इंडिगो संकट के बाद DGCA ने बदला फैसला, 1000 से ज्यादा उड़ाने हो चुकी है रद्द, क्रू मेंबर की रेस्ट टाइमिंग बदली

देश भर के एयरलाइंस के लिए राहत भरी खबर है. DGCA ने क्रू मेंबर्स से जुड़ा फैसला वापस ले लिया है. DGCA का कहना है, कि कई फ्लाइट्स के परिचालन में लगातार आ रही बाधा और एयरलाइंस से मिले आवेदन को ध्यान में रखते हुए वीकली हॉलिडे के फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है.

DGCA और इंडिगो एयरलाइन Image Credit: Getty image

DGCA ने क्रू मेंबर्स से जुड़ा फैसला वापस ले लिया है. इसकी जानकारी डीजीसीए ने दी. जिसके बाद सभी एयरलाइंस ने राहत की सांस ली है. इस कदम के बाद अब हवाई सेवा फिर से पहले की तरह बहाल होने की संभावना है. डीजीसीए के ऑफिशियल ऑर्डर के मुताबिक, बताया गया है कि ऑपरेशनल दिक्कतों और ऑपरेशन की कंटिन्यूटी और स्टेबिलिटी पक्का करने की जरूरत के बारे में अलग-अलग एयरलाइनों से मिले रिप्रेजेटेशन को देखते हुए उस प्रावधान का रिव्यू करना जरूरी समझा गया है, जिसके बाद यह फैसला लिया जाएगा.

DGCA का कहना है, कि कई फ्लाइट्स के परिचालन में लगातार आ रही बाधा और एयरलाइंस से मिले आवेदन को ध्यान में रखते हुए वीकली हॉलिडे के फैसले को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाता है.

1,000 से ज्यादा उड़ानें हो चुकी हैं कैंसिल

पिछले कई दिनों में इंडिगो ने 1,000 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल की हैं. बता दें शुक्रवार को ही 400 से अधिक फ्लाइट्स कैंसिल हुईं हैं. बेंगलुरु में सुबह तक 100 से ज्यादा और हैदराबाद में 90 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं. इसके अलावा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता समेत सभी बड़े एयरपोर्ट पर यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. वहीं 4 दिसंबर को इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस महज 8.5 फीसदी रह गया, जो किसी भी बड़ी एयरलाइन के लिए अब तक का सबसे खराब आंकड़ा है.

फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) के नियमों में बदलाव के कारण देश की सबसे बड़ी एयरलाइन Indigo को मुश्किलों का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ा, जिस वजह से इंडिगो ने 1,000 से ज्यादा उड़ानें कैंसिल की.

क्या है DGCA का एफडीटीएल नियम ?

नई FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों के तहत पायलटों की साप्ताहिक आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है और नाइट लैंडिंग की अनुमति पहले के छह से घटाकर दो कर दी गई है. माना जा रहा है कि इसका IndiGo की क्रू रोस्टरिंग पर बड़ा असर पड़ा है. नियमों में नाइट आवर्स की परिभाषा को भी एक घंटे बढ़ा दिया गया है, जिससे एयरलाइन के संचालन पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है. नए नियमों का उद्देश्य पायलट थकान (fatigue) को बेहतर तरीके से रोकना है, जो एविएशन सेफ्टी के लिए एक बड़ा जोखिम माना जाता है.

ये नियम शुरू में जून 2024 से लागू होने वाले थे, लेकिन IndiGo और दूसरे एयरलाइनों के विरोध के बाद इन्हें टाल दिया गया. एयरलाइनों का मुख्य तर्क था कि नए नियमों को लागू करने के लिए अधिक क्रू की जरूरत होगी, इसलिए इन्हें स्टेपवाइज तरीके से लंबे समय में लागू किया जाना चाहिए. हालांकि, दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश के बाद DGCA ने इस साल नियमों को लागू कर दिया, जिसे अब वापस लेना पड़ा.

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