छोटे निवेश से बन सकते हैं करोड़पति? जानें क्या है वॉरेन बफेट के इन्वेस्टमेंट रूल्स

अक्सर हम सोचते हैं कि क्या कम पैसे में भी निवेश कर इन्वेस्टमेंट की दुनिया में सफल हो सकते हैं. तो चलिए जानते हैं दुनिया के सबसे सफल निवेशक वॉरेन बफेट से इस सवाल का जवाब. साथ ही जानें उन्होंने अपने जीवन में सबसे पहले निवेश कब किया था. इसके अलावा बफेट के हिसाब से इन्वेस्टमेंट के क्या नियम हैं.

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Warren Buffett Investment tips: इन्वेस्टमेंट की दुनिया के कुछ ही लोग ऐसे हैं जिन्होंने लीजेंड का दर्जा पाया है. वॉरेन बफेट उनमें से एक हैं. 94 साल के इस निवेशक ने न सिर्फ खुद की किस्मत बदली, बल्कि दूसरों को निवेश की कला भी सिखाया है. बफेट के लिखे शेयरहोल्डर लेटर और इंटरव्यू आज भी लाखों लोगों के लिए निवेश की दिशा तय करते हैं. ऐसे में सवाल यह है कि क्या बफेट की निवेश शैली उन लोगों के लिए भी काम कर सकती है जो बहुत कम पैसे से शुरुआत करना चाहते हैं. इस सवाल के जवाब के लिए चलिए जानते हैं उन्होंने अपने जीवन में निवेश की दुनिया में पहला कदम कब रखा और कितने रुपये के निवेश से शुरुआत किया साथ ही शुरुआती निवेशकों के लिए बफेट ने क्या टिप्स दिए हैं.

बफेट की पहली निवेश कहानी

वॉरेन बफेट आज अरबों डॉलर के मालिक हैं, लेकिन उनकी शुरुआत भी बहुत छोटे निवेश से हुई थी. 11 साल की उम्र में उन्होंने पहली बार 1942 में शेयर खरीदा. वह था सिटीज सर्विस प्रेफर्ड का शेयर, जिसकी कीमत उस समय 38 डॉलर प्रति शेयर थी. इस शुरुआत ने उन्हें जीवनभर के लिए निवेश का सबक दिया. जिसके बाद बफेट के अंदर एक विश्वास जगा कि जब आपके पास निवेश के लिए कम पूंजी हो, तो मौके ज्यादा होते हैं. उस कंडीशन में आप ज्यादा रिस्क ले सकते हैं और छोटी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं जिनमें तेजी से ग्रोथ की संभावना रहती है. उनका कहना है, “छोटे पैसे से निवेश करना एक बड़ा फायदा है, हालांकि आप मेहनत करने को तैयार हों. बफेट रोजाना 500 से ज्यादा पेज पढ़ते हैं. उनकी पसंदीदा किताबों में बेंजामिन ग्राहम की The Intelligent Investor और जॉन केनेथ गालब्रेथ की The Great Crash of 1929 हैं. वे मानते हैं कि पढ़ाई और रिसर्च से ही निवेशक सही फैसले ले सकते हैं.

शुरुआती निवेशकों के लिए बफेट के टिप्स

बफेट के हिसाब से क्या हैं इन्वेस्टमेंट के नियम

क्यों जरूरी है इक्विटी में निवेश

वैसे तो भारतीय निवेशक अक्सर फिक्स्ड डिपॉजिट और पेंशन योजनाओं को सुरक्षित मानते हैं. क्योंकि वे मानते हैं कि इनमें रिस्क कम है. लेकिन बफेट का कहना है कि ये सेविंग के लिए ठीक हैं, लेकिन लंबे समय में संपत्ति बनाने के लिए इक्विटी निवेश जरूरी है. खासकर इंडेक्स फंड महंगाई को मात देने में मदद करते हैं. बफेट की सबसे बड़ी ताकत कंपाउंडिंग है. उनका कहना है, मेरी जिंदगी कंपाउंड इंटरेस्ट का नतीजा है. छोटी रकम से शुरू करके लंबे समय तक निवेश बनाए रखने से पैसा तेजी से बढ़ सकता है. इसके अलावा बफेट मानते हैं कि उनके निवेश के सफर में भी कई गलत फैसले हुए, लेकिन उन्होंने उनसे सीखा और आगे बढ़ते रहे. शुरुआती निवेशकों को भी यह समझना चाहिए कि गलती होना सामान्य है, लेकिन उससे सीखना जरूरी है.

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