क्रिप्टो दुनिया में हड़कंप, CoinDCX के को-फाउंडर्स गिरफ्तार, कंपनी ने बताया फर्जीवाड़े की बड़ी साजिश

CoinDCX के फाउंडर्स सुमित गुप्ता और नीरज खंडेलवाल की गिरफ्तारी के बाद मामला गरमा गया है. कंपनी ने आरोपों को गलत बताते हुए इसे impersonation स्कैम बताया है. CoinDCX के अनुसार ठग उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों को फंसा रहे थे और फर्जी वेबसाइट्स के जरिए पैसे ठग रहे थे.

Coin DCX Image Credit: Money9 live

CoinDCX: भारत के तेजी से बढ़ते क्रिप्टो बाजार में एक बड़ा विवाद सामने आया है. देश की जानी-मानी क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX के सह-संस्थापक Sumit Gupta और Neeraj Khandelwal को धोखाधड़ी के आरोपों के बाद गिरफ्तार किया गया है. इस खबर के सामने आते ही निवेशकों और क्रिप्टो यूजर्स के बीच हलचल मच गई है. हालांकि कंपनी ने इन आरोपों को पूरी तरह गलत बताया है.

CoinDCX का कहना है कि यह मामला असली धोखाधड़ी से ज्यादा एक बड़ी साजिश का हिस्सा है, जिसमें कुछ लोग कंपनी के नाम और उसके संस्थापकों की पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं. कंपनी के अनुसार, इन फर्जी लोगों ने आम लोगों को गुमराह कर उनसे पैसे ठगे और उन्हें गलत खातों में ट्रांसफर करवा दिया. इस पूरे मामले ने डिजिटल फाइनेंस और ऑनलाइन निवेश की दुनिया में बढ़ते साइबर फ्रॉड की चिंता को एक बार फिर सामने ला दिया है.

क्या है पूरा मामला

CoinDCX के दोनों संस्थापकों के खिलाफ एक FIR दर्ज की गई थी, जिसमें धोखाधड़ी और फाइनेंशियल फ्रॉड के आरोप लगाए गए. इसी के बाद उनकी गिरफ्तारी हुई. CoinDCX ने इन आरोपों को गलत बताया है. कंपनी का कहना है कि कुछ ठग उनके नाम का इस्तेमाल कर लोगों को धोखा दे रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, जिन खातों का जिक्र शिकायत में किया गया है, उनका CoinDCX से कोई संबंध नहीं है.

फर्जी वेबसाइट का बड़ा नेटवर्क

कंपनी ने बताया कि अप्रैल 2024 से जनवरी 2026 के बीच 1,200 से ज्यादा फर्जी वेबसाइट्स सामने आई हैं, जो CoinDCX जैसी दिखती हैं. इन वेबसाइट्स के जरिए लोगों को फंसाकर पैसे ठगे जा रहे थे. CoinDCX ने कहा है कि वह इस मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग कर रही है.

साथ ही कंपनी लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दे रही है ताकि ऐसे फ्रॉड से बचा जा सके. यह मामला दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निवेश करते समय सावधानी रखना कितना जरूरी है. किसी भी निवेश से पहले सही जानकारी और आधिकारिक प्लेटफॉर्म की जांच जरूर करनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें- इस शेयर ने 1 लाख को ₹32 लाख बनाया, कर्ज लगभग जीरो, एक साल के निचले स्तर से 193% भागा स्टॉक