Gold Price Outlook: सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई से 26% नीचे, क्या दिवाली तक फिर से महंगा होगा गोल्ड?

Gold Price Outlook: मंगलवार को सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आई. इसकी एक वजह अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना है. जनवरी 2026 में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर थीं, जहां से इनमें 26 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी. अब इसमें फिर से सुधार देखने को मिल रहा है.

सोने की कीमतों का फ्यूचर. Image Credit: Canva/ Money9

Highlights

  • भारत में त्योहारों के दौरान सोना खरीदना एक महत्वपूर्ण परंपरा बनी हुई है.
  • शादियों का सीजन घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों को कुछ सहारा देगा.
  • खरीदारों के लिए सोने की रिकॉर्ड तेजी के बाद हालिया गिरावट से कुछ राहत मिली.

Gold Price Outlook: भारतीय परिवारों के लिए सोना निवेश और त्योहारों पर खरीदारी के लिए हमेशा से पसंदीदा रहा है. दशहरा, दिवाली और शादी-ब्याह के सीजन में इसकी मांग आमतौर पर बढ़ जाती है. हालांकि, सोने की ऊंची कीमतें लोगों के खरीदारी के तरीके को बदल रही हैं. कुछ परिवार अब हल्के गहने चुन रहे हैं, जबकि कुछ लोग सोने के सिक्के, बार और गोल्ड एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ETF) की ओर रुख कर रहे हैं.

सोने की कीमत अपने रिकॉर्ड स्तर से नीचे आई है, इसलिए खरीदार यह देख रहे हैं कि क्या यह खरीदारी का सही मौका है या कीमतों में और गिरावट आ सकती है.

सोने की कीमतें

मंगलवार को सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी आई. इसकी एक वजह अमेरिकी डॉलर का कमजोर होना है. निवेशक अब 27-28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग पर नजर गड़ाए हुए हैं, ताकि उन्हें ब्याज दरों के भविष्य के बारे में कोई संकेत मिल सके. स्पॉट गोल्ड 0.1% बढ़कर 4,145.22 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि दिसंबर डिलीवरी के लिए अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स 0.1% बढ़कर 4,164.70 डॉलर पर पहुंच गया.

जनवरी 2026 में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड स्तर पर थीं, जहां से इनमें 26 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई थी. अब इसमें फिर से सुधार देखने को मिल रहा है.

फेडरल रिजर्व की बैठक पर नजर

रिपोर्ट के अनुसार, ट्रेडर्स को 82% उम्मीद है कि फेडरल रिजर्व अपनी अक्टूबर की बैठक में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करेगा. वहीं, दिसंबर में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना 89 फीसदी बनी हुई है. आमतौर पर, ऊंची ब्याज दरें सोने पर दबाव डालती हैं, क्योंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता. ऐसे में सोना अपने पास रखने की ‘अपॉर्चुनिटी कॉस्ट’ बढ़ जाती है. दूसरी ओर, डॉलर कमजोर होने से विदेशी खरीदारों के लिए सोना खरीदना सस्ता हो जाता है.

इस दशहरा और दिवाली पर भारतीय क्या कर रहे हैं?

कीमतों में सुधार (करेक्शन) के बावजूद, भारत में त्योहारों के दौरान सोना खरीदना एक महत्वपूर्ण परंपरा बनी हुई है. हालांकि, ऊंची कीमतों का असर परिवारों के बजट खर्च पर पड़ रहा है. कुछ लोग अब हल्के गहने खरीद रहे हैं, जबकि अन्य लोग सिक्कों, बार और ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) की ओर रुख कर रहे हैं.

इस त्योहारी सीजन में जो बदलाव आया है, वह सोने के प्रति भारतीयों के लगाव में नहीं, बल्कि इसे खरीदने के तरीके में है.

क्या दिवाली तक सोने की कीमतें फिर बढ़ेंगी?

सोने का भविष्य भारत में त्योहारों और शादियों के दौरान होने वाली मांग और वैश्विक कारकों (जैसे अमेरिकी मौद्रिक नीति, महंगाई का अनुमान, ट्रेजरी यील्ड और भू-राजनीतिक घटनाक्रम) के बीच संतुलन पर निर्भर करेगा.

एक्सपर्ट्स के अनुसार, बढ़ती महंगाई और ब्याज दरों की उम्मीदें इस स्थिति को जटिल बना सकती हैं. उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से मांग को सपोर्ट मिलेगा, जबकि अन्य निवेशकों की बिकवाली कीमतों में होने वाली बढ़त को सीमित कर सकती है.

शादियों के सीजन से मिल सकता है कीमतों सहारा

मिंट ने अपनी रिपोर्ट में एक्सपर्ट्स के हवाले से लिखा कि भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन घरेलू स्तर पर सोने की कीमतों को कुछ सहारा देगा, जबकि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर दबाव डाल सकती है. उनके आकलन के अनुसार, स्थिर होने से पहले त्योहारों के सीजन में भारतीय बाजार में सोने की कीमतों में थोड़ी तेजी देखने को मिल सकती है.

भारतीय खरीदारों को मिली राहत

भारतीय खरीदारों के लिए सोने की रिकॉर्ड तेजी के बाद हालिया गिरावट से कुछ राहत मिली है, लेकिन यह इस बात की गारंटी नहीं है कि आगे फिर से लगातार तेजी आएगी. त्योहारी मांग निकट भविष्य में घरेलू कीमतों को सहारा दे सकती है, जबकि ब्याज दरों को लेकर उम्मीदें, करेंसी में उतार-चढ़ाव और वैश्विक घटनाक्रम ऐसे मुख्य फैक्टर हैं जिन पर नजर रखना जरूरी है.

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डिस्क्लेमर: Money9live कभी भी किसी शेयर, आईपीओ और म्यूचुअल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता है. ये खबर केवल आपकी जानकारी के लिए है. निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें.