IPL में क्या एक बार में मिल जाता है खिलाड़ियों को पैसा, जानें कैसे बंटती है करोड़ों की फीस, बेंच पर बैठने वालों का क्या होता है
IPL 2026 शुरू होने वाला है और एक बार फिर खिलाड़ियों पर करोड़ों की बारिश होने वाली है है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऑक्शन में मिलने वाली ये रकम खिलाड़ियों को कैसे दी जाती है? अगर कोई खिलाड़ी मैच नहीं खेले या चोटिल हो जाए तो क्या उसकी सैलरी कटती है? या जो खिलाड़ी बैंच पर बैठे रहते है उनका क्या होता है?
IPL 2026 Player Salary System: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 19वां सीजन शुरू होने में अब सिर्फ 6 दिन बाकी हैं. हर साल की तरह इस बार भी फैंस को बड़े मैचों का इंतजार है, वहीं दुनियाभर के क्रिकेटर्स इस लीग में खेलने के लिए उत्साहित रहते हैं. इसकी सबसे बड़ी वजह है यहां मिलने वाली भारी-भरकम रकम. IPL 2026 के ऑक्शन में लखनऊ सुपर जायंट्स ने ऋषभ पंत को 27 करोड़ रुपये में खरीदा, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने कैमरन ग्रीन पर 25.20 करोड़ रुपये खर्च किए. लेकिन क्या खिलाड़ियों को ये पूरी रकम एक साथ मिलती है? अगर वे पूरे सीजन नहीं खेल पाए तो क्या होता है? और क्या प्लेइंग 11 से बाहर रहने वाले या बेंच पर बैठने वाले खिलाड़ियों को पूरे पैसे मिलते हैं या नहीं? इस रिपोर्ट में इन सभी सवालों के मुकम्मल जवाब मिलेंगे.
क्या पूरी रकम एक साथ मिलती है?
IPL में जो रकम खिलाड़ी को ऑक्शन में मिलती है, वही उसकी सैलरी होती है (टैक्स कटने के बाद). हालांकि, हर फ्रेंचाइजी पैसे देने का तरीका अलग रखती है. कुछ टीमें पूरी रकम एक साथ दे देती हैं. कुछ किस्तों में भुगतान करती हैं.
एक आम फॉर्मूला है:
- 15% सीजन से पहले
- 65% सीजन के दौरान
- 20% सीजन के बाद
अगर खिलाड़ी पूरा सीजन नहीं खेल पाया तो?
यह स्थिति दो तरह की हो सकती है:
- सीजन शुरू होने से पहले चोट लग जाए तो टीम को पैसे देने की जरूरत नहीं होती.
- सीजन के बीच में कुछ मैच ही खेल पाए तो खिलाड़ी को मैचों के हिसाब से (pro-rata) पैसा मिलता है. साथ में लगभग 10% रिटेनर भी दिया जाता है.
बेंच पर बैठे खिलाड़ियों को पैसे मिलते हैं या नहीं?
जी हां, बिल्कुल मिलते हैं. अगर कोई खिलाड़ी पूरे सीजन टीम के साथ रहता है, चाहे वो एक भी मैच न खेले, उसे पूरी सैलरी दी जाती है.
उदाहरण के लिए अगर दो खिलाड़ी 2-2 करोड़ में खरीदे गए. एक ने सारे मैच खेले और दूसरा पूरे सीजन बेंच पर रहा तो भी दोनों को 2-2 करोड़ रुपये मिलेंगे.
सैलरी हर साल मिलती है, एक बार नहीं
IPL कॉन्ट्रैक्ट सीजन के हिसाब से होता है. अगर कोई खिलाड़ी 5 करोड़ में 3 साल के लिए टीम में है तो उसे हर साल 5 करोड़ मिलेंगे. यानी कुल 15 करोड़. साथ ही, अगर खिलाड़ी टीम में बना रहता है, तो उसकी सैलरी बढ़ भी सकती है.
रिलीज, कॉन्ट्रैक्ट और मेडिकल खर्च का नियम
- अगर खिलाड़ी खुद टीम छोड़ना चाहता है, तो टीम की मंजूरी जरूरी है.
- अगर टीम खिलाड़ी को रिलीज करती है, तो पूरी कॉन्ट्रैक्ट की राशि देनी पड़ सकती है. जैसे 3 साल के लिए 15 करोड़.
- अगर खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान चोटिल हो जाए, तो इलाज का खर्च टीम उठाती है.
