8 जुलाई तक हो सकता है अमेरिका के साथ अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट, 26 फीसदी टैरिफ से छूट चाहता है भारत

India-US Trade Agreement: अमेरिका ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26 फीसदी जवाबी शुल्क लगाया था. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व्यापार समझौते पर वार्ता को गति देने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका दौरे पर पहुंचे थे.

डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा राष्ट्रपति बनने के बाद भारत और अमेरिका के एनर्जी ट्रेड में तेजी आई है. Image Credit: Money9live

India-US Trade Agreement: भारत और अमेरिका आठ जुलाई से पहले एक अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा कर सकते हैं, जिसमें भारत ने घरेलू उत्पादों पर अतिरिक्त 26 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ से पूरी छूट की मांग रखी है. एक सरकारी अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी. अमेरिका ने दो अप्रैल को भारतीय वस्तुओं पर अतिरिक्त 26 फीसदी जवाबी शुल्क लगाया था. हालांकि, कुछ दिन बाद ही इसे तीन महीने के लिए यानी 9 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया था. हालांकि, अमेरिका द्वारा लगाया गया 10 फीसदी का बेसलाइन शुल्क लागू है.

भारत की कोशिश

अधिकारी ने कहा कि अपने संवेदनशील सेक्टर्स की रक्षा के लिए भारत का प्रयास है कि अंतरिम व्यापार समझौते में कुछ कोटा या मिनिमम इंपोर्ट प्राइस (MIP) को शामिल किया जाए. ऐसे सेक्टर्स में कृषि उत्पाद और डेयरी शामिल हैं. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल व्यापार समझौते पर वार्ता को गति देने के लिए इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका दौरे पर पहुंचे थे. उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमिसन ग्रीर और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक के साथ बैठकें कीं.

26 फीसदी अतिरिक्त शुल्क नहीं चाहता भारत

अधिकारी ने कहा कि एग्रीमेंट पर बातचीत सकारात्मक रूप से आगे बढ़ रही है. हम समझौते के पहले चरण से पूर्व एक अंतरिम समझौते को आठ जुलाई से पहले पूरा करने पर विचार कर रहे हैं. इसमें सामान, गैर-शुल्क बाधाएं, डिजिटल सेवाओं के कुछ क्षेत्र भी शामिल होंगे. हम कोशिश कर रहे हैं कि भारत के लिए 26 फीसदी अतिरिक्त शुल्क और 10 फीसदी बेसलाइन शुल्क न हो.

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत कपड़ा और चमड़ा जैसे अपने श्रम-प्रधान क्षेत्रों के लिए भी अमेरिकी प्रशासन से रियायतों की मांग कर रहा है. हालांकि, ट्रंप प्रशासन को सीमा शुल्क की दरें ‘सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र’ (MFN) के लिए निर्धारित दरों से नीचे लाने के लिए अमेरिकी कांग्रेस से अनुमोदन की जरूरत होगी. लेकिन अमेरिकी प्रशासन के पास भारत सहित कई देशों पर लगाए गए जवाबी सीमा शुल्क को हटाने का अधिकार है.

पहला चरण पूरा करने का प्रयास

भारत प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण इस साल सितंबर-अक्टूबर तक पूरा करना चाहता है. वह इसमें अपने श्रम-प्रधान क्षेत्र के लिए शुल्क रियायतों पर अमेरिका से कुछ प्रतिबद्धताओं की मांग कर सकता है. दोनों देशों ने वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना से अधिक बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए BTA को काफी अहम माना जा रहा है.

मंत्रिस्तरीय बैठकें

भारत और अमेरिका के बीच मंत्रिस्तरीय बैठकों के बाद मुख्य वार्ताकारों के बीच विचार-विमर्श शुरू हुआ, जो 22 मई तक जारी रहेगा. दोनों देशों के अधिकारी चाहते हैं कि उच्च सीमा शुल्क पर 90 दिन के लिए लगाई गई रोक की अवधि पूरा होने के लिए एक अंतरिम समझौता हो जाए.

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