HUL ने आइसक्रीम बिजनेस क्वालिटी वॉल्स के डीमर्जर के लिए तय की रिकॉर्ड डेट, जानें- कितना मिलेगा शेयर

HUL Demerger: यह कदम यूनिलीवर पीएलसी के अपने आइसक्रीम व्यवसाय को एक स्वतंत्र व्यवसाय में बदलने के वैश्विक निर्णय के अनुरूप है. FMCG सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 2,685 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो एक साल पहले इसी तिमाही के 2,591 करोड़ रुपये से 3.6 फीसदी अधिक है.

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HUL Demerger: हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL) ने कंपनी के आइसक्रीम बिजनेस के डीमर्जर के तहत क्वालिटी वॉल्स (इंडिया) लिमिटेड (KWIL) के शेयर प्राप्त करने वाले पात्र शेयरधारकों के निर्धारण के लिए 5 दिसंबर 2025 को रिकॉर्ड डेट के रूप में निर्धारित किया है. यह घोषणा HUL को HUL और KWIL के बीच व्यवस्था योजना को मंजूरी देने वाले NCLT के आदेश की प्रमाणित कॉपी मिलने के बाद की गई है. बोर्ड ने कहा कि योजना के क्लॉज 20 के तहत सभी शर्तें, जिसमें कंपनी रजिस्ट्रार के पास NCLT के आदेश दाखिल करना भी शामिल है, अब पूरी हो चुकी हैं.

डीमर्जर ऑर्डर को मंजूरी

HUL ने पहले एक्सचेंज को दी गई एक फाइलिंग में कहा कि ट्रिब्यूनल ने 30 अक्टूबर, 2025 को डीमर्जर ऑर्डर को मंजूरी दी, जिसके बाद 6 नवंबर 2025 को सुधार आदेश जारी किया गया. यह कदम यूनिलीवर पीएलसी के अपने आइसक्रीम व्यवसाय को एक स्वतंत्र व्यवसाय में बदलने के वैश्विक निर्णय के अनुरूप है. HUL के बोर्ड ने 22 जनवरी, 2025 को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी, जिसमें कहा गया था कि आइसक्रीम वर्टिकल एक अलग व्यवसाय मॉडल, सप्लाई चेन की आवश्यकताओं और कैपिटल इंटेसिटी के साथ ऑपरेट होता है, जिसके लिए एक स्वतंत्र स्ट्रक्चर की आवश्यकता होती है.

शेयर रेश्यो

स्वीकृत योजना के तहत, HUL के शेयरधारकों को HUL के प्रत्येक फुली पेडअप शेयर के बदले KWIL में 1 रुपये वैल्यू का एक इक्विटी शेयर मिलेगा, जो 1:1 शेयर पात्रता रेस्यो को दर्शाता है. डीमर्जर योजना 1 दिसंबर 2025 को प्रभावी होगी.

रणनीतिक फोकस

न्यायाधिकरण ने कहा कि बिजनेस को अलग करने से HUL और नई यूनिट को रणनीतिक फोकस को और अधिक प्रभावी ढंग से केंद्रित करने, पूंजी का अधिक प्रभावी ढंग से आवंटन करने और लॉन्ग टर्म शेयरहोल्डर वैल्यू को अनलॉक करने में मदद मिलेगी. इस डीमर्जर से एक अलग लिस्टेड आइसक्रीम कंपनी बनेगी, जिसमें क्वालिटी वॉल्स, कॉर्नेटो और मैग्नम जैसे ब्रांड शामिल होंगे, जिसका अपना प्रबंधन और ग्रोथ का रोडमैप होगा.

कंपनी का वित्तीय प्रदर्शन

FMCG सेक्टर की इस दिग्गज कंपनी ने वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही में 2,685 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो एक साल पहले इसी तिमाही के 2,591 करोड़ रुपये से 3.6 फीसदी अधिक है. तिमाही के लिए कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) मुख्य रूप से 273 करोड़ रुपये के एकमुश्त असाधारण लाभ के कारण बढ़ा, जो यूके और भारतीय प्राधिकरणों के बीच पिछले वर्षों के कर मामलों के समाधान से जेनेरेट हुआ.

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