Budget 2026: 15 साल में बजट के बाद कैसी रही शेयर बाजार की चाल, कहां बना पैसा और किधर हुई बिकवाली

बजट के बाद एक महीने में Auto सेक्टर ने सिर्फ 15 में से 6 बार पॉजिटिव क्लोज दिया है, जिसमें औसतन करीब 5.32 प्रतिशत की तेजी रही है. वहीं 9 बार इसमें औसतन करीब 6.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. तीन महीने में Auto सेक्टर ने सिर्फ 5 बार बढ़त दिखाई है, जहां औसतन करीब 13.67 प्रतिशत का रिटर्न मिला है.

बजट के बाद बाजार का ट्रेंड Image Credit: Canva, tv9

1 फरवरी को संसद में देश का बजट पेश होने वाला है. बजट से पहले ही भारतीय शेयर में खूब उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. निवेशकों के मन में ये सवाल उठ रहा है कि बजट से पहले या फिर बजट के बाद का क्या रुख होगा? ऐसे में हर निवेशक और ट्रेडर यह जानना चाहता है कि यूनियन बजट शेयर बाजार पर क्या असर डालता है. SBI Securities ने पिछले 15 यूनियन बजट यानी अंतरिम और फाइनल बजट के बाद बाजार के प्रदर्शन का एनालिसिस किया है. इसमें Sensex, Nifty, Midcap, Smallcap, India VIX और प्रमुख सेक्टर्स के पोस्ट बजट रिटर्न को देखा गया है.

बजट के बाद Sensex का ट्रैक रिकॉर्ड

रिपोर्ट के मुताबिक, बजट के अगले एक हफ्ते में Sensex ने 15 में से 11 बार पॉजिटिव क्लोजिंग दी है. इस दौरान औसतन करीब 2.10 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है. वहीं सिर्फ 4 बार Sensex ने नेगेटिव क्लोज दिया है, जिसमें औसतन करीब 2.05 प्रतिशत की गिरावट रही है. तीन महीने के नजरिए से देखें तो Sensex ने 15 में से 9 बार बढ़त दिखाई है, जहां औसतन करीब 6.77 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. वहीं 6 बार इसमें कमजोरी देखने को मिली है, जिसमें औसतन करीब 5.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है.

Nifty का पोस्ट बजट प्रदर्शन

Nifty का ट्रेंड भी लगभग Sensex जैसा ही रहा है. बजट के बाद एक हफ्ते में Nifty ने 15 में से 12 बार पॉजिटिव क्लोजिंग दी है, जिसमें औसतन करीब 2.04 प्रतिशत की तेजी रही है. वहीं सिर्फ 3 बार इसमें कमजोरी देखने को मिली है, जहां औसतन करीब 2.65 प्रतिशत का नुकसान हुआ है. तीन महीने के नजरिए से Nifty ने 15 में से 9 बार बढ़त दिखाई है, जिसमें औसतन करीब 7.40 प्रतिशत का मुनाफा मिला है. वहीं 6 बार नेगेटिव क्लोजिंग रही है, जहां औसतन करीब 5.46 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

Midcap और Smallcap का ट्रेंड

बजट के बाद एक हफ्ते में Midcap और Smallcap दोनों इंडेक्स ने 15 में से 11 बार पॉजिटिव क्लोजिंग दी है. इस दौरान औसतन 3.1 से 3.3 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है. वहीं 4 बार इन इंडेक्स में कमजोरी रही है, जहां औसतन 2.7 से 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. तीन महीने के नजरिए से Midcap Index ने 15 में से 10 बार पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जिसमें औसतन करीब 8.67 प्रतिशत की तेजी रही है.

वहीं Smallcap Index का प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इसने 15 में से 7 बार पॉजिटिव क्लोज दिया है, जिसमें औसतन करीब 14.54 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. वहीं 8 बार इसमें गिरावट रही है, जहां औसतन करीब 8.77 प्रतिशत का नुकसान हुआ है. कुल मिलाकर ब्रॉडर मार्केट ने कई मौकों पर बेंचमार्क इंडेक्स से बेहतर प्रदर्शन किया है.

बजट के बाद किन सेक्टर्स में दिखी मजबूती

SBI Securities के मुताबिक पिछले 15 बजट के बाद Pharma और Financial Services सेक्टर ने बाकी सेक्टर्स के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है.

Pharma सेक्टर

बजट के बाद एक हफ्ते में Pharma सेक्टर ने 15 में से 14 बार पॉजिटिव क्लोज दिया है. इस दौरान औसतन करीब 3.20 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली है. सिर्फ एक बार इसमें मामूली गिरावट आई है, जो औसतन करीब 0.24 प्रतिशत रही है. तीन महीने के नजरिए से Pharma ने 15 में से 10 बार बढ़त दिखाई है, जिसमें औसतन करीब 7.45 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. वहीं 5 बार इसमें कमजोरी रही है, जहां औसतन करीब 1.90 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है.

