अनिल अंबानी के दो करीबी को ED ने किया गिरफ्तार, मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच एजेंसी ने लिया एक्शन
इस मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है, और यह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा पहले दर्ज की गई कई FIRs पर आधारित है. ED ने पिछली जुलाई में CBI की कई FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था.
एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने CBI द्वारा दर्ज कई ECIRs के आधार पर, PMLA मामले के तहत चल रही जांच में अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बाफना को गिरफ्तार किया है. सूत्रों के अनुसार, अमिताभ झुनझुनवाला, जो Reliance Capital Limited के निदेशक थे, पर आरोप है कि वे रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) के विभिन्न कार्यों में मुख्य निर्णय लेने वालों में से एक थे.
न्यूज एजेंसी IANS के अनुसार, ED ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े कथित लोन धोखाधड़ी के मामले में चल रही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में अमिताभ झुनझुनवाला और अमित बापना को गिरफ्तार किया है.
मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
इस मामले की जांच मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है, और यह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा पहले दर्ज की गई कई FIRs पर आधारित है. ये FIRs अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस ग्रुप की कंपनियों से जुड़ी कथित बड़े पैमाने पर हुई वित्तीय अनियमितताओं और बैंक फंड के गलत इस्तेमाल से संबंधित हैं.
40,000 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग का मामला
ED की जांच में पता चला है कि अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों ने कथित तौर पर 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग की है. ED ने 17,000 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की है, जिसमें उनका 3,700 करोड़ रुपये का घर भी शामिल है. CBI और ED, दोनों ने अनिल अंबानी से कई बार पूछताछ की है. जानकारी के मुताबिक, उन्होंने यह कहा है कि उन्होंने 2017 में कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया था.
अनिल अंबानी के करीबी
अमिताभ झुनझुनवाला, जो अनिल अंबानी के पूर्व सीनियर एग्जीक्यूटिव और करीबी सहयोगी रहे हैं, पहले भी केंद्रीय एजेंसियों की जांच के दायरे में रहे हैं. जांचकर्ताओं का मानना है कि उन्होंने ग्रुप के भीतर फैसले लेने की प्रक्रियाओं में, खासकर RHFL और RCFL से जुड़े वित्तीय कामों में अहम भूमिका निभाई थी. झुनझुनवाला रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर और रिलायंस कैपिटल के वाइस चेयरमैन थे. अमित बापना रिलायंस फाइनेंस के पूर्व टॉप एग्जीक्यूटिव हैं.
ED ने पिछली जुलाई में CBI की कई FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था. CBI की FIR आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दर्ज की गई हैं. CBI ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड और रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था, जो यस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शिकायतों के आधार पर रजिस्टर किया गया था.
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