तेल कीमतों में हल्की गिरावट, लेकिन Brent अब भी $107 के पार! जानें क्यों बना हुआ है दबाव
कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन इसके बावजूद दाम अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार, Crude Oil की कीमत करीब 94.15 डॉलर प्रति बैरल है, जिसमें दिनभर में लगभग 1.46% की गिरावट दर्ज की गई है.
Oil Price: दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें इस समय काफी उतार-चढ़ाव में हैं. हाल के दिनों में तेज बढ़त के बाद अब कीमतों में हल्की गिरावट जरूर आई है, लेकिन फिर भी दाम 100 डॉलर से ऊपर बने हुए हैं. Brent क्रूड करीब 107 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है. इसकी सबसे बड़ी वजह वेस्ट एशिया में बढ़ता तनाव है, खासकर होर्मुज स्ट्रेट के आसपास. यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह की गड़बड़ी का सीधा असर ग्लोबल सप्लाई और कीमतों पर पड़ता है.
कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली है, लेकिन इसके बावजूद दाम अब भी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं. ताजा आंकड़ों के अनुसार, Crude Oil की कीमत करीब 94.15 डॉलर प्रति बैरल है, जिसमें दिनभर में लगभग 1.46% की गिरावट दर्ज की गई है. वहीं Brent Crude की कीमत करीब 107.43 डॉलर प्रति बैरल पर बनी हुई है, जो दिन के दौरान करीब 1.12% नीचे आई है.
हालांकि, अगर लंबी अवधि की बात करें तो दोनों ही तेल बेंचमार्क में मजबूत बढ़त बनी हुई है. पिछले एक महीने में Crude Oil करीब 41% और Brent करीब 50% तक चढ़ चुका है, जबकि सालाना आधार पर भी 37% से 48% तक की तेजी देखी जा रही है. इसका मतलब यह है कि छोटी गिरावट के बावजूद तेल की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं और वैश्विक बाजार में दबाव बना हुआ है.

होर्मुज स्ट्रेट बना चिंता का केंद्र
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम तेल रास्ता है. यहां से करीब 20 फीसदी ग्लोबल तेल गुजरता है. यही वजह है कि पूरी दुनिया की नजर इस क्षेत्र पर बनी हुई है. तेल की कीमतें बढ़ने का असर हर देश पर पड़ता है. इससे पेट्रोल-डीजल महंगा होता है और महंगाई बढ़ती है. भारत जैसे देशों के लिए यह और बड़ी चिंता है, क्योंकि यहां तेल का बड़ा हिस्सा आयात होता है. ऐसे में अगर कीमतें और बढ़ती हैं, तो आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा.
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