Financial Services सेक्टर

Financial Services सेक्टर ने भी बजट के बाद अच्छा प्रदर्शन किया है. एक हफ्ते में इस सेक्टर ने 15 में से 11 बार पॉजिटिव क्लोजिंग दी है, जिसमें औसतन करीब 2.93 प्रतिशत की तेजी रही है. वहीं 4 बार इसमें औसतन करीब 3.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. तीन महीने में Financial Services ने 15 में से 9 बार पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जिसमें औसतन करीब 10.85 प्रतिशत का फायदा मिला है. वहीं 6 बार इसमें औसतन करीब 8.81 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है.

Auto और Realty सेक्टर रहे कमजोर

बजट के बाद के ट्रेंड में Auto और Realty सेक्टर का प्रदर्शन बाकी सेक्टर्स के मुकाबले कमजोर रहा है.

Auto सेक्टर

बजट के बाद एक महीने में Auto सेक्टर ने सिर्फ 15 में से 6 बार पॉजिटिव क्लोज दिया है, जिसमें औसतन करीब 5.32 प्रतिशत की तेजी रही है. वहीं 9 बार इसमें औसतन करीब 6.95 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. तीन महीने में Auto सेक्टर ने सिर्फ 5 बार बढ़त दिखाई है, जहां औसतन करीब 13.67 प्रतिशत का रिटर्न मिला है. बाकी 10 बार इसमें कमजोरी रही है, जिसमें औसतन करीब 5.69 प्रतिशत का नुकसान हुआ है.

Realty सेक्टर

Realty सेक्टर ने बजट के बाद एक महीने में सिर्फ 5 बार पॉजिटिव क्लोज दिया है, जिसमें औसतन करीब 11.55 प्रतिशत की तेजी रही है. वहीं 10 बार इसमें औसतन करीब 7.56 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. तीन महीने में Realty सेक्टर ने 6 बार पॉजिटिव रिटर्न दिया है, जहां औसतन करीब 24.19 प्रतिशत का फायदा मिला है. वहीं 9 बार इसमें औसतन करीब 13.29 प्रतिशत की गिरावट रही है.

बजट डे पर India VIX का ट्रेंड

India VIX यानी बाजार की वोलैटिलिटी इंडेक्स ने बजट वाले दिन सभी 15 मौकों पर नेगेटिव क्लोज दिया है. औसतन इसमें करीब 9.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है. बजट के बाद एक हफ्ते में India VIX ने 15 में से 11 बार नेगेटिव क्लोजिंग दी है, जिसमें औसतन करीब 8.82 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है. इसका मतलब यह है कि बजट के बाद बाजार में अनिश्चितता आमतौर पर कम होती है.

बजट से पहले गिरावट और बाद में रिकवरी का पैटर्न

27 जनवरी तक Nifty और Sensex मंथली बेस पर क्रमशः करीब 3.65 प्रतिशत और 3.95 प्रतिशत नीचे थे. पिछले 15 बजट साइकल में ऐसे कुछ मौके आए हैं जब बजट से एक महीने पहले बाजार में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई. इतिहास बताता है कि जब भी बजट से पहले Nifty या Sensex में 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है, उसके बाद बजट के बाद एक हफ्ते, एक महीने और तीन महीने की अवधि में बाजार में मजबूत रिकवरी देखने को मिली है. कमजोर सेंटिमेंट के बावजूद पोस्ट बजट पीरियड में बेंचमार्क इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया है.

Midcap और Smallcap में रिकवरी का अलग ट्रेंड

27 जनवरी तक Midcap Index करीब 4.96 प्रतिशत और Smallcap Index करीब 7.31 प्रतिशत नीचे था. पिछले 15 बजट चक्र में Midcap Index तीन बार बजट से पहले 5 प्रतिशत से ज्यादा टूटा है. ऐसे मामलों में Midcap में रिकवरी आमतौर पर धीरे धीरे होती है और मजबूत सुधार तीन महीने की अवधि में देखने को मिलता है. Smallcap Index में रिकवरी का ट्रेंड मिला जुला रहा है. कुछ मौकों पर बजट के बाद तेजी से सुधार हुआ, जबकि कुछ मामलों में रिकवरी तीन महीने से भी ज्यादा समय बाद आई है. पिछले साल Smallcap Index बजट से पहले करीब 10.81 प्रतिशत टूटा था और बजट के बाद एक महीने में इसमें और करीब 13.43 प्रतिशत की गिरावट आई थी. तीन महीने बाद भी इंडेक्स करीब 3.13 प्रतिशत नीचे ही बना रहा.

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डिस्क्लेमर: Money9live किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है. यहां पर केवल स्टॉक्स की जानकारी दी गई है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.