Gold and Silver Rate Today: डॉलर की कमजोरी से सोना-चांदी मजबूत, MCX पर गोल्ड 1.54 लाख के पार, सिल्वर भी ₹3500 से ज्यादा महंगी
MCX पर सोना और चांदी महंगी हो गई है. डॉलर की कमजोरी और वैश्विक अनिश्चितता के चलते सोना-चांदी में तेजी देखी गई, हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. अमेरिका-ईरान वार्ता और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता के बीच निवेशकों की नजरे आगे के अपडेट पर टिकी हुई है.

Gold and Silver Rate Today: पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते ग्लोबल लेवल पर अनिश्चितता का दौर है. ऐसे में अमेरिकी डॉलर की कमजोरी सुरक्षित निवेश कहलाने वाले सोने को मजबूत र रहे हैं. इसका असर गुरुवार, 16 अप्रैल को सोने की कीमतों में देखने को मिली. मल्टी कमेडिटी एक्सचेंज ऑफ इंडिया यानी MCX पर आज सोना बढ़त के साथ खुला. शुरुआती कारोबार में इसमें 801 रुपये की तेजी देखने को मिली, जिससे ये 154,749 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा.
सोने के अलावा MCX पर चांदी में भी तेजी का रुख रहा. आज सिल्वर के रेट 3585 रपये चढ़कर 255,327 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गए. हालांकि सोना और चांदी इस समय काफी वोलैटाइल बने हुए हैं. निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, क्योंकि उम्मीद जताई जा रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही तनाव कम हो सकता है.
रिटेल और ग्लोबल लेवल पर भी बढ़त
ग्लोबल लेवल पर भी सोना-चांदी बढ़त के साथ कारोबार करते दिखें. स्पॉट गोल्ड 0.49% बढ़कर 4,825 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट सिल्वर 1.12 फीसदी की तेजी के साथ 80.38 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करता दिखा. वहीं बुलियन वेबसाइट पर सोना 670 रुपये की बढ़त के साथ 154,920 रुपये प्रति 10 पर ट्रेड करता दिखा, जबकि चांदी 3000 रुपये चढ़कर 255,550 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई.
हालांकि इससे पहले सोने की कीमतें एक महीने के उच्च स्तर तक पहुंचने के बाद थोड़ी नरम पड़ी थीं. अमेरिका-ईरान वार्ता और ब्याज दरों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. बुधवार, 15 अप्रैल को भी सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई थी. स्पॉट गोल्ड 0.9% गिरकर $4,798.89 प्रति औंस पर आ गया था, जबकि अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.5% गिरकर $4,823.60 पर बंद हुए थे.
क्यों दिखा सोने मेंउतार-चढ़ाव?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध जल्द खत्म हो सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के साथ बातचीत का दूसरा दौर अगले दो दिनों में पाकिस्तान में हो सकता है. अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट आ सकती है. इससे महंगाई और आर्थिक सुस्ती को लेकर चिंता कम हो सकती है. लेकिन अगर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बनती, तो तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं. इससे महंगाई बढ़ सकती है और इस साल अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें भी कमजोर पड़ सकती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.