कैबिनेट ने खोला ₹39290 करोड़ का खजाना, बिहार, MP और तेलंगाना में नई सड़कों का ऐलान; दिल्ली में बस-ट्रक के लिए योजना

केंद्र सरकार ने 39,290 करोड़ रुपये के बड़े निवेश पैकेज को मंजूरी देते हुए एविएशन, परिवहन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं. कैबिनेट ने 10,000 करोड़ रुपये के ATF प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड, दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को बदलने के लिए 5,041 करोड़ रुपये की योजना तथा बिहार, मध्य प्रदेश और तेलंगाना समेत कई राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति दी है.

पीएम मोदी Image Credit: PTI

Cabinet Decisions: देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने 39,290 करोड़ रुपये के बड़े निवेश पैकेज को मंजूरी दी है. केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई, जिनमें एविएशन सेक्टर को राहत, दिल्ली में पुराने वाहनों को हटाने की योजना और कई राज्यों में राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं शामिल हैं. सरकार का मानना है कि इन फैसलों से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और परिवहन व्यवस्था अधिक आधुनिक बनेगी.

एविएशन सेक्टर को बड़ी राहत

मंत्रिमंडल के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में 10,000 करोड़ रुपये के एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड की स्थापना शामिल है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि ATF की कीमतों में पिछले कुछ समय में लगभग ढाई गुना तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइन कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ गया था.

सरकार ने घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमत 75.6 रुपये प्रति लीटर पर सीमित रखने का फैसला किया है. इस कदम का सबसे बड़ा फायदा एयरलाइन कंपनियों को मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उनके कुल ऑपरेटिंग खर्च का लगभग 40 फीसदी हिस्सा जेट फ्यूल पर खर्च होता है.

दिल्ली में पुराने वाहनों को हटाने की योजना

सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में प्रदूषण कम करने के लिए 5,041 करोड़ रुपये की योजना को भी मंजूरी दी है. इस योजना के तहत दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा और उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जाएगा.

योजना का लक्ष्य 1.9 लाख से अधिक ट्रकों और करीब 16,000 बसों को बदलना है. इसके तहत पात्र वाहन मालिकों को वाहन ऋण पर 5 फीसदी ब्याज सब्सिडी, पांच वर्षों तक मासिक फ्यूल वाउचर और वाहन निर्माताओं की ओर से विशेष छूट दी जाएगी.

इसके अलावा, राज्य सरकारें नए वाहनों की खरीद पर 100 फीसदी मोटर वाहन कर छूट और रजिस्ट्रेशन फीस में भी राहत देंगी. हालांकि, यह लाभ उन्हीं वाहन मालिकों को मिलेगा जो अपने पुराने वाहनों को स्क्रैप करेंगे या उन्हें गैर-एनसीएपी शहरों में स्थानांतरित करेंगे.

क्रमांककैबिनेट का फैसलामंजूर राशि (करोड़ रुपये)
1ATF प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड10,000
2दिल्ली में पुराने ट्रकों और बसों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की योजना5,041
3रामेश्वरम-कोणार्क-पारादीप कोस्टल हाईवे प्रोजेक्ट8,301
4बिहार में NH-31 और NH-231 के खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन का फोर-लेन3,936
5तेलंगाना में NH-63 और NH-563 के विभिन्न हिस्सों का 4-लेन7,597
6मध्य प्रदेश में NH-347B का अपग्रेडेशन 4,415
कुलमंजूर कुल निवेश (Approved Outlay)39,290

तीन राज्यों में बड़े हाईवे प्रोजेक्ट

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को गति देने के लिए सरकार ने कई राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है. इनमें 8,301 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला रामेश्वरम-कोणार्क-पारादीप कोस्टल हाईवे प्रोजेक्ट शामिल है. यह परियोजना देश के पूर्वी तटीय क्षेत्रों में कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी.

इसके अलावा, बिहार में खगड़िया-पूर्णिया सेक्शन के फोर-लेनिंग प्रोजेक्ट के लिए 3,936 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. वहीं, तेलंगाना में NH-63 और NH-563 के विभिन्न हिस्सों को फोर-लेन बनाने के लिए 7,597 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है. मध्य प्रदेश में NH-347B के अपग्रेडेशन के लिए भी 4,415 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी मिली है.

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