India-EU FTA पर नहीं थमेंगे रिश्ते! अब समुद्री सुरक्षा, साइबर डिफेंस और स्टूडेंट-वर्कर मूवमेंट पर बनेगा नया फ्रेमवर्क

नई दिल्ली में इस हफ्ते कूटनीतिक हलचल तेज है. भारत और एक बड़े वैश्विक साझेदार के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है. व्यापार, रणनीति और लोगों की आवाजाही से जुड़े मुद्दों पर हुई हालिया गतिविधियां आने वाले दिनों में बड़े ऐलानों की जमीन तैयार कर रही हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदर ऑफ ऑल डील्स बताया है. Image Credit: PMO India

भारत और यूरोपीय संघ के रिश्तों में इस हफ्ते एक बड़ा मोड़ आने वाला है. सभी की नजरें India-EU FTA के ऐलान पर टिकीं है, लेकिन अब 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन से ठीक पहले केंद्र सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि दोनों पक्ष केवल व्यापार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सुरक्षा, रक्षा और लोगों की आवाजाही जैसे अहम क्षेत्रों में भी रिश्ते और मजबूत करेंगे.

FTA पर अंतिम ऐलान की तैयारी

27 जनवरी यानी मंगलवार को होने वाले शिखर सम्मेलन में भारत और European Union मुक्त व्यापार समझौते यानी FTA पर बातचीत पूरी होने की औपचारिक घोषणा करेंगे. हालांकि समझौते पर हस्ताक्षर कानूनी जांच यानी लीगल स्क्रबिंग के बाद होंगे. दोनों पक्ष पहले ही इसे एक ऐतिहासिक और अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता बता चुके हैं.

सुरक्षा-रक्षा सहयोग और मोबिलिटी फ्रेमवर्क भी एजेंडे में

खास बात यह है कि व्यापार के अलावा भारत और EU सुरक्षा व रक्षा साझेदारी को भी अंतिम रूप देने की दिशा में बढ़ रहे हैं. इसमें समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आतंकवाद से निपटने जैसे मुद्दे शामिल हैं. इसके साथ ही “सिक्योरिटी ऑफ इंफॉर्मेशन एग्रीमेंट” पर भी सहमति बनने की संभावना है, जिससे संवेदनशील जानकारियों का सुरक्षित आदान-प्रदान हो सकेगा.

दोनों पक्ष एक व्यापक मोबिलिटी फ्रेमवर्क को औपचारिक रूप देने जा रहे हैं. इसका मकसद छात्रों, शोधकर्ताओं, सीजनल वर्कर्स और उच्च कुशल पेशेवरों के लिए आवाजाही को आसान बनाना है. साथ ही रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने पर भी जोर रहेगा. इसी कड़ी में बिजनेस स्टैंडर्ड ने सरकारी सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट किया है कि शनिवार को केंद्रीय कैबिनेट ने भारत-EU के कुछ प्रस्तावित समझौतों को मंजूरी दे दी है.

दोनों देशों के नेताओं की मुलाकात

यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष António Costa और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष Ursula von der Leyen सप्ताहांत में नई दिल्ली पहुंचे. दोनों 77वें गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि हैं. यह EU नेतृत्व के लिए पहली बार है.

विदेश मंत्री S Jaishankar ने दोनों नेताओं से मुलाकात के बाद भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी बातचीत भारत-EU संबंधों में नया अध्याय खोलेगी. वहीं वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने EU के व्यापार आयुक्त मारोश शेफोविच से मुलाकात कर FTA पर हुई प्रगति को सकारात्मक बताया.

इस बीच वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने EU के व्यापार और आर्थिक सुरक्षा आयुक्त Maroš Šefčovič से मुलाकात की. बैठक के बाद गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि पिछले एक साल में दोनों पक्षों और उनकी टीमों के बीच लगातार और सकारात्मक बातचीत से किसी ठोस नतीजे के बेहद करीब पहुंचा गया है. उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय संघ भारत के लिए एक अहम आर्थिक और रणनीतिक साझेदार बना हुआ है.

वहीं शेफोविच ने भारत में मौजूदगी को सुखद बताते हुए कहा कि मंत्री गोयल के साथ यह उनकी दसवीं बैठक है और FTA वार्ताएं अब अपने अंतिम चरण में हैं. उन्होंने लिखा कि बीता साल बेहद गहन रहा और यह उनकी सबसे सक्रिय व्यापारिक बातचीत में से एक रही, जो इस समझौते के महत्व को दिखाती है. मालूम हो कि भारतीय नेताओं ने यूरोपिय युनियन से हो रही इस डील को ‘Mother of all deal’ करार किया है.

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