Apple जैसी कंपनियों को 5 साल की टैक्स छूट, सस्ते फोन और ज्यादा नौकरियों की उम्मीद; जानें सरकार का प्लान
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए Apple जैसी विदेशी कंपनियों को बड़ी टैक्स राहत दी है. नए नियमों के तहत विदेशी कंपनियां अपने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को मशीनें दे सकेंगी और 5 साल तक उन पर कोई टैक्स जोखिम नहीं होगा.
Five year tax exemption: केंद्र सरकार ने विदेशी इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियों को लेकर एक बड़ा और रणनीतिक फैसला लिया है. इस फैसले के तहत Apple जैसी कंपनियां भारत में अपने कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स को मशीनें दे सकेंगी और उन पर 5 साल तक कोई टैक्स नहीं लगेगा. सरकार का मकसद भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनाना है. खासकर स्मार्टफोन और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने पर जोर है. यह फैसला चीन पर निर्भरता कम करने की दिशा में भी अहम माना जा रहा है.
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया
सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा ग्लोबल कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग करें. पहले टैक्स नियमों के कारण विदेशी कंपनियां भारत में निवेश करने से हिचक रही थीं. मशीनों के मालिकाना हक को व्यापारिक लेनदेन माना जा सकता था. इससे कंपनियों पर अतिरिक्त टैक्स का खतरा था. अब इस जोखिम को खत्म कर दिया गया है.
कंपनियों की समस्या क्या थी
Apple जैसी कंपनियां अपने पार्टनर मैन्युफैक्चरर्स को महंगी मशीनें देना चाहती थीं. लेकिन टैक्स कानून के कारण यह जोखिम भरा था. इसी वजह से फॉक्सकॉन और टाटा जैसी कंपनियों को खुद अरबों रुपये खर्च करने पड़े. नए नियम से अब विदेशी कंपनियां खुद निवेश कर सकेंगी. इससे प्रोडक्शन तेजी से बढ़ेगा.
मैन्युफैक्चरिंग को कैसे फायदा होगा
इस फैसले से भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग तेजी से बढ़ेगी. कंपनियां आसानी से नई फैक्ट्रियां लगा सकेंगी. शुरुआती लागत कम होने से निवेश का रास्ता साफ होगा. इससे भारत ग्लोबल सप्लाई चेन में मजबूत भूमिका निभा सकेगा. आने वाले वर्षों में प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा भारत में हो सकता है.
रोजगार और अर्थव्यवस्था पर असर
जब मैन्युफैक्चरिंग बढ़ेगी तो रोजगार के नए अवसर बनेंगे. लोकल सप्लायर्स और छोटे इंडस्ट्री को भी फायदा मिलेगा. सरकार को लंबे समय में टैक्स के रूप में अधिक रिवेन्यू मिल सकता है. इससे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. यह फैसला युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकता है.
विकसित भारत के पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोकस भारत को मैन्युफैक्चरिंग पावर बनाने पर है. यह टैक्स छूट योजना इसी दिशा में एक अहम कदम है. यह नियम वर्ष 2031 तक लागू रहेगा. इससे विदेशी कंपनियों को भरोसा मिलेगा. भारत को तकनीक निवेश और वैश्विक पहचान का फायदा होगा.
ये भी पढ़ें – जनवरी में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने पकड़ी रफ्तार, PMI बढ़कर 55.4 पर पहुंचा
चीन पर निर्भरता कम करने में मदद
दुनिया की बड़ी कंपनियां चीन के विकल्प तलाश रही हैं. भारत उनके लिए मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है. इस टैक्स छूट से भारत की स्थिति और मजबूत होगी. कंपनियां अपने प्रोडक्शन का बड़ा हिस्सा भारत में शिफ्ट कर सकती हैं. इससे भारत वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में बड़ी ताकत बन सकता है.
Latest Stories
टोबैको टैक्स लागू होते ही टूटने लगे हैं Tobacco Stocks, 5% तक लुढ़के, ITC, Godfrey Phillips पर सबसे ज्यादा दबाव
बजट में 8th Pay Commission पर झोल, इंतजार होगा लंबा, जानें वित्त मंत्री ने कैसे फेरा उम्मीदों पर पानी
म्यूचुअल फंड और डिविडेंड निवेशकों को झटका, ब्याज कटौती का टैक्स फायदा खत्म, 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे नए नियम
क्रिप्टो निवेशक हो जाएं अलर्ट, बजट में सरकार की बड़ी मार, अगर की ये गलती तो रोजाना फाइन और भारी पेनल्टी के लिए रहें तैयार
