देश के विदेशी मुद्रा भंडार में दमदार इजाफा, 700 अरब डॉलर के पार; गोल्ड रिजर्व में भी हुई बढ़ोतरी
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर 700 अरब डॉलर के पार पहुंच गया है. RBI के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फॉरेक्स रिजर्व में 3.8 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई, जिसमें सबसे बड़ा योगदान फॉरेन करेंसी एसेट्स और गोल्ड रिजर्व का रहा.

Forex Reserve Data RBI: भारत के विदेशी मुद्रा भंडार यानी Forex Reserves में एक बार फिर मजबूत उछाल देखने को मिला है, जो देश की आर्थिक स्थिति के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 10 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का फॉरेक्स रिजर्व 3.825 अरब डॉलर बढ़कर 700.946 अरब डॉलर तक पहुंच गया. इस बढ़त के साथ भारत ने एक बार फिर 700 अरब डॉलर के अहम स्तर को पार कर लिया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक मजबूती और स्थिरता को दर्शाता है.
बना है तेजी का ट्रेंड
इससे ठीक पहले वाले सप्ताह, यानी 3 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई थी. उस दौरान रिजर्व 9.063 अरब डॉलर बढ़कर 697.121 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. हालांकि, इससे पहले फरवरी के आखिरी सप्ताह में भारत का फॉरेक्स रिजर्व अपने अब तक के उच्चतम स्तर 728.494 अरब डॉलर तक पहुंच गया था. लेकिन इसके बाद मिडिल ईस्ट में बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन के चलते वैश्विक बाजारों में अस्थिरता आई और इसका असर भारतीय मुद्रा पर भी पड़ा. रुपये पर दबाव बढ़ने की स्थिति में आरबीआई को डॉलर बेचकर हस्तक्षेप करना पड़ा, जिसके कारण कुछ हफ्तों तक विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट देखी गई थी.
FCA की सबसे ज्यादा हिस्सेदारी
अगर ताजा आंकड़ों का विश्लेषण करें, तो विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा योगदान फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) का रहा है. यह रिजर्व का सबसे बड़ा हिस्सा होता है और इसमें 3.127 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका कुल स्तर 555.983 अरब डॉलर तक पहुंच गया. FCA में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और जापानी येन जैसी अन्य प्रमुख मुद्राएं भी शामिल होती हैं, इसलिए इन मुद्राओं में होने वाले उतार-चढ़ाव का असर भी इस आंकड़े पर पड़ता है.
गोल्ड रिजर्व भी बढ़ा
इसके अलावा, भारत के गोल्ड रिजर्व में भी इजाफा देखने को मिला है. रिपोर्ट के मुताबिक, सोने के भंडार का मूल्य 601 मिलियन डॉलर बढ़कर 121.343 अरब डॉलर हो गया. यह इस बात का संकेत है कि वैश्विक अस्थिरता के दौर में सोना अब भी एक सुरक्षित निवेश के रूप में महत्वपूर्ण बना हुआ है और केंद्रीय बैंक भी इसे अपने रिजर्व का अहम हिस्सा बनाए हुए हैं.
SDRs भी बढ़ा
अन्य घटकों पर नजर डालें तो स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDRs) में 56 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह 18.763 अरब डॉलर पर पहुंच गया. SDRs अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा जारी एक अंतरराष्ट्रीय रिजर्व एसेट होता है, जिसका इस्तेमाल सदस्य देशों की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाता है. वहीं, IMF के साथ भारत की रिजर्व पोजिशन भी 41 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.857 अरब डॉलर हो गई है.
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