अक्षय तृतीया पर सोना खरीदने से पहले हो जाएं सावधान! ठग ने खजाने का झांसा देकर उड़ा दिए 2.5 करोड़ और 50 तोला गोल्ड
यह मामला सिर्फ एक ठगी नहीं, बल्कि लालच और भरोसे के खतरनाक मेल का उदाहरण है. ऐसे में अक्षय तृतीया जैसे मौके पर जब सोना खरीदने का चलन बढ़ जाता है, तो लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है. किसी भी अनजान व्यक्ति के सस्ते सौदे के झांसे में आने से पहले उसकी पूरी जांच करना बेहद जरूरी है, वरना एक छोटी सी गलती भारी नुकसान में बदल सकती है.
Akshaya Tritiya gold fraud alert: अक्षय तृतीया जैसे शुभ मौके पर जब लोग सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, उसी बीच गुरुग्राम से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां पुलिस ने एक ऐसे शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जो सालों से नकली सोने-चांदी के सिक्कों के जरिए अमीर लोगों को अपना शिकार बना रहा था. इस गिरोह का तरीका इतना चालाक था कि लोग लालच और भरोसे के जाल में फंसकर करोड़ों रुपये गंवा बैठते थे.
कैसे रचा जाता था पूरा खेल?
‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ (TOI) के अनुसार, आरोपी सोलंकी प्रभुभाई गुलशनभाई उर्फ कल्पेश खुद को एक गरीब मजदूर बताकर लोगों के पास पहुंचता था. वह दावा करता था कि खुदाई या निर्माण कार्य के दौरान उसे “खजाना” मिला है, जिसमें सोने और चांदी के सिक्के शामिल हैं.
इसके बाद वह बेहद सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम देता था. पहले कुछ असली सिक्के दिखाकर पीड़ित का भरोसा जीतता, फिर बड़े सौदे का लालच देता. जब पीड़ित पूरी तरह भरोसा कर लेता, तब उसे भारी मात्रा में नकली सिक्के, जो असल में पीतल या सोने की परत चढ़े तांबे के होते थे बेच देता था.
2.5 करोड़ रुपये और 50 तोला सोना गंवाया
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने गुरुग्राम के एक एक्सपोर्टर को अपना शिकार बनाया. फरवरी में पचगांव चौक के पास जब उसकी कार खराब हुई, तभी आरोपी उससे मिला और अपनी कहानी सुनाई. पीड़ित को इतना भरोसा हो गया कि उसने लगभग 2.5 करोड़ रुपये और 50 तोला सोना इस सौदे में लगा दिया. बाद में जब सिक्कों की सच्चाई सामने आई, तो वह ठगी का शिकार हो चुका था.
पैसे जुटाने के लिए उठाये कई कदम
पीड़ित ने इस “फायदे के सौदे” में निवेश करने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों से भारी रकम उधार ली. इतना ही नहीं, उसने अपने परिवार के गहने तक बेच दिए, क्योंकि उसे यकीन था कि उसे बड़ा मुनाफा होगा. आखिरी सौदा उसके सुषांत लोक स्थित घर पर हुआ, जिसके बाद आरोपी फरार हो गया.
हाई-प्रोफाइल लोगों को बनाता था निशाना
जांच में सामने आया कि यह गिरोह खासतौर पर लग्जरी कार मालिकों को निशाना बनाता था, खासकर वे लोग जो हाईवे पर किसी वजह से फंसे हों. आरोपी पहले इलाके की रेकी करता था और फिर मजदूर या मशीन ऑपरेटर बनकर संपर्क करता था. वह सोने की कीमत 25 से 30 लाख रुपये प्रति किलो बताकर लोगों को लालच देता था, ताकि उन्हें लगे कि यह सौदा बेहद फायदेमंद है.
इसे भी पढ़ें- Gold-Silver Price: चांदी में आई ₹5700 की गिरावट, सोना भी ₹1600 फिसला; जानें कहां पहुंची कीमतें
गुरुग्राम पुलिस ने ऐसे किया खुलासा
इस पूरे मामले का खुलासा गुरुग्राम पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने किया, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर नरेंद्र शर्मा कर रहे थे.
पुलिस ने आरोपी कल्पेश और उसके ड्राइवर को वडोदरा से गिरफ्तार किया, जबकि दो अन्य आरोपियों को गुजरात से पकड़ा गया. जांच में एक जौहरी की भूमिका भी सामने आई, जो नकली सिक्के बनाने में मदद करता था. आरोपी पिछले करीब 25 साल से अलग-अलग राज्यों में इस तरह की ठगी कर रहा था.
ठगी के पैसों से खड़ी की संपत्ति
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने ठगी के पैसों से कई बड़ी संपत्तियां खड़ी कीं. बताया जा रहा है कि आरोपी की चार पत्नियां हैं और उसके खिलाफ गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान में कई मामले दर्ज हैं.
बरामदगी और आगे की जांच
अब तक पुलिस ने इस मामले में 2.3 करोड़ रुपये नकद और 678 ग्राम सोना बरामद किया है. गिरोह से जुड़ी दो महिलाएं फिलहाल कोटा जेल में बंद हैं, जिन्हें पूछताछ के लिए लाया जाएगा. साथ ही आयकर विभाग भी इस मामले की जांच में शामिल हो सकता है.
Latest Stories
देश के विदेशी मुद्रा भंडार में दमदार इजाफा, 700 अरब डॉलर के पार; गोल्ड रिजर्व में भी हुई बढ़ोतरी
JFSL Q4 Result: प्रॉफिट सालाना आधार पर 14 फीसदी गिरकर 272 करोड़ पर आया, ₹0.60 का डिविडेंड घोषित
Gold-Silver Price: चांदी में आई ₹5700 की गिरावट, सोना भी ₹1600 फिसला; जानें कहां पहुंची कीमतें
