1 लीटर पेट्रोल-डीजल से कितना कमाती हैं पेट्रोलियम कंपनियां, 119 डॉलर पहुंचा कच्चा तेल, क्या बिगड़ेगी इनकी सेहत

कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ गया है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे बढ़ी हुई लागत कंपनियों को ही वहन करनी पड़ेगी. ऐसे में Hindustan Petroleum, Bharat Petroleum और Indian Oil की कमाई और कैश रिजर्व की स्थिति पर नजर रखना अहम हो गया है.

Oil Marketing Companies: कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने देश की ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर दबाव बढ़ा दिया है. सरकार ने साफ कर दिया है कि फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी. ऐसे में कच्चे तेल के महंगे होने का असर सीधे कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर पड़ेगा, क्योंकि बढ़ी हुई लागत का बोझ उन्हें खुद ही उठाना होगा. इसी बीच Hindustan Petroleum, Bharat Petroleum और Indian Oil जैसी बड़ी सरकारी तेल कंपनियों की वित्तीय स्थिति भी चर्चा में है. ऐसे में सवाल उठता है कि महंगे कच्चे तेल और स्थिर ईंधन कीमतों के बीच इन कंपनियों की कमाई और वित्तीय सेहत पर कितना असर पड़ सकता है.

हर लीटर पेट्रोल-डीजल पर कितना कमाती है कंपनी?

जब कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल थी तो तेल कंपनियां हर लीटर पेट्रोल पर 11.2 रुपये और हर लीटर डीजल पर 8.1 रुपये का मार्जिन कमाती थी. अब कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है. इससे तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ेगा और उनका मार्जिन 50-60 फीसदी तक कम हो सकता है.

Hindustan Petroleum Corporation

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

वर्षराजस्व (Revenue) ₹ करोड़लाभ (Profit) ₹ करोड़
20212,35,89210,663
20223,52,3527,294
20234,42,175-6,980
20244,35,77316,015
20254,36,1946,736

Bharat Petroleum Corporation

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

वर्षराजस्व (Revenue) ₹ करोड़लाभ (Profit) ₹ करोड़
20212,32,41617,320
20223,49,06011,682
20234,74,6852,131
20244,50,31826,859
20254,42,95713,337

Indian Oil Corporation

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

वर्षराजस्व (Revenue) ₹ करोड़लाभ (Profit) ₹ करोड़
20213,67,44921,762
20225,92,41825,727
20238,46,01811,704
20247,80,19043,161
20257,61,62013,789

119.45 डॉलर प्रति बैरल पहुंचा कच्चा तेल

सोमवार को वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिली, जब पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण तेल आपूर्ति में संभावित बाधाओं की आशंका बढ़ गई. इसी के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेज उछाल आया और यह 25 फीसदी से अधिक बढ़कर लगभग 116.5 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई. दिन के दौरान इंट्राडे ट्रेडिंग में कच्चे तेल की कीमतें कुछ समय के लिए 119.45 डॉलर प्रति बैरल के उच्च स्तर को भी छू गईं.