भारत के 8 LPG टैंकर होर्मुज में फंसे, सरकार ने दिया दखल, जल्द साफ हो सकता है रास्ता, बढ़ेगी गैस सप्लाई

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारत के 8 LPG टैंकर फंस गए हैं, जिनकी सुरक्षित आवाजाही के लिए सरकार ईरान से लगातार बातचीत कर रही है . इसके साथ ही करीब 28 भारतीय झंडे वाले व्यापारिक जहाज और सैकड़ों भारतीय क्रू मेंबर के भी सुरक्षित वापसी की कोशिश की जा रही है. उम्‍मीद है कि जल्‍द ही इस पर बात बन सकती है.

indian LPG tanker in hormuz Image Credit: money9 live

LPG Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ने लगा है. जिसके चलते देश में LPG को लेकर संकट खड़ा हो गया है. कमर्शियल सिलेंडर की सप्‍लाई बाधित होने के चलते जहां रेस्‍त्रां और होटल बिजनेस ठप हो चुका है. वहीं घरेलू सिलेंडरों की कालाबाजारी से लोगों की दिक्‍कतें बढ़ गई हैं. मगर LPG सप्‍लाई की इसी दिक्‍क्‍त को दूर करने के मकसद से भारत सरकार ने ईरान के साथ बातचीत तेज कर दी है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सैन्य गतिविधियों और संघर्ष के चलते शिपिंग प्रभावित हुई है. सीएनएन न्‍यूज 18 ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि होर्मुज में में भारत के 8 LPG टैंकर फंसे हुए हैं. इसका रास्‍ता साफ करने के लिए भारत सरकार ईरान के साथ लगातार बातचीत कर रही है. भारत स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है और तेहरान के साथ संपर्क में है ताकि होर्मुज के पास फंसे जहाज सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ सकें. रिपोर्ट के मुताबिक विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री अब्‍बास अराग्‍ची से कई बार बातचीत की है. इस दौरान शिपिंग सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति प्रमुख मुद्दे रहे.

LPG टैंकरों को मंजूरी का इंतजार

सूत्रों के मुताबिक फिलहाल 8 LPG टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास फंसे हुए हैं और उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति का इंतजार है. भारतीय अधिकारी ईरान के अधिकारियों के साथ संपर्क में हैं ताकि इन जहाजों को सुरक्षित रास्ता मिल सके. रिपोर्ट के अनुसार, भारत 8 LPG टैंकरों के अलावा करीब 28 भारतीय झंडे वाले व्यापारिक जहाजों के सुरक्षित मार्ग को लेकर भी ईरान से बातचीत कर रहा है.

रिपोर्ट के मुताबिक शिपिंग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्‍हा का कहना है कि अधिकारियों की निगरानी में वो सभी जहाज हैं जो होर्मुज के पास हैं. इनमें 24 भारतीय जहाज स्ट्रेट के पश्चिम में हैं, जिनमें 677 भारतीय क्रू मेंबर सवार हैं. जबकि 4 जहाज पूर्वी हिस्से में हैं, जिनमें 101 भारतीय नाविक मौजूद हैं. इसके अलावा कुछ विदेशी झंडे वाले जहाजों में भी 78 भारतीय क्रू मेंबर सवार बताए गए हैं.

250 ईरानी नाविक की वापसी की कोशिश

LPG की सप्‍लाई बहाल करने के अलावा भारतीय प्रशासन देश में इस समय मौजूद करीब 250 ईरानी नाविक की सुरक्षा को लेकर भी प्रयासरत है. ये नाविक अपने देश लौटने का इंतजार कर रहे हैं. भारतीय प्रशासन ने उन्हें अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया है और उनकी सुरक्षित वापसी की व्यवस्था की जा रही है.

यह भी पढ़ें: ₹11 से ₹1200 के पार पहुंचा यह शेयर, 5 साल में 10,800% से ज्यादा का दिया रिटर्न, एक लाख के बने 1.09 करोड़

LPG के लिए आयात पर निर्भर

भारत अपनी LPG जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है. देश की कुल मांग का करीब 60 से 67 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आता है. इनमें से बड़ी मात्रा सऊदी अरब और कतर जैसे खाड़ी देशों से आती है और इन जहाजों को आमतौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजरना पड़ता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्गों में से एक है. यहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है. अगर इस मार्ग में लंबी बाधा आती है तो भारत में LPG की सप्लाई चेन प्रभावित हो सकती है.

समुद्री हमलों से बढ़ी चिंता

हाल के दिनों में पर्शियन गल्फ में कई टैंकर और कार्गो जहाजों पर हमले हुए हैं. इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है, एक व्यक्ति लापता बताया जा रहा है और कई लोग घायल हुए हैं. भारत ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि व्यापारिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाना बेहद चिंताजनक है .