दिल्ली में कमर्शियल गैस यूजर्स को बड़ा झटका! LPG सिलेंडर के लिए PNG कनेक्शन हुआ अनिवार्य; क्या है नया आदेश?

दिल्ली सरकार ने कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई के नियम सख्त कर दिए हैं. अब व्यवसायों को LPG तभी मिलेगा जब वे PNG कनेक्शन ले चुके हों या आवेदन कर चुके हों. जहां PNG उपलब्ध नहीं है, वहां फ्यूचर में शिफ्ट होने का आश्वासन देना होगा.

कमर्शियल LPG सिलेंडर Image Credit: tv9 bharatvarsh

Delhi LPG Rules: दिल्ली सरकार ने कमर्शियल गैस सप्लाई को लेकर बड़ा फैसला लिया है. अब राजधानी में उन व्यवसायों को ही LPG सिलेंडर मिलेंगे, जो पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG कनेक्शन ले चुके हैं या उसके लिए आवेदन कर चुके हैं. इस कदम का मकसद धीरे-धीरे PNG को बढ़ावा देना और पारंपरिक LPG पर निर्भरता कम करना है.

क्या है नया नियम और क्यों लिया गया फैसला?

PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली सरकार के खाद्य आपूर्ति और उपभोक्ता मामले के विभाग ने जारी आदेश में कमर्शियल LPG वितरण से जुड़ी नीति में अहम बदलाव किया है. इस बदलाव के तहत अब केवल वही कमर्शियल और औद्योगिक उपभोक्ता LPG हासिल कर पाएंगे, जो संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी (OMC) के साथ रजिस्टर्ड हों और जिन क्षेत्रों में PNG नेटवर्क उपलब्ध है, वहां उन्होंने PNG कनेक्शन के लिए आवेदन किया हो. सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि फ्यूचर में गैस उपयोग का फोकस पाइप्ड नेटवर्क की ओर शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे सप्लाई सिस्टम ज्यादा सुरक्षित और पर्यावरण के लिहाज से बेहतर बन सके.

जिन इलाकों में PNG नहीं, वहां भी लागू होगा नियम?

सरकार ने उन क्षेत्रों को भी ध्यान में रखा है जहां अभी PNG इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद नहीं है. ऐसे मामलों में व्यवसायों को LPG सप्लाई जारी रखने के लिए एक लिखित आवेदन देना होगा, जिसमें वे यह स्पष्ट करेंगे कि जैसे ही उनके इलाके में PNG सुविधा उपलब्ध होगी, वे उस पर शिफ्ट हो जाएंगे. इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए OMCs को यह जिम्मेदारी दी गई है कि वे कम से कम एक बार उपभोक्ताओं के दस्तावेजों की जांच करें. इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर उपभोक्ता नियमों के अनुसार रजिस्टर्ड है और PNG के लिए आवेदन या इरादा दर्ज कर चुका है.

IGL के साथ साझा होगी जानकारी ?

इस नई व्यवस्था के तहत जो उपभोक्ता PNG पर जाने की इच्छा जताएंगे, उनका रिकॉर्ड Indraprastha Gas Limited के साथ साझा किया जाएगा. इससे PNG कनेक्शन देने की प्रक्रिया को तेज करने में मदद मिलेगी और सरकार को यह समझने में भी आसानी होगी कि किन क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार की जरूरत है.

व्यवसायों को मिली सीमित राहत ?

हालांकि नियम सख्त किए गए हैं, लेकिन सरकार ने कुछ लचीलापन भी रखा है. अगर किसी व्यवसाय को अपने संचालन के लिए PNG के साथ-साथ LPG की भी जरूरत है, तो वह विभाग के अतिरिक्त आयुक्त को आवेदन देकर अपनी जरूरत समझा सकता है. इस तरह के मामलों में निर्णय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के साथ मिलकर लिया जाएगा, ताकि व्यवसायों को अनावश्यक परेशानी न हो.

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