“डेटा सेंटर कैपिटल” बन रहा भारत का यह शहर, टाटा, अडानी से लेकर अंबानी तक कर रहे हैं अरबों डॉलर का निवेश
भारत में डिजिटल क्रांति अब नए चरण में पहुंच रही है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड और डेटा की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए देश की दिग्गज कंपनियां गीगावाट क्षमता वाले विशाल डेटा सेंटर बनाने की तैयारी में हैं. अडानी, रिलायंस, लोढ़ा और टीसीएस जैसे समूह इस रेस में आगे हैं, जो भारत को वैश्विक डिजिटल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकता है.
Data Centre Capital: भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर एक नए दौर में प्रवेश कर रहा है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड और डेटा की बढ़ती मांग को देखते हुए देश की बड़ी कंपनियां गीगावाट क्षमता वाले विशाल डेटा सेंटर बनाने की तैयारी में हैं. ये प्रोजेक्ट इतने बड़े पैमाने पर हैं कि आने वाले वर्षों में ये भारत की टेक्नोलॉजी रीढ़ (टेक बैकबोन) को पूरी तरह बदल सकते हैं. आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां इस बड़े निर्माण अभियान का नेतृत्व कर रही हैं और भारत के वे कौन से शहर हैं जो डेटा सेंटर कैपिटल बनने की राह पर आगे हैं.
हाइपरस्केलर डेटा सेंटर क्या होते हैं?
हाइपरस्केल डेटा सेंटर बाजार का सबसे बड़ा और उन्नत स्तर होता है. इसमें दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां जैसे Microsoft, Google, Amazon, Meta और Oracle लंबे समय के लिए बड़ी क्षमता (मेगावाट/गीगावाट) किराये पर लेती हैं. इन समझौतों के तहत या तो कंपनियां तैयार डेटा सेंटर किराये पर लेती हैं या डेवलपर उनकी जरूरत के हिसाब से खास डिजाइन वाला सेंटर बनाता है. इनका मकसद AI, क्लाउड और बड़े पैमाने पर डेटा प्रोसेसिंग की जरूरतों को पूरा करना होता है. इस राह में हैदराबाद सबसे आगे है. साथ ही विशाखापत्तनम, मुंबई, पुणे जैसे शहरों में भी डेटा सेंटर के क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं.
Adani Enterprises
Adani Enterprises ने डेटा सेंटर क्षेत्र में AdaniConneX के जरिए कदम रखा है. यह EdgeConneX के साथ 50:50 का ज्वाइंट वेंचर है. कंपनी विशाखापत्तनम में Google के साथ मिलकर AI-केंद्रित गीगावाट क्षमता वाला डेटा सेंटर कैंपस बना रही है. 2026 से 2030 के बीच इसमें लगभग 15 अरब डॉलर का निवेश होने की उम्मीद है. यह प्रोजेक्ट सबसी केबल और रिन्यूएबल एनर्जी से जुड़ा होगा. इसके अलावा कंपनी नोएडा, मुंबई, पुणे, हैदराबाद और चेन्नई में भी डेटा सेंटर विकसित कर रही है.
Reliance Industries
Reliance Industries ने डेटा सेंटर सेक्टर में Digital Connexion के जरिए प्रवेश किया है, जो Brookfield Corporation और Digital Realty के साथ ज्वाइंट वेंचर है. कंपनी विशाखापत्तनम में 1 गीगावाट AI-रेडी डेटा सेंटर बना रही है. इसके अलावा Jamnagar में भी 1 से 3 गीगावाट क्षमता वाला प्रोजेक्ट प्रस्तावित है. रिलायंस ने Nvidia के ब्लैकवेल AI प्रोसेसर हासिल किए हैं और 6 गीगावाट का सोलर प्रोजेक्ट भी शुरू किया है, जिससे ये डेटा सेंटर ग्रीन एनर्जी से चल सकें.
Lodha Developers
tradebrains की एक रिपोर्ट के अनुसार, Lodha Developers ने महाराष्ट्र में 2.5GW क्षमता का बड़ा डेटा सेंटर पार्क बनाने की योजना बनाई है. कंपनी ने World Economic Forum के डावोस कार्यक्रम में 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की. पलावा में बन रहे इस पार्क में लगभग 400 एकड़ जमीन होगी और 16,000 से ज्यादा रोजगार पैदा होने की उम्मीद है. यहां लगभग 3GW बिजली, ग्रीन एनर्जी और रोज 100 मिलियन लीटर रिसाइकल्ड पानी की सुविधा उपलब्ध होगी.
Tata Consultancy Services
Tata Consultancy Services ने अगले 5 से 7 साल में 1 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता बनाने की योजना बनाई है. tradebrains की एक रिपोर्ट के अनुसार, इसके लिए 6.5 अरब डॉलर से ज्यादा निवेश की जरूरत हो सकती है. TCS ने HyperVault नाम से नई सहायक कंपनी बनाई है और TPG के साथ साझेदारी की है. साथ ही कंपनी AMD के साथ मिलकर AI-रेडी डेटा सेंटर डिजाइन तैयार कर रही है, जो 200 मेगावाट तक की क्षमता को सपोर्ट कर सकता है.
