कंटेनर बनाने वाली इन 4 कंपनियों पर रखें नजर, बजट में इस सेक्टर के लिए ₹10000 करोड़ की योजना का ऐलान

बजट 2026 में सरकार ने घरेलू कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ की बड़ी योजना का ऐलान किया है. इस कदम का उद्देश्य भारत को आयात पर निर्भरता से मुक्त करना और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मजबूत बनाना है. इस घोषणा के बाद कंटेनर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियों के शेयर निवेशकों के रडार पर आ गए हैं.

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Container Manufacturing Stocks: केंद्रीय बजट 2026 में सरकार ने घरेलू कंटेनर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ की बड़ी योजना का ऐलान किया है. इस कदम का मकसद भारत को कंटेनर निर्माण में आत्मनिर्भर बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना और देश की लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को मजबूत करना है. इस घोषणा के बाद कंटेनर और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है.

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगी नई ताकत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि अगले पांच सालों में भारत में कंटेनर निर्माण की मजबूत क्षमता विकसित की जाएगी. इससे न केवल घरेलू मांग पूरी होगी बल्कि भविष्य में भारत कंटेनर निर्यातक भी बन सकता है. यह पहल आत्मनिर्भर भारत मिशन को और मजबूती देगी.

इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च बढ़ने से लॉजिस्टिक्स सेक्टर को सहारा

सरकार ने FY27 के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर कैपेक्स बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है. सड़क, रेल, पोर्ट और इंडस्ट्रियल गतिविधियों में तेजी से कार्गो मूवमेंट बढ़ेगा, जिससे कंटेनरों की मांग में भी इजाफा होने की उम्मीद है. इसका सीधा फायदा लॉजिस्टिक्स और कंटेनर कंपनियों को मिल सकता है.

Container Corporation of India पर निवेशकों की नजर

Container Corporation of India Ltd देश की प्रमुख कंटेनर लॉजिस्टिक्स कंपनी है, जो रेल और सड़क के जरिए कंटेनर परिवहन, वेयरहाउसिंग और मल्टीमॉडल सेवाएं देती है. बजट ऐलान के बाद इसके शेयरों में तेजी देखी गई, जो इस सेक्टर में भरोसे को दिखाता है.

Kalyani Cast-Tech और BHEL को मिल सकता है बड़ा फायदा

Kalyani Cast-Tech Ltd पहले से ही कार्गो और स्पेशल कंटेनर बनाती है, जिससे यह योजना इसके लिए ऑर्डर बुक बढ़ाने का मौका बन सकती है. इसके शेयरों में लगभग 5 फीसदी की तेजी आई है. वहीं, Bharat Heavy Electricals Limited ने भी ISO शिपिंग कंटेनर निर्माण में कदम रखा है, जो इसके भारी फैब्रिकेशन अनुभव का अच्छा इस्तेमाल है. हालांकि इसके शेयरों में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है.

Mazagon Dock का नया अवतार

डिफेंस शिपयार्ड के रूप में पहचान रखने वाली Mazagon Dock Shipbuilders Ltd अब कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग में भी उतर चुकी है. भारी स्टील स्ट्रक्चर और मॉड्यूलर निर्माण में इसकी विशेषज्ञता भारत की घरेलू उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में मदद कर सकती है. इसके शेयरों में भी लगभग 7 फीसदी की गिरावट आई है.

डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.