T20 वर्ल्ड कप ICC के लिए बना धन कुबेर, 2 साल में पैसा डबल, भारत को सबसे ज्यादा फायदा
T20 टीमों के बीच होने वाला यह मुकाबला सिर्फ क्रिकेट का महाकुंभ नहीं है, बल्कि कमाई के लिहाज से भी आईसीसी के लिए किसी जैकपॉट से कम नहीं होता है. हर दो साल में होने वाला T20 वर्ल्ड कप आईसीसी की कमाई का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है. अलग-अलग रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो यह साफ होता है कि एक बार T20 वर्ल्ड कप होने पर आईसीसी सैकड़ों मिलियन डॉलर की कमाई करता है.
ICC T20 World Cup Revenue: T20 वर्ल्ड कप अब सिर्फ क्रिकेट का रोमांचक टूर्नामेंट नहीं रहा, बल्कि यह आईसीसी के लिए चलता-फिरता धन कुबेर बन चुका है. हर दो साल में होने वाला यह मेगा इवेंट ऐसा है, जहां कमाई का ग्राफ रुकने का नाम ही नहीं लेता. 7 फरवरी से शुरू होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 को लेकर फैंस में उत्साह चरम पर है और इसकी सबसे बड़ी वजह है, भारत और श्रीलंका की मेजबानी. 20 टीमों के इस महासंग्राम में जहां चौकों-छक्कों की बरसात होगी, वहीं दूसरी तरफ ICC की तिजोरी भी भरने वाली है. पिछले दो संस्करणों के आंकड़े देखें तो साफ है कि T20 वर्ल्ड कप में आईसीसी की कमाई हर बार नया रिकॉर्ड बनाती है. खासतौर पर भारत जैसे बड़े क्रिकेट मार्केट की मौजूदगी इस टूर्नामेंट को कमाई के लिहाज से सोने की खान बना देती है. ऐसे में माना जा रहा है कि 2026 में आईसीसी की कमाई, 2024 के मुकाबले फिर से डबल हो सकती है, और इसका सबसे बड़ा फायदा भारत से जुड़े बाजार को मिलने वाला है.
2024 T20 वर्ल्ड कप में आईसीसी की सबसे बड़ी कमाई
द इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 आईसीसी मेंस T20 वर्ल्ड कप से आईसीसी ने करीब 691 मिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई की. अगर मौजूदा समय में 1 डॉलर को करीब 90 रुपये मानें, तो यह रकम लगभग 6,219 करोड़ रुपये बैठती है. यह टूर्नामेंट अमेरिका और वेस्टइंडीज में खेला गया था. रिपोर्ट्स बताती हैं कि 2024 में आईसीसी द्वारा आयोजित सभी इवेंट्स से कुल 728 मिलियन डॉलर की कमाई हुई थी, जिसमें सबसे बड़ा हिस्सा इसी T20 वर्ल्ड कप का रहा. यानी साफ है कि आईसीसी की कमाई की रीढ़ यही टूर्नामेंट है.
यह पैसा ICC को आता कहां से है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2024 T20 वर्ल्ड कप से करीब 61 मिलियन डॉलर की कमाई सिर्फ स्पॉन्सरशिप से हुई. इसका मतलब यह है कि केवल स्पॉन्सरशिप से ही ICC ने लगभग 550 करोड़ रुपये कमा लिए. इसके अलावा सबसे बड़ा हिस्सा मीडिया राइट्स और ब्रॉडकास्ट डील्स से आया. खासतौर पर भारत जैसे बड़े क्रिकेट मार्केट की वजह से टीवी और डिजिटल व्यूअरशिप ने ICC की कमाई को कई गुना बढ़ा दिया. खास बात ये भी है कि भारत-पाकिस्तान जैसे हाई-वोल्टेज मुकाबले ब्रॉडकास्ट वैल्यू को रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचाते हैं.
होस्ट देशों को कितना फायदा हुआ
2024 T20 वर्ल्ड कप की वजह से अमेरिका और वेस्टइंडीज को मिलाकर करीब 1.66 बिलियन डॉलर का इकोनॉमिक इम्पैक्ट देखने को मिला. होटल, ट्रैवल, लोकल बिजनेस और टूरिज्म सेक्टर को इससे बड़ा फायदा हुआ. हालांकि टूर्नामेंट की सीधी कमाई ICC के खाते में जाती है, लेकिन होस्ट देशों की लोकल इकॉनमी को इससे जबरदस्त सपोर्ट मिलता है.
ICC से किस देश को कितनी प्राइज मनी मिली
ICC मेंस T20 वर्ल्ड कप सिर्फ क्रिकेट का टूर्नामेंट नहीं होता, बल्कि इसमें हिस्सा लेने वाली टीमों और उनके क्रिकेट बोर्ड्स के लिए यह एक बड़ा आर्थिक इवेंट भी होता है. ICC हर वर्ल्ड कप में टीमों को उनके प्रदर्शन के आधार पर सीधे प्राइज मनी देता है, जो संबंधित देशों के क्रिकेट बोर्ड्स को मिलती है. 2024 के T20 वर्ल्ड कप में ICC ने रिकॉर्ड 11.25 मिलियन डॉलर का कुल प्राइज फंड रखा था, जो अब तक का सबसे बड़ा T20 वर्ल्ड कप प्राइज है.
टूर्नामेंट जीतने वाली भारत की टीम को 2.45 मिलियन डॉलर मिले, जो सीधे BCCI को दिए गए. फाइनल में हारने वाली दक्षिण अफ्रीका की टीम को 1.28 मिलियन डॉलर की प्राइज मनी मिली. सेमीफाइनल तक पहुंचने वाली इंग्लैंड और अफगानिस्तान की टीमों को 787,500 डॉलर-डॉलर दिए गए. इसके अलावा ग्रुप और सुपर-8 मुकाबलों में जीत पर 31,456 डॉलर प्रति मैच का बोनस भी दिया गया, हालांकि यह बोनस सेमीफाइनल और फाइनल में लागू नहीं था.
2021 के T20 वर्ल्ड कप में ICC की कमाई
Statista और ICC की फाइनेंशियल रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2021 में UAE और ओमान में खेले गए T20 वर्ल्ड कप से ICC ने करीब 383.6 मिलियन डॉलर की कमाई की. यह टूर्नामेंट कोविड के बाद ICC के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ. भारत-पाकिस्तान मुकाबले को करीब 167 मिलियन दर्शकों ने देखा, जिससे ब्रॉडकास्ट वैल्यू रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई. साल 2021 T20 वर्ल्ड कप में कुल 5.6 मिलियन डॉलर का प्राइज फंड रखा गया था. विजेता ऑस्ट्रेलिया को 1.6 मिलियन डॉलर, जबकि रनर-अप न्यूजीलैंड को 800,000 डॉलर मिले.
पैसा देशों में कैसे बांटा जाता है ?
ICC किसी देश को सीधे यह नहीं बताता कि उसे कितने फीसदी कमाई मिलेगी. ICC की कुल कमाई बाद में उसके मेंबर क्रिकेट बोर्ड्स में एक तय फॉर्मूले के तहत बांटी जाती है. रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत सबसे बड़ा रेवेन्यू जनरेटर है, क्योंकि मीडिया राइट्स और व्यूअरशिप का सबसे बड़ा हिस्सा भारत से आता है. वहीं होस्ट देशों को टूरिज्म, लोकल बिजनेस और इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए सीधा फायदा होता है.
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कुल मिलाकर साफ है कि T20 वर्ल्ड कप सिर्फ क्रिकेट का त्योहार नहीं, बल्कि ICC की सबसे बड़ी कमाई की मशीन है. हर नए एडिशन के साथ इसकी वैल्यू बढ़ रही है और भारतीय बाजार ICC की इनकम की सबसे मजबूत कड़ी बना हुआ है.




