वॉरेन बफेट की वो सीख, जिसे मेलिंडा गेट्स करती हैं आज भी फॉलो
बिल गेट्स की पूर्व पत्नी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स अपनी नई किताब ‘द नेक्स्ट डे’ को लेकर सुर्खियों में हैं. इस संस्मरण में उन्होंने तलाक के बाद जीवन की नई राह, वॉरेन बफेट से मिली सीख और ‘क्लियरिंग’ जैसे अनुभव साझा किए हैं. जो बदलावों के बीच जीने की प्रेरणा देते हैं.
बिल गेट्स की पूर्व पत्नी और मशहूर समाजसेवी मेलिंडा फ्रेंच गेट्स इन दिनों अपनी नई किताब ‘The Next Day’ को लेकर चर्चा में हैं. इस संस्मरण के जरिए उन्होंने न सिर्फ अपने जीवन के उतार-चढ़ाव को साझा किया है, बल्कि यह भी बताया है कि मुश्किल दौर में उन्होंने किस तरह रास्ता बनाया और क्या सीख हासिल की. किताब इसी महीने रिलीज होने जा रही है और इसके प्रचार के लिए मेलिंडा लगातार इंटरव्यू दे रही हैं.
वॉरेन बफेट की दी हुई सीख
वॉल स्ट्रीट जर्नल से बातचीत में मेलिंडा ने बताया कि वह अक्सर अपने करीबी लोगों की कही बातों को लिखकर रखती हैं ताकि कठिन समय में उन्हें याद कर सकें. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह अपने सोशल वर्क को लेकर खुद पर सख्त हो जाती हैं, तो उन्हें वॉरेन बफेट की कही बात याद आती है. बफेट ने उनसे कहा था- “आप उन्हीं समस्याओं पर काम कर रही हैं जिन्हें समाज ने पीछे छोड़ दिया, और ऐसा इसलिए क्योंकि वे कठिन हैं. इसलिए अपने ऊपर इतना कठोर मत बनिए.”
अपनी किताब में मेलिंडा ने जीवन के बदलावों के बीच रुककर सोचने और सीखने की अहमियत पर जोर दिया है. उन्होंने इस दौर को ‘क्लियरिंग’ नाम दिया है. उनका कहना है कि जब कोई अध्याय खत्म होता है और नया शुरू नहीं हुआ होता, तो यह बीच का समय आत्ममंथन के लिए बेहद जरूरी होता है.
नई राह पर मेलिंडा गेट्स
मेलिंडा गेट्स ने 1996 में माइक्रोसॉफ्ट छोड़ने के बाद पारिवारिक जीवन पर ध्यान दिया, लेकिन साल 2000 में बिल गेट्स के साथ मिलकर गेट्स फाउंडेशन की स्थापना की. 2021 में तलाक के बाद उन्होंने अपने लिए एक नई राह चुनी. अब वह सिएटल में रहती हैं और पिवोटल वेंचर्स नामक संस्था चला रही हैं, जो परोपकार और वेंचर कैपिटल को जोड़कर महिलाओं के अधिकारों को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है.
मेलिंडा का यह संस्मरण न सिर्फ उनके निजी सफर की झलक देता है बल्कि उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है जो जीवन में बदलावों के बीच संतुलन खोज रहे हैं.