भारत में एयरबस A320 फैमिली के 350 एयरक्राफ्ट, Air India-Indigo ने यात्रियों से कही ये बात; कैंसिल होंगी फ्लाइट्स?

भारत दुनिया के सबसे बड़े A320 फ्लीट में से एक चलाता है, जिसमें इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप मिलकर इस कैटेगरी में 350 से ज्यादा एयरक्राफ्ट इस्तेमाल करते हैं. एयरबस के निर्देश पर अपडेट देते हुए एयरलाइन ने कहा, 'हमने अपने 40 फीसदी से ज्यादा एयरक्राफ्ट को रीसेट कर दिया है.

भारत दुनिया के सबसे बड़े A320 फ्लीट में से एक चलाता है. Image Credit: Getty image

एयर इंडिया ने शनिवार को कहा कि दुनियाभर में A320 फैमिली एयरक्राफ्ट पर जरूरी सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर रीअलाइनमेंट के लिए EASA और एयरबस के निर्देशों की वजह से कोई भी फ्लाइट कैंसिल नहीं हुई है. एयरलाइन ने कहा कि हमारे पूरे नेटवर्क में शेड्यूल पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. हालांकि, हमारी कुछ फ्लाइट्स में थोड़ी देरी हो सकती है या उन्हें रीशेड्यूल किया जा सकता है. हमारे साथी यात्रियों की मदद के लिए मौजूद हैं.

एयरबस के निर्देश पर अपडेट देते हुए एयरलाइन ने कहा, ‘हमने अपने 40 फीसदी से ज्यादा एयरक्राफ्ट को रीसेट कर दिया है, जिन पर इसका असर पड़ा है और हमें भरोसा है कि हम EASA द्वारा तय टाइमलाइन के अंदर पूरे फ्लीट को कवर कर लेंगे.

एयरबस ने क्यों लिया फैसला?

एयरबस ने यह अलर्ट 30 अक्टूबर 2025 को कैनकन से नेवार्क के लिए उड़ान भरने वाले जेटब्लू A320 से जुड़ी एक हालिया घटना के बाद जारी किया. एयरक्राफ्ट अचानक पायलट के इनपुट के बिना नीचे की ओर झुक गया. नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड ने बताया कि अचानक नीचे की तरफ झुकाव शायद ELAC स्विच चेंज के दौरान हुआ, जिसका मतलब एलिवेटर और एलेरॉन फंक्शन के लिए जिम्मेदार इलेक्ट्रॉनिक फ्लाइट कंट्रोल कंप्यूटर से था. एयरक्राफ्ट को टैम्पा की ओर मोड़ दिया गया और कुछ यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया.

तेज सोलर रेडिएशन का असर

उस घटना के बाद एयरबस ने पाया कि तेज सोलर रेडिएशन कुछ A320 फैमिली एयरक्राफ्ट पर फ्लाइट-कंट्रोल से जुड़ा डेटा खराब कर सकता है. कंपनी ने कहा कि उसने तुरंत सावधानी से जांच शुरू करने के लिए रेगुलेटर्स के साथ काम किया. यूरोपियन यूनियन एविएशन सेफ्टी एजेंसी ने एक इमरजेंसी एयरवर्दीनेस डायरेक्टिव जारी किया, जिसमें कहा गया कि अगर खराबी को ठीक नहीं किया गया, तो एलिवेटर बिना कमांड के चल सकता है.

खराब हो सकता है जरूरी डेटा

एयरबस ने अपने बयान में कहा, ‘A320 फ़ैमिली एयरक्राफ्ट से जुड़ी हाल की एक घटना के एनालिसिस से पता चला है कि तेज सोलर रेडिएशन फ्लाइट कंट्रोल के काम करने के लिए जरूरी डेटा को खराब कर सकता है. एयरबस ने एविएशन अधिकारियों के साथ मिलकर ऑपरेटरों से तुरंत सावधानी बरतने का अनुरोध किया है और यह सुनिश्चित किया है कि फ्लीट उड़ने के लिए सुरक्षित हैं.

भारत में भी बड़ा फ्लीट

भारत दुनिया के सबसे बड़े A320 फ्लीट में से एक चलाता है, जिसमें इंडिगो और एयर इंडिया ग्रुप मिलकर इस कैटेगरी में 350 से ज्यादा एयरक्राफ्ट इस्तेमाल करते हैं. अपडेट में दो से तीन दिन लगेंगे और एयरलाइंस को उम्मीद है कि सोमवार या मंगलवार तक फ्लाइट्स नॉर्मल शेड्यूल पर वापस आ जाएंगी. इंडिगो के पास लगभग 350 A320 फैमिली एयरक्राफ्ट हैं, जिनमें से ज्यादातर नए वेरिएंट हैं जिन्हें सिर्फ तेज सॉफ्टवेयर प्रोसेस की जरूरत होती है.

वीकेंड तक लगभग 250 एयरक्राफ्ट के अपडेट होने की उम्मीद है. एयर इंडिया, जिसके पास लगभग 120-125 A320 फैमिली एयरक्राफ्ट हैं, को उम्मीद है कि 100 से अधिक एयरक्राफ्ट जरूरी रीसेट से गुजरेंगे. दोनों एयरलाइन ने संभावित देरी को मानते हुए पब्लिक एडवाइजरी जारी की है.

इंडिगो ने कहा, ‘सेफ्टी सबसे पहले आती है. हमेशा एयरबस ने ग्लोबल A320 फ्लीट के लिए एक टेक्निकल एडवाइजरी जारी की है. हम अपने एयरक्राफ्ट पर जरूरी अपडेट्स को पूरी मेहनत और सावधानी से, सभी सेफ्टी प्रोटोकॉल के हिसाब से पूरा कर रहे हैं.’

इन बातों का ध्यान रखें पैसेंजर

एयर इंडिया ने यात्रियों को एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले फ्लाइट का स्टेटस चेक करने की सलाह दी और मदद के लिए कॉन्टैक्ट सेंटर नंबर दिए. इंडिगो ने कहा कि उसकी टीमें रीबुकिंग में मदद करने और अपडेट देने के लिए “24×7” काम कर रही हैं. दुनियाभर में लगभग 6,000 A320 फैमिली एयरक्राफ्ट इसी प्रोसेस से गुजरेंगे, जिससे यह किसी कमर्शियल एयरक्राफ्ट टाइप के लिए सबसे बड़े कोऑर्डिनेटेड टेक्निकल रीसेट में से एक बन जाएगा.

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