Budget 2026: सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड पर सबको नहीं मिलेगा कैपिटल गेन टैक्‍स का फायदा, नियम सख्‍त, टैक्‍स बचाने वालों को झटका

Budget 2026 में सरकार ने सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) पर कैपिटल गेन टैक्स छूट के नियम सख्त कर दिए हैं. अब यह टैक्स फ्री लाभ सभी निवेशकों को नहीं मिलेगा. इसका दायरा सीमित कर दिया गया है. सेकेंडरी मार्केट से SGB खरीदने या बीच में बेचने वालों को अब झटका लगेगा. वे इसका इस्‍तेमाल सिर्फ टैक्स बचाने के लिए नहीं कर सकेंगे.

SGB rules changed in Budget 2026 Image Credit: money9 live AI image

Budget 2026 SGB Rules changed: अगर आप टैक्स बचाने और सोने में निवेश के लिए सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड (SGB) में पैसा लगाते हैं, तो Budget 2026–27 में आपके लिए एक बड़ा बदलाव हुआ है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए SGB पर मिलने वाली कैपिटल गेन टैक्स छूट की शर्तों को कड़ा करने का प्रस्ताव रखा है. इस बदलाव के बाद अब हर निवेशक को टैक्स फ्री मुनाफे का फायदा नहीं मिलेगा. अब सिर्फ चुनिंदा निवेशकों को ही इसका लाभ मिल पाएगा.

किसे मिलेगा SGB पर टैक्स फ्री लाभ?

  • बजट प्रस्ताव के मुताबिक SGB पर कैपिटल गेन टैक्स से छूट अब सिर्फ उन्हीं निवेशकों को मिलेगी, जो व्यक्तिगत (Individual) निवेशक हों.
  • जिन्होंने SGB को सीधे सरकार यानी RBI के ओरिजिनल इश्यू में खरीदा हो.
  • बॉन्ड को मैच्योरिटी तक लगातार होल्ड किया हो, यानी अगर आपने सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड (Sovereign Gold Bond) को RBI के इश्यू के वक्त खरीदा और पूरे 8 साल तक उसे रखा, तो मैच्योरिटी पर मिलने वाला मुनाफा पहले की तरह पूरी तरह टैक्स फ्री रहेगा.

सेकेंडरी मार्केट वालों को झटका

जानकारों के मुताबिक सरकार के इस फैसले से उन निवेशकों को झटका लगेगा जो स्टॉक एक्सचेंज से SGB खरीदकर मैच्योरिटी तक रखते थे और उन्हें टैक्स छूट मिलती थी. मगर बजट 2026 के बाद ऐसा नहीं होगा. अगर आपने SGB सेकेंडरी मार्केट से खरीदा है या मैच्योरिटी से पहले बेच दिया है, तो अब कैपिटल गेन पर टैक्स देना होगा. यानी एक्सचेंज से खरीदे गए SGB पर टैक्स फ्री एग्जिट का रास्ता बंद हो गया है.

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सभी SGB सीरीज पर लागू होगा नियम

वित्त मंत्री ने साफ किया है कि यह नया नियम Reserve Bank of India की ओर से जारी की गई सभी सॉवरेन गोल्‍ड बॉन्‍ड सीरीज पर एक समान लागू होगा. इससे अलग-अलग ट्रांच को लेकर जो भ्रम रहता था, वह भी खत्म हो जाएगा.

सरकार का मकसद

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सरकार का मकसद SGB को शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग या टैक्स आर्बिट्राज का जरिया बनने से रोकना है. सरकार चाहती है कि SGB एक लॉन्ग टर्म सेविंग इंस्ट्रूमेंट बने, न कि बार-बार खरीद-बिक्री कर टैक्स बचाने का हथियार. इसी वजह से टैक्स छूट को सिर्फ ओरिजिनल और लंबे समय तक निवेश करने वालों तक सीमित किया गया है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.