समृद्धि एक्सप्रेसवे की रफ्तार से बढ़ी कमाई, अब तक ₹2,660 करोड़ का टोल कलेक्शन; 1.55 करोड़ गाड़ियों ने किया सफर

महाराष्ट्र के नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे ने ट्रैफिक और टोल कलेक्शन में नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में इस एक्सप्रेसवे पर 1.55 करोड़ वाहनों ने सफर किया, जिससे 1,240.04 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ. अब तक कुल 3.44 करोड़ वाहन इस एक्सप्रेसवे का उपयोग कर चुके हैं और कुल 2,660 करोड़ रुपये का टोल राजस्व जुटाया गया है.

समृद्धि एक्सप्रेसवे Image Credit: tv9 bharatvarsh

Samruddhi Expressway Toll Collection: महाराष्ट्र के महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे ने ट्रैफिक और टोल कलेक्शन के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है. वित्त वर्ष 2025-26 में इस एक्सप्रेसवे पर कुल 1.55 करोड़ वाहनों ने सफर किया, जिससे 1,240.04 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ. यह पिछले वित्त वर्ष की तुलना में करीब 499.91 करोड़ रुपये ज्यादा है. महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MSRDC) के अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. 701 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर महाराष्ट्र के 10 जिलों से होकर गुजरता है और राज्य के दो प्रमुख शहरों नागपुर और मुंबई को तेज कनेक्टिविटी देता है. इस परियोजना को राज्य की आर्थिक प्रगति और लॉजिस्टिक सुधार के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है.

लगातार बढ़ रहा ट्रैफिक

पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, जब समृद्धि एक्सप्रेसवे आंशिक रूप से शुरू हुआ था, तब वित्त वर्ष 2022-23 के सिर्फ चार महीनों में 13.59 लाख वाहनों ने इसका उपयोग किया था और 106.41 करोड़ रुपये का टोल वसूला गया था. इसके बाद वित्त वर्ष 2023-24 में यह संख्या तेजी से बढ़कर 68.99 लाख वाहन तक पहुंच गई, जिससे 528.10 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ.

वित्त वर्ष 2024-25 में पहली बार इस एक्सप्रेसवे पर 1 करोड़ वाहनों का आंकड़ा पार हुआ था. उस दौरान कुल 740 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन दर्ज किया गया. अब वित्त वर्ष 2025-26 में न केवल वाहनों की संख्या बढ़कर 1.55 करोड़ पहुंच गई, बल्कि टोल कलेक्शन भी पहली बार 1,000 करोड़ रुपये के पार निकल गया.

अब तक कुल 3.44 करोड़ वाहनों ने किया इस्तेमाल

MSRDC के दस्तावेज के अनुसार, अब तक कुल 3.44 करोड़ वाहन इस एक्सप्रेसवे का उपयोग कर चुके हैं और उनसे कुल 2,660 करोड़ रुपये का टोल कलेक्शन हुआ है. यह आंकड़ा दिखाता है कि समृद्धि एक्सप्रेसवे धीरे-धीरे राज्य के सबसे व्यस्त और सबसे अधिक राजस्व देने वाले मार्गों में शामिल होता जा रहा है.

क्यों खास है समृद्धि एक्सप्रेसवे

नागपुर-मुंबई समृद्धि एक्सप्रेसवे को महाराष्ट्र का गेमचेंजर प्रोजेक्ट माना जाता है. इससे यात्रा का समय काफी कम हुआ है, माल ढुलाई तेज हुई है और राज्य के अंदरूनी क्षेत्रों को बड़े शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिली है. यह कॉरिडोर किसानों, उद्योगों, व्यापारियों और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए भी फायदेमंद साबित हो रहा है.

आगे और बढ़ सकता है ट्रैफिक

एक्सपर्ट्स का मानना है कि जैसे-जैसे औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी और लोग तेज यात्रा विकल्प अपनाएंगे, वैसे-वैसे इस एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक और टोल कलेक्शन दोनों में और बढ़ोतरी हो सकती है. आने वाले वर्षों में यह परियोजना महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था को और मजबूती देने में बड़ी भूमिका निभा सकती है.

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