Explain: 100% प्योर प्रोडक्ट में कितनी प्योरिटी? क्या कहती है FSSAI की गाइडलाइंस, यहां समझें पूरी कहानी

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने डाबर इंडिया के ‘100 फीसदी’ के दावे वाले कई फूड प्रोडक्ट्स को बेचने से रोक दिया है. इसके पीछे FSSAI का क्या तर्क है और क्यों ऐसा किया गया है. इसे समझ लेते हैं.

100 फीसदी प्योरिटी लेवल पर सख्ती. Image Credit: AI

Highlights

  • इस फैसले का असर पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर पड़ सकता है.
  • सरकार ने पैक्ड फूड कंपनियों पर निगरानी बढ़ा दी है.
  • गुमराह करने वाली मार्केटिंग प्रैक्टिस को रोकने का प्रयास.

भारत का हेल्थ-फूड बाजार तेजी से बढ़ रहा है और कंपनियां पैकेट के सामने आकर्षक दावे लिखकर ग्राहकों को लुभाने की कोशिश कर रही हैं. इस बीच सरकार ने पैक्ड फूड कंपनियों पर निगरानी बढ़ा दी है और उन्हें निर्देश दिया है कि वे फूड लेबल, पैकेजिंग और प्रमोशन से जुड़ी सामग्री पर ‘100%’ होने का दावा करना बंद करें. सरकार ने ऐसे दावों को ग्राहकों को गुमराह करने वाला, अस्पष्ट और गलत मतलब निकाले जाने की आशंका वाला बताया है.

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने डाबर इंडिया के ‘100 फीसदी’ के दावे वाले कई फूड प्रोडक्ट्स को बेचने से रोक दिया है. इसके पीछे FSSAI का क्या तर्क है और क्यों ऐसा किया गया है. इसे समझ लेते हैं.

‘100%’ शब्द का क्या है मतलब?

28 मई की एक एडवाइजरी में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने कहा था कि फूड सेफ्टी एक्ट के तहत ‘100%’ शब्द को किसी भी तरह से परिभाषित या उसका जिक्र नहीं किया गया है. एडवाइजरी में कहा गया था कि ‘100%’ शब्द से पूरी तरह शुद्ध या सबसे बेहतर होने का गलत मतलब निकल सकता है, जिससे ग्राहकों को यह लग सकता है कि बाजार में मौजूद दूसरे प्रोडक्ट तय मानकों को पूरा नहीं करते हैं.

फूड रेगुलेटर ने क्यों दिखाई सख्ती?

फूड रेगुलेटर का यह निर्देश गुमराह करने वाली मार्केटिंग प्रैक्टिस को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि ग्राहकों को फूड प्रोडक्ट्स के बारे में सही जानकारी मिले. FSSAI ने कहा कि उसके नियम ऐसे किसी भी विज्ञापन या दावे पर ‘सख्ती से रोक’ लगाते हैं, जो दूसरी कंपनियों को कमतर दिखाते हों या ग्राहकों की सोच को गुमराह करने वाले तरीके से प्रभावित करते हों.

उसने आगे कहा कि नियमों के अनुसार, दावे ‘सही, साफ और सार्थक होने चाहिए, न कि गुमराह करने वाले और उनसे ग्राहकों को दी गई जानकारी समझने में मदद मिलनी चाहिए.’

पहले भी दे चुका है निर्देश

फूड रेगुलेटर ने 2024 के मध्य में भी एक नोटिफिकेशन जारी करके कंपनियों को निर्देश दिया था कि वे लेबल और विज्ञापनों से ‘100% फ्रूट जूस’ जैसे दावे हटा दें. साथ ही, कंपनियों से यह भी कहा गया था कि वे दिसंबर के आखिर तक पैकेज्ड जूस पर ‘100% फ्रूट जूस’ का दावा करने वाले पहले से छपे हुए पैकेजिंग मटीरियल का इस्तेमाल कर लें.

पिछले कुछ हफ्तों में FSSAI की जांच के दायरे में आए दावे

पैक पर किया गया दावाऐसे उत्पाद जिन पर दावा किया गयानोटिस में उठाए गए सवाल
प्राकृतिक (Natural), शुद्ध (Pure), ताजा (Fresh)बन, नूडल्स और अन्य पैकेज्ड खाद्य पदार्थक्या सामग्री और प्रोसेसिंग वास्तव में इस दावे का समर्थन करती है?
ऑर्गेनिक (Organic)स्प्रेड, सप्लीमेंट्स और पैकेज्ड फूडक्या आवश्यक ऑर्गेनिक प्रमाणन मौजूद है या ऑर्गेनिक लोगो का सही उपयोग किया गया है?
हेल्दी, हार्ट-हेल्दी, एंटी-कैंसर, डिटॉक्सतेल, फोर्टिफाइड पानी और सप्लीमेंट्सक्या इन स्वास्थ्य संबंधी दावों के समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण हैं?
जीरो मैदा, रिच इन मिल्क सॉलिड्स, फ्रूट-फिल्ड ब्रांडिंगब्रेड, वेफर, चॉकलेट और पेय पदार्थक्या नाम या तस्वीर वास्तव में उत्पाद की संरचना को दर्शाती है?
एनर्जी ड्रिंक, एनर्जी बढ़ाने वाले फूडकैफीनयुक्त पेयक्या प्रोडक्ट का विवरण और प्रदर्शन संबंधी दावे उचित हैं?
प्राकृतिक रूप से मौजूद शुगर (Naturally Occurring Sugars)फलों के पेयक्या वास्तव में जोड़ी गई चीनी या फ्रूट जूस मौजूद है?
FSSAI द्वारा स्वीकृत (FSSAI Approved)न्यूट्रास्यूटिकल (Nutraceutical) उत्पादक्या शब्दावली से ऐसा गलत संदेश तो नहीं जा रहा कि उत्पाद को नियामक का विशेष समर्थन प्राप्त है?

FSSAI ने क्या निर्देश दिए हैं?

  • खाद्य उत्पादों के लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापनों में ‘100%’ शब्द का इस्तेमाल न करें.
  • 100% Pure, 100% Natural, 100% Organic, 100% Fresh या इसी तरह के दावों से बचें.
  • केवल ऐसे दावे करें जो सत्य, स्पष्ट, अर्थपूर्ण और भ्रामक न हों.

किन उत्पादों पर पड़ेगा असर?

इस फैसले का असर उन पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर पड़ सकता है जिन पर इस तरह के दावे किए जाते रहे हैं, जैसे:

  • शहद
  • घी
  • नारियल पानी
  • नारियल तेल
  • सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)
  • तिल का तेल
  • फ्रूट जूस
  • अन्य पैकेज्ड फूड आइटम, जिनके लेबल पर 100% आधारित मार्केटिंग की जाती है.

ग्राहकों को क्या करना चाहिए?

  • सामग्री की सूची पढ़ें.
  • न्यूट्रिशन फैक्ट्स देखें.
  • FSSAI लाइसेंस नंबर और अन्य अनिवार्य जानकारी जांचें.
  • केवल ‘100% प्योर’ जैसे मार्केटिंग दावों के आधार पर खरीदारी न करें.

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