हर घंटे ₹102 कमाता है Zomato-Blinkit डिलीवरी बॉय, दीपिंदर गोयल ने शेयर किया फैक्ट शीट, 26500 होती है मंथली कमाई
स्विगी और जोमैटो के डिलीवरी पार्टनर्स ने 31 दिसंबर 2025 को देशभर में हड़ताल की, जिसमें कम कमाई, 10 मिनट डिलीवरी के दबाव और असुरक्षित कामकाजी हालात की शिकायत की गई. इसी बहस के बीच जोमैटो सीईओ दीपिंदर गोयल ने पार्टनर्स की कमाई पर फैक्ट शीट शेयर की, जिसमें औसत प्रति घंटा 102 रुपये कमाई बताई गई. यह घटना गिग वर्कर्स की पारदर्शिता पर बड़ी चर्चा छेड़ गई.
Deepinder Goyal CEO of Zomato: पिछले कुछ दिनों से स्विगी और जोमैटो के हजारों डिलीवरी पार्टनर्स देश के कई शहरों में हड़ताल पर थे. इसी विवाद के बीच यूट्यूबर ध्रुव राठी ने जोमैटो की पे स्ट्रक्चर पर सवाल उठाए, जिसके जवाब में जोमैटो के सीईओ दीपिंदर गोयल ने पहली बार डिलीवरी पार्टनर्स की सैलरी, टिप्स, काम के घंटे और इंश्योरेंस की पूरी फैक्ट शीट पब्लिकली शेयर की है.
डिलीवरी पार्टनर्स की कमाई ₹26500
गोयल ने बताया कि 2025 में जोमैटो डिलीवरी पार्टनर्स की औसत कमाई प्रति घंटा (टिप्स को छोड़कर) 102 रुपये थी, जो पिछले साल के 92 रुपये से 10.9% ज्यादा है. ज्यादातर पार्टनर्स महीने में कुछ घंटे और कुछ दिन ही काम करते हैं. लेकिन अगर कोई 10 घंटे रोज और 26 दिन महीने काम करे, तो उसकी कुल कमाई 26,500 रुपये हो सकती है. ईंधन और मेंटेनेंस (20%) काटने के बाद नेट कमाई 21,000 रुपये रह जाती है.
टिप्स की औसत रकम
डिलीवरी पार्टनर्स को कस्टमर्स से मिलने वाली 100% टिप्स मिलती हैं. गोयल के मुताबिक, 2025 में जोमैटो पर प्रति घंटा औसत टिप 2.6 रुपये थी, जो 2024 के 2.4 रुपये से ज्यादा है. टिप्स तुरंत ट्रांसफर होती हैं और वो भी बिना किसी कटौती के. कंपनी खुद पेमेंट गेटवे का खर्च उठाती है. जोमैटो पर 5% ऑर्डर्स पर टिप मिलती है, जबकि ब्लिंकिट पर यह 2.5%.
क्या पार्टनर्स ज्यादा काम करते हैं?
गोयल ने दावों को खारिज किया कि जोमैटो पार्टनर्स ओवरवर्क्ड हैं. 2025 में औसत पार्टनर ने साल में सिर्फ 38 दिन काम किया और हर कामकाजी दिन में करीब 7 घंटे. सिर्फ 2.3% पार्टनर्स ने 250 से ज्यादा दिन काम किया, इसलिए फुल-टाइम एम्प्लॉयी जैसे बेनिफिट्स जैसे पीएफ या गारंटीड सैलरी की मांग गिग मॉडल से मैच नहीं करती.
काम का दबाव और सड़क सुरक्षा
सबसे बड़ी चिंता 10 मिनट डिलीवरी टाइमलाइन से पार्टनर्स की सेफ्टी है. गोयल ने कहा कि क्विक कॉमर्स का 10 मिनट प्रॉमिस पार्टनर्स पर दबाव नहीं डालता और इससे असुरक्षित ड्राइविंग नहीं होती. ऐप में कोई 10 मिनट का टाइमर या काउंटडाउन नहीं है, जो डिलीवरी पार्टनर्स को दिखे. तेज डिलीवरी स्टोर्स की कस्टमर्स से नजदीकी की वजह से होती है, न कि तेज स्पीड से.
गिग वर्कर्स के लिए वेलफेयर बेनिफिट्स
गोयल ने बताया कि जोमैटो और ब्लिंकिट ने 2025 में पार्टनर्स के इंश्योरेंस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए. इसमें शामिल हैं एक्सिडेंट इंश्योरेंस (10 लाख तक), मेडिकल इंश्योरेंस (1 लाख + 5,000 ओपीडी), लॉस ऑफ पे (50,000 तक), और मैटरनिटी इंश्योरेंस (40,000 तक). इसके अलावा, महिलाओं के लिए महीने में 2 दिन पीरियड रेस्ट, इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने में मदद, नेशनल पेंशन स्कीम का गिग वेरिएंट, और एसओएस सर्विस एक्सिडेंट या ब्रेकडाउन जैसी इमरजेंसी के लिए.