जब लेबर-इंटेंसिव सेक्टर अमेरिका में बढ़ी आयात शुल्क जैसी चुनौतियों से जूझ रहे हैं. सरकार का मानना है कि इन राहतों से निर्यातकों को कुछ हद तक दबाव से राहत मिलेगी और वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी बनाए रख सकेंगे. आंकड़ों पर नजर डालें तो अप्रैल-दिसंबर 2025-26 के दौरान भारत का लेदर और लेदर उत्पादों का निर्यात 0.23 फीसदी घटकर 3.3 अरब डॉलर रह गया. वहीं, इसी अवधि में भारत का सीफूड निर्यात 15.53 फीसदी बढ़कर 6.5 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 5.67 अरब डॉलर था.
इन सेक्टर्स को भी मिला बड़ा सौगात
इसके अलावा बजट 2026-27 में टेक्सटाइल सेक्टर के लिए भी कई योजनाओं का ऐलान किया गया है. इसमें नेशनल फाइबर स्कीम, टेक्सटाइल एक्सपेंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम, नेशनल हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम और पर्यावरण पर फोकस करने वाली Tex-Eco Initiative शामिल हैं. साथ ही टेक्सटाइल स्किलिंग को मजबूत करने के लिए Samarth 2.0, चुनौती आधारित मॉडल पर मेगा टेक्सटाइल पार्क और खादी, हैंडलूम व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल भी शुरू की जाएगी.
इसे भी पढ़ें- Budget 2026 में मिला 12.2 लाख करोड़ का बूस्टर डोज, रॉकेट हुए इंफ्रा स्टॉक्स, एक दिन में 9% तक उछले
Latest Stories
WB Budget 2026: सरकार ने अन्नपूर्णा योजना के लिए 36000 करोड़ रुपये अलॉट किए, DA में 20% की बढ़ोतरी का ऐलान
गिरावट के बाद संभला बुलियन बाजार! ₹2220 उछले सिल्वर के दाम, सोना भी एक फीसदी भागा
भारत पर ADB का भरोसा बरकरार, 2026 में प्राइवेट सेक्टर को देगा 1 अरब डॉलर की मदद; इन सेक्टरों को होगा फायदा